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समायोजन रद्द, सड़कों पर उतरे समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र
Updated Thu, 27 Jul 2017 02:02 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्रों को करारा झटका लगा है। फैसले से नाराज शिक्षामित्रों ने बुधवार को कलक्ट्रेट गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने समायोजन के बहाली के लिए राज्य सरकार से फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की है। वहीं, आक्रोशित शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी प्रशासन को सौंपा।
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ और आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त बैनर तले बुधवार को भारी संख्या में समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सूबे में एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों के सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा ह्रो जाएगा। धरना प्रदर्शन के बाद दोनों संगठन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी प्रशासन महमूद आलम अंसारी को सौंपा। इसके माध्यम से उन्होंने मांग की योगी सरकार सर्वोच्च न्यायालय में पुर्नविचार याचिका जल्द से जल्द दाखिल करे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा, फारुक अहमद मंसूरी, रामवीर सिंह, देशराज सिंह, सुधीर पोसवाल, मोहम्मद असलम, विवेक त्यागी, सचिन आदि मौजूद रहे।
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अमरोहा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्रों को करारा झटका लगा है। फैसले से नाराज शिक्षामित्रों ने बुधवार को कलक्ट्रेट गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने समायोजन के बहाली के लिए राज्य सरकार से फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की है। वहीं, आक्रोशित शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी प्रशासन को सौंपा।
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ और आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त बैनर तले बुधवार को भारी संख्या में समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सूबे में एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों के सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा ह्रो जाएगा। धरना प्रदर्शन के बाद दोनों संगठन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी प्रशासन महमूद आलम अंसारी को सौंपा। इसके माध्यम से उन्होंने मांग की योगी सरकार सर्वोच्च न्यायालय में पुर्नविचार याचिका जल्द से जल्द दाखिल करे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा, फारुक अहमद मंसूरी, रामवीर सिंह, देशराज सिंह, सुधीर पोसवाल, मोहम्मद असलम, विवेक त्यागी, सचिन आदि मौजूद रहे।
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