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चार शिक्षकों की सेवा समाप्त, चार को नोटिस
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चार शिक्षकों की सेवा समाप्त, चार को नोटिस
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे चार शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। जबकि अन्य चार शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। अनुपस्थित शिक्षकों पर शासन सख्त है, शासन के निर्देश के बाद बीएसए ने शिक्षकों पर कार्रवाई की है।
बीएसए महेश चंद्र ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों पर शासन सख्त है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालय रावली की सहायक अध्यापिका शालिनी चौधरी, इटावा की सहायक अध्यापिका आरती रानी, प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर की प्रधानाध्यापिका संगीता, प्राथमिक विद्यालय औरंगाबाद शकूरपुर के सहायक अध्यापक धनपत सिंह लंबे समय से विद्यालयों से अनुपस्थित चल रहे थे। इन शिक्षकों को नोटिस भी भेजे गए पर कोई जवाब नहीं मिला। बीएसए ने बताया की चारों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही बीएसए ने बताया कि चार अन्य शिक्षकों को स्कूल से अनुपस्थित चलने के कारण सेवा समाप्त करने के नोटिस दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जलीलपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पीपली जट की सहायक अध्यापिका मोनिका राठी चार सितंबर 2011 से विद्यालय से लगातार अनुपस्थित चल रही हैं। जबकि इसी ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय अहैरोला के सहायक अध्यापिका प्रतिभा शर्मा एक सितंबर 2016 से अनुपस्थित चल रही हैं। ब्लॉक कोतवाली के प्राथमिक विद्यालय आलमपुर की सहायक अध्यापिका ऋतु सिंह दो जुलाई 2015 से अनुपस्थित चल रही हैं। ब्लॉक अफजलगढ़ के प्राथमिक विद्यालय सहारावाला के सहायक अध्यापक राजीव कुमार 24 जून 2016 से अनुपस्थित चल रहे हैं। बीएसए ने बताया इन चारों शिक्षकों को अंतिम बार नोटिस दिया गया है। यदि ये शिक्षक उपस्थित नहीं हुए तो इनकी सेवा भी समाप्त की जाएगी।
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कई और शिक्षकों पर गिरेगी गाज
बेसिक शिक्षा विभाग में स्कूलों से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों की लंबी कतार बताई जाती है। कई ऐसे भी शिक्षक हैं जो विकास क्षेत्रों के बीईओ की सेटिंग गेटिंग के चलते अनुपस्थित रहते हैं। ऐसे शिक्षकों को अफसरों की मिलीभगत का लाभ मिलता रहता है। लेकिन अब शासन की सख्ती के चलते शिक्षकों की कुंडली खंगाली जा रही है। बीएसए ने फिलहाल आठ शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की है। सभी बीईओ से ऐसे शिक्षकों की सूची मांगी गई है, अन्य कई और पर भी सेवा समाप्ति की गाज गिर सकती है।
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बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे चार शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। जबकि अन्य चार शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। अनुपस्थित शिक्षकों पर शासन सख्त है, शासन के निर्देश के बाद बीएसए ने शिक्षकों पर कार्रवाई की है।
बीएसए महेश चंद्र ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों पर शासन सख्त है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालय रावली की सहायक अध्यापिका शालिनी चौधरी, इटावा की सहायक अध्यापिका आरती रानी, प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर की प्रधानाध्यापिका संगीता, प्राथमिक विद्यालय औरंगाबाद शकूरपुर के सहायक अध्यापक धनपत सिंह लंबे समय से विद्यालयों से अनुपस्थित चल रहे थे। इन शिक्षकों को नोटिस भी भेजे गए पर कोई जवाब नहीं मिला। बीएसए ने बताया की चारों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही बीएसए ने बताया कि चार अन्य शिक्षकों को स्कूल से अनुपस्थित चलने के कारण सेवा समाप्त करने के नोटिस दिए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि जलीलपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पीपली जट की सहायक अध्यापिका मोनिका राठी चार सितंबर 2011 से विद्यालय से लगातार अनुपस्थित चल रही हैं। जबकि इसी ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय अहैरोला के सहायक अध्यापिका प्रतिभा शर्मा एक सितंबर 2016 से अनुपस्थित चल रही हैं। ब्लॉक कोतवाली के प्राथमिक विद्यालय आलमपुर की सहायक अध्यापिका ऋतु सिंह दो जुलाई 2015 से अनुपस्थित चल रही हैं। ब्लॉक अफजलगढ़ के प्राथमिक विद्यालय सहारावाला के सहायक अध्यापक राजीव कुमार 24 जून 2016 से अनुपस्थित चल रहे हैं। बीएसए ने बताया इन चारों शिक्षकों को अंतिम बार नोटिस दिया गया है। यदि ये शिक्षक उपस्थित नहीं हुए तो इनकी सेवा भी समाप्त की जाएगी।
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कई और शिक्षकों पर गिरेगी गाज
बेसिक शिक्षा विभाग में स्कूलों से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों की लंबी कतार बताई जाती है। कई ऐसे भी शिक्षक हैं जो विकास क्षेत्रों के बीईओ की सेटिंग गेटिंग के चलते अनुपस्थित रहते हैं। ऐसे शिक्षकों को अफसरों की मिलीभगत का लाभ मिलता रहता है। लेकिन अब शासन की सख्ती के चलते शिक्षकों की कुंडली खंगाली जा रही है। बीएसए ने फिलहाल आठ शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की है। सभी बीईओ से ऐसे शिक्षकों की सूची मांगी गई है, अन्य कई और पर भी सेवा समाप्ति की गाज गिर सकती है।