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किसानों को जमीन के बदले मिलेगा सर्किल रेट के बराबर मुआवजा
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जमीन के बदले मिलेगा सर्किल रेट के बराबर मुआवजा
बिजनौर। नेशनल हाईवे 74 के फोरलेन बनने पर तोड़े जा रहे मकानों के मुआवजे को लेकर भाकियू व प्रशासन की वार्ता हुई। करीब चार घंटे चली बैठक के बाद कई जगह मुआवजा सर्किल रेट का बराबर बढ़ाया गया। मुआवजे का अवार्ड न बनने तक मकान ध्वस्त न करने की बात कही गई।
नगीना के गांव पुरैनी में सड़क चौड़ी करने के लिए तोड़े जा रहे मकानों के गांव वालों ने विरोध किया था। पुलिस ने कुछ गांव वालों को हिरासत में ले लिया था। बाद में भाकियू के पदाधिकारियों ने जेसीबी को कब्जे में लेकर काम रुकवा दिया था। इस मामले को लेकर मंगलवार को डीएम सुजीत कुमार की अध्यक्षता में किसान यूनियन की बैठक हुई। जिलाध्यक्ष दिगम्बर सिंह ने अधिकारियों को बताया कि कई किसानों को मिलने वाले मुआवजे की कार्रवाई अब तक शुरू नहीं कि गई है। कि किसानों की जमीन का मुआवजा 2700 रुपए वर्ग मीटर मिलना चाहिए, लेकिन मुआवजा 280 रुपए के हिसाब से दिया जा रहा है। इस संबंध में सर्किल रेट के कागज भी दिखाए। बताया कि कई किसानों की जमीन को ग्राम समाज की बताकर मुआवजा देने से मना कर दिया है जबकि वह जमीन उनकी ही है। कहा कि किसान को जमीन का उचित मुआवजा मिलना चाहिए। दिगम्बर सिंह के अनुसार कागजों के आधार पर प्रशासन ने उनकी बात मान ली है। अब किसानों को सर्किल रेट के हिसाब से ही मुआवजा मिलेगा। दिगम्बर सिंह के अनुसार जमीन के मुआवजे के कागज तैयार होने की प्रक्रिया को मुआवजे का अवार्ड बनाना कहते हैं। सभी किसानों के मुआवजे के अवार्ड बनाने के कागज बनने के बाद ही अब मकान ध्वस्तीकरण का काम शुरू होगा। वार्ता में धर्मेंद्र मलिक, सुरपाल सिंह, समरपाल सिंह, नितिन सिरोही, संजीव कुमार, अतुल कुमार, कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। नेशनल हाईवे 74 के फोरलेन बनने पर तोड़े जा रहे मकानों के मुआवजे को लेकर भाकियू व प्रशासन की वार्ता हुई। करीब चार घंटे चली बैठक के बाद कई जगह मुआवजा सर्किल रेट का बराबर बढ़ाया गया। मुआवजे का अवार्ड न बनने तक मकान ध्वस्त न करने की बात कही गई।
नगीना के गांव पुरैनी में सड़क चौड़ी करने के लिए तोड़े जा रहे मकानों के गांव वालों ने विरोध किया था। पुलिस ने कुछ गांव वालों को हिरासत में ले लिया था। बाद में भाकियू के पदाधिकारियों ने जेसीबी को कब्जे में लेकर काम रुकवा दिया था। इस मामले को लेकर मंगलवार को डीएम सुजीत कुमार की अध्यक्षता में किसान यूनियन की बैठक हुई। जिलाध्यक्ष दिगम्बर सिंह ने अधिकारियों को बताया कि कई किसानों को मिलने वाले मुआवजे की कार्रवाई अब तक शुरू नहीं कि गई है। कि किसानों की जमीन का मुआवजा 2700 रुपए वर्ग मीटर मिलना चाहिए, लेकिन मुआवजा 280 रुपए के हिसाब से दिया जा रहा है। इस संबंध में सर्किल रेट के कागज भी दिखाए। बताया कि कई किसानों की जमीन को ग्राम समाज की बताकर मुआवजा देने से मना कर दिया है जबकि वह जमीन उनकी ही है। कहा कि किसान को जमीन का उचित मुआवजा मिलना चाहिए। दिगम्बर सिंह के अनुसार कागजों के आधार पर प्रशासन ने उनकी बात मान ली है। अब किसानों को सर्किल रेट के हिसाब से ही मुआवजा मिलेगा। दिगम्बर सिंह के अनुसार जमीन के मुआवजे के कागज तैयार होने की प्रक्रिया को मुआवजे का अवार्ड बनाना कहते हैं। सभी किसानों के मुआवजे के अवार्ड बनाने के कागज बनने के बाद ही अब मकान ध्वस्तीकरण का काम शुरू होगा। वार्ता में धर्मेंद्र मलिक, सुरपाल सिंह, समरपाल सिंह, नितिन सिरोही, संजीव कुमार, अतुल कुमार, कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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