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यूपी बोर्ड के विद्मालयों में एनसीआरटी की किताबों से होगी पढाई
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बिजनौर। यूपी बोर्ड के विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई होगी। इसके लिए विद्यालयों में चेकिंग अभियान भी चलेगा।
शासन ने यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 10वीं व 12वीं में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाना अनिवार्य किया है। शासन ने प्रकाशकों के नाम का भी एलान किया है। नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो चुका है। जिला निरीक्षक को माध्यमिक स्कूलों में एनसीईआरटी से इतर किताब पढ़ाने की शिकायत मिल रही थी। इस संबंध में छात्रों के अभिभावक भी डीआईओएस से मिले थे। नौ दिन बाद विद्यालय खुल जाएंगे। प्रशासन की मंशा है कि हर हाल में एनसीईआरटी की अधिकृत प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाई हो।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार विद्यालयों से एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई कराए जाने का प्रमाणपत्र लिया जा रहा है। विद्यालयों से कहा गया है कि वे यह प्रमाणपत्र दें कि किस प्रकाशक की किताब लगाई गई हैं। यदि जांच में दूसरी किताब लगी मिली तो कार्रवाई होगी। इसके साथ ही विद्यालयों में अग्निशमन उपकरणों की सक्रियता की भी जांच कराई जाएगी। छात्रों की सुरक्षा के लिए विद्यालयों में अग्निशमन उपकरणों का होना जरूरी है। इसके लिए विद्यालयों को जिला मुख्य अग्निशमन अधिकारी का प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है। जिला विद्यालय निरीक्षक के मुताबिक प्रधानाचार्य से 25 जून की प्रस्तावित बैठक में प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है।
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शासन ने यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 10वीं व 12वीं में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाना अनिवार्य किया है। शासन ने प्रकाशकों के नाम का भी एलान किया है। नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो चुका है। जिला निरीक्षक को माध्यमिक स्कूलों में एनसीईआरटी से इतर किताब पढ़ाने की शिकायत मिल रही थी। इस संबंध में छात्रों के अभिभावक भी डीआईओएस से मिले थे। नौ दिन बाद विद्यालय खुल जाएंगे। प्रशासन की मंशा है कि हर हाल में एनसीईआरटी की अधिकृत प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाई हो।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार विद्यालयों से एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई कराए जाने का प्रमाणपत्र लिया जा रहा है। विद्यालयों से कहा गया है कि वे यह प्रमाणपत्र दें कि किस प्रकाशक की किताब लगाई गई हैं। यदि जांच में दूसरी किताब लगी मिली तो कार्रवाई होगी। इसके साथ ही विद्यालयों में अग्निशमन उपकरणों की सक्रियता की भी जांच कराई जाएगी। छात्रों की सुरक्षा के लिए विद्यालयों में अग्निशमन उपकरणों का होना जरूरी है। इसके लिए विद्यालयों को जिला मुख्य अग्निशमन अधिकारी का प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है। जिला विद्यालय निरीक्षक के मुताबिक प्रधानाचार्य से 25 जून की प्रस्तावित बैठक में प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है।
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