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महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों के धरने के कारण प्रभावित हो रहा एमआर टीकाकरण
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धरना बना टीकाकरण में अड़ंगा
नूरपुर। विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिन से धरने पर बैठी महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा काम न करने से एमआर टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। नूरपुर पीएचसी पर लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 63 प्रतिशत ही टीकाकरण हो पाया है, जबकि जनपद में यह आंकड़ा करीब 77 प्रतिशत हो चुका है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर जनपद में 26 नबंवर से शुरू हुए एमआर टीकाकरण कार्यक्रम में 15 दिसंबर तक शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था। निर्धारित समय के एक माह बीतने के बाद भी नूरपुर पीएचसी पर 63 प्रतिशत बच्चों का ही टीकाकरण हो पाया है। कम टीकाकरण होने के बाद भी महिला स्वास्थ्य कर्मी लक्ष्य को पूरा करने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रही हैं।
तीन दिन से महिला स्वास्थ्य कर्मचारी काम बंद करके मातृ एवं शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ के तत्वावधान में पीएचसी पर धरना दे रही हैं। बुधवार को धरनास्थल पर पहुंचे जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसके निगम ने महिला स्वास्थ्य कर्मियों को धरना समाप्त कर काम पर वापस आने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मांगें न माने जाने तक धरना समाप्त करने से मना कर दिया। धरना दे रही महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को इस मामले में सीएमओ से मिलने का निर्णय लिया है। धरना देने वालों में बृजवाला, रूपधारा, पूनम देवी, इंदू, पूजा रानी, मुन्नी देवी, उमा देवी, कविता रानी, आदि महिला स्वास्थ्य कर्मचारी थीं।
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राजनीति का अखाड़ा बना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
नूरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनीति का अखाड़ा बन गया है। पीएचसी पर तैनात प्रतिरक्षण अधिकारी के पद को लेकर दो महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों में खींचतान चल रही है। करीब दो माह पूर्व भी आठ दिन तक धरना प्रदर्शन चला था। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। 11 जनवरी को मुख्य चिकित्साधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात डा. अजय गंधर्व को चार्ज लेने के आदेश दिए , लेकिन प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. कुनाल ने उन्हें अभी तक चार्ज नही सौंपा है। खींचतान के चलते राष्ट्रीय कार्यक्रमों प्रभावित होने के साथ ओपीडी में आने वाले मरीज भी परेशान हो रहे हैं।
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नूरपुर। विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिन से धरने पर बैठी महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा काम न करने से एमआर टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। नूरपुर पीएचसी पर लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 63 प्रतिशत ही टीकाकरण हो पाया है, जबकि जनपद में यह आंकड़ा करीब 77 प्रतिशत हो चुका है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर जनपद में 26 नबंवर से शुरू हुए एमआर टीकाकरण कार्यक्रम में 15 दिसंबर तक शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था। निर्धारित समय के एक माह बीतने के बाद भी नूरपुर पीएचसी पर 63 प्रतिशत बच्चों का ही टीकाकरण हो पाया है। कम टीकाकरण होने के बाद भी महिला स्वास्थ्य कर्मी लक्ष्य को पूरा करने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रही हैं।
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तीन दिन से महिला स्वास्थ्य कर्मचारी काम बंद करके मातृ एवं शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ के तत्वावधान में पीएचसी पर धरना दे रही हैं। बुधवार को धरनास्थल पर पहुंचे जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसके निगम ने महिला स्वास्थ्य कर्मियों को धरना समाप्त कर काम पर वापस आने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मांगें न माने जाने तक धरना समाप्त करने से मना कर दिया। धरना दे रही महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को इस मामले में सीएमओ से मिलने का निर्णय लिया है। धरना देने वालों में बृजवाला, रूपधारा, पूनम देवी, इंदू, पूजा रानी, मुन्नी देवी, उमा देवी, कविता रानी, आदि महिला स्वास्थ्य कर्मचारी थीं।
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राजनीति का अखाड़ा बना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
नूरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनीति का अखाड़ा बन गया है। पीएचसी पर तैनात प्रतिरक्षण अधिकारी के पद को लेकर दो महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों में खींचतान चल रही है। करीब दो माह पूर्व भी आठ दिन तक धरना प्रदर्शन चला था। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। 11 जनवरी को मुख्य चिकित्साधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात डा. अजय गंधर्व को चार्ज लेने के आदेश दिए , लेकिन प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. कुनाल ने उन्हें अभी तक चार्ज नही सौंपा है। खींचतान के चलते राष्ट्रीय कार्यक्रमों प्रभावित होने के साथ ओपीडी में आने वाले मरीज भी परेशान हो रहे हैं।