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फसल जलने पर भी किसानों को मिलता है मुआवजा
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फसल जलने पर किसानों को मिलता है मुआवजा
बिजनौर। आग से गेहूं और अन्य अनाज की फसल जलने पर भी किसानों को मुआवजा मिलता है। लेकिन किसानों को इसकी जानकारी ही नहीं है। हर साल गेहूं सहित अन्य फसल जलने के बाद भी किसान मुआवजे के लिए कृषि उत्पादन मंडी समिति मंडी समिति कार्यालय में आवेदन नहीं करते हैं।
खेतों में गेहूं की फसल कटने के लिए तैयार खड़ी है, इस मौसम में अग्निकांडों की बाढ़ सी आ जाती है। खेतों में खड़ी फसल तक आग की चपेट में आकर खत्म हो जाती है। सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल को हो रहा है। गेहूं की फसल जलने पर किसानों को कृषि उत्पादन मंडी समिति की ओर से मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। खलिहान अग्नि दुर्घटना सहायता योजना के अंतर्गत 2.5 एकड़ से कम भूमि वाले किसान को 15 हजार, 2.5 एकड़ पांच एकड़ तक भूमि वाले किसान को 20 हजार, पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसान को 30 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जा सकता है। मुआवजा किसान को उसकी फसल के नुकसान के आधार पर दिया जाता है। अधिक नुकसान होने पर किसान को एक लाख से अधिक का मुआवजा तक दिया जा सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान को फसल में आग लगने पर 15 दिन के अंदर संबंधित कृषि उत्पादन मंडी समिति कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र जमा करना होता है। विभाग की योजना में गेहूं, धान, मक्का, बाजरा, मूंग, मसूर, राई आदि अनाज वाली फसलें शामिल हैं। गन्ने को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
अग्निकांड से ऐसे करें बचाव
खेतों में कटी फसल को बिजली की तारों के नीचे इकट्ठा न करें। खेत में काम करते समय बीड़ी आदि न पीएं। गेहूं की फसल को दो तीन जगह इकट्ठा करें। बिजनौर कृषि उत्पादन मंडी समिति सचिव नीतीश मलिक के मुताबिक फसल जलने पर भी किसान को मुआवजा मिलता है। किसान संबंधित समिति कार्यालय में योजना के बारे में पता कर सकते हैं।
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बिजनौर। आग से गेहूं और अन्य अनाज की फसल जलने पर भी किसानों को मुआवजा मिलता है। लेकिन किसानों को इसकी जानकारी ही नहीं है। हर साल गेहूं सहित अन्य फसल जलने के बाद भी किसान मुआवजे के लिए कृषि उत्पादन मंडी समिति मंडी समिति कार्यालय में आवेदन नहीं करते हैं।
खेतों में गेहूं की फसल कटने के लिए तैयार खड़ी है, इस मौसम में अग्निकांडों की बाढ़ सी आ जाती है। खेतों में खड़ी फसल तक आग की चपेट में आकर खत्म हो जाती है। सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल को हो रहा है। गेहूं की फसल जलने पर किसानों को कृषि उत्पादन मंडी समिति की ओर से मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। खलिहान अग्नि दुर्घटना सहायता योजना के अंतर्गत 2.5 एकड़ से कम भूमि वाले किसान को 15 हजार, 2.5 एकड़ पांच एकड़ तक भूमि वाले किसान को 20 हजार, पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसान को 30 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जा सकता है। मुआवजा किसान को उसकी फसल के नुकसान के आधार पर दिया जाता है। अधिक नुकसान होने पर किसान को एक लाख से अधिक का मुआवजा तक दिया जा सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान को फसल में आग लगने पर 15 दिन के अंदर संबंधित कृषि उत्पादन मंडी समिति कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र जमा करना होता है। विभाग की योजना में गेहूं, धान, मक्का, बाजरा, मूंग, मसूर, राई आदि अनाज वाली फसलें शामिल हैं। गन्ने को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
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अग्निकांड से ऐसे करें बचाव
खेतों में कटी फसल को बिजली की तारों के नीचे इकट्ठा न करें। खेत में काम करते समय बीड़ी आदि न पीएं। गेहूं की फसल को दो तीन जगह इकट्ठा करें। बिजनौर कृषि उत्पादन मंडी समिति सचिव नीतीश मलिक के मुताबिक फसल जलने पर भी किसान को मुआवजा मिलता है। किसान संबंधित समिति कार्यालय में योजना के बारे में पता कर सकते हैं।
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