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कालागढ क्षेत्र में तीन माह में 16 मौत, सिलसिला अभी भी जारी
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कालागढ क्षेत्र में तीन माह में 16 मौत
कालागढ़। कालागढ़ में मार्च से अब तक 16 लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं। जिनमें सबसे अधिक 25 अप्रैल से 13 मई के बीच 10 मौत हुई हैं। 16 में से दो मौत कोविड से 14 अन्य बीमारियों से हुई हैं। अभी भी संक्रमण से लोगों के मरने का सिलसिला जारी है। क्षेत्रवासियों ने सरकार से ग्रामीणों को उनके गांवों में ही पहुंच कर उपचार कराने की मांग उठाई है।
कालागढ़ क्षेत्र में सरकारी आंकड़ों में एक के बाद एक मौत दर्ज हो रही है। मार्च से वर्तमान तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। रामगंगा बांध परियोजना की सिंचाई विभाग व हाइड्रिल कालोनी में 14 लोगों की मौत हुई है। पीएचसी प्रभारी ने बताया कि मार्च में हाइड्रिल कालोनी में तुलसी देवी 61, केंद्रीय कालोनी में शेर सिंह 58, अप्रैल में नई कालोनी में सुशीला देवी 54, भूपेंद्र सिंह चौहान 34, मोरिस गोयल, मई में नई कालोनी में राकेश कुमार, हाइड्रिल कालोनी में रामवती 60, केंद्रीय कालोनी में इरशाद अहमद खान, नई कालोनी निवासी अरविंद 48, राजीव सिसौदिया व हाइड्रिल कालोनी में असलम अलवी व नई कालोनी में सुशीला रावत 60 वर्ष की मृत्यु दर्ज हैं। जिनमें शिक्षिका मौरिस गोयल व अवर अभियंता असलम अलवी की ही मौत कोविड से हुई है।
बाहर से उपचार कराने वालों ने मृत्यु के बाद कोविड के प्रमाण पत्र नहीं भेजे हैं। जिसकी वजह से उन्हें सामान्य मौत ही माना जा रहा है। इसके अलावा पुराना कालागढ़ क्षेत्र में मई में भाजपा नेता राजकुमार, सिंचाई कर्मी जयपाल सिंह, शिक्षा मित्र सुभाष सिंह, सेवा निवृत्त कर्मी गोविंद सिंह खत्री का निधन हुआ है। इसके अलावा कुछ सामान्य मौत भी हुई हैं।
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बुखार, खांसी होने पर पीएचसी में कराओ उपचार: प्रभारी चिकित्सक
पीएचसी प्रभारी देवेंद्र प्रसाद का कहना है कि बुखार व खांसी से बचना है तो उचित उपचार के लिए पीएचसी आकर जांच कराकर दवाई लें। बुखार का उपचार बाहर से न कराएं। पीएचसी में आवश्यक उपकरण व औषधि मौजूद हैं। इसके अलावा कालागढ़ में हो रही सभी प्रकार की मौत को दर्ज किया जा रहा है। इसके लिए सभी नोडल को आदेशित कर दिया गया है।
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कालागढ़। कालागढ़ में मार्च से अब तक 16 लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं। जिनमें सबसे अधिक 25 अप्रैल से 13 मई के बीच 10 मौत हुई हैं। 16 में से दो मौत कोविड से 14 अन्य बीमारियों से हुई हैं। अभी भी संक्रमण से लोगों के मरने का सिलसिला जारी है। क्षेत्रवासियों ने सरकार से ग्रामीणों को उनके गांवों में ही पहुंच कर उपचार कराने की मांग उठाई है।
कालागढ़ क्षेत्र में सरकारी आंकड़ों में एक के बाद एक मौत दर्ज हो रही है। मार्च से वर्तमान तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। रामगंगा बांध परियोजना की सिंचाई विभाग व हाइड्रिल कालोनी में 14 लोगों की मौत हुई है। पीएचसी प्रभारी ने बताया कि मार्च में हाइड्रिल कालोनी में तुलसी देवी 61, केंद्रीय कालोनी में शेर सिंह 58, अप्रैल में नई कालोनी में सुशीला देवी 54, भूपेंद्र सिंह चौहान 34, मोरिस गोयल, मई में नई कालोनी में राकेश कुमार, हाइड्रिल कालोनी में रामवती 60, केंद्रीय कालोनी में इरशाद अहमद खान, नई कालोनी निवासी अरविंद 48, राजीव सिसौदिया व हाइड्रिल कालोनी में असलम अलवी व नई कालोनी में सुशीला रावत 60 वर्ष की मृत्यु दर्ज हैं। जिनमें शिक्षिका मौरिस गोयल व अवर अभियंता असलम अलवी की ही मौत कोविड से हुई है।
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बाहर से उपचार कराने वालों ने मृत्यु के बाद कोविड के प्रमाण पत्र नहीं भेजे हैं। जिसकी वजह से उन्हें सामान्य मौत ही माना जा रहा है। इसके अलावा पुराना कालागढ़ क्षेत्र में मई में भाजपा नेता राजकुमार, सिंचाई कर्मी जयपाल सिंह, शिक्षा मित्र सुभाष सिंह, सेवा निवृत्त कर्मी गोविंद सिंह खत्री का निधन हुआ है। इसके अलावा कुछ सामान्य मौत भी हुई हैं।
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बुखार, खांसी होने पर पीएचसी में कराओ उपचार: प्रभारी चिकित्सक
पीएचसी प्रभारी देवेंद्र प्रसाद का कहना है कि बुखार व खांसी से बचना है तो उचित उपचार के लिए पीएचसी आकर जांच कराकर दवाई लें। बुखार का उपचार बाहर से न कराएं। पीएचसी में आवश्यक उपकरण व औषधि मौजूद हैं। इसके अलावा कालागढ़ में हो रही सभी प्रकार की मौत को दर्ज किया जा रहा है। इसके लिए सभी नोडल को आदेशित कर दिया गया है।