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70 में से 67 राशन डीलर मिले अनाज घोटाले में आरोपी
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:26 AM IST
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राशन घोटाले में 47 और के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, रिकवरी भी होगी
बिजनौर। ज्यों ज्यों दवा की दर्द बढ़ता गया, ऐसी ही स्थिति राशन वितरण के मामले में हो रही है। घोटाले रोकने के लिए आधार अनिवार्य किया गया, ई पॉश मशीनों की व्यवस्था की गई, लेकिन इसमें भी राशन माफिया ने सेंध लगा दी। राशन घोटाले में बृहस्पतिवार को 47 और राशन डीलरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब तक कुल 67 रिपोर्ट इस मामले में दर्ज हो चुकी हैं।
राशन बांटने में घोटाला सामने आने के बाद पूर्ति विभाग के अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। राशन वितरण में ई पॉश मशीनों की व्यवस्था आने से लगा था कि अब राशन वितरण में कोई धांधली नहीं होगी। लेकिन राशन डीलरों ने एक ही आधार नंबर से कई कई राशन कार्ड लिंक करके राशन हड़प लिया। शासन ने पूर्ति विभाग को भेजी गई सूचना में 107 दुकानों में राशन वितरण में घोटाला होने की आशंका जताई गई है। इनमें से 70 की जांच पूरी हो चुकी है। 67 राशन की दुकानों पर घोटाला पकड़ा गया है। 20 राशन डीलरों के खिलाफ बुधवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 47 के खिलाफ बृहस्पतिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बाकी राशन डीलरों की जांच की जा रही है। जांच के बाद यह देखा जाएगा कि राशन डीलर कितने महीने से राशन की धांधली कर रहे थे। इसके बाद इनसे रिकवरी की जाएगी।
इनके खिलाफ हुई रिपोर्ट दर्ज
चांदपुर के हर्ष अग्रवाल, कमलेश, तिलका देवी, एसकेवीएसके, शबाना परवीन, हुस्नाबानो, अकील अहमद, नरेश कुमार शर्मा, एसकेवीएस पांच, रऊफ अहमद, जीनत बी, मोहम्मद अकरम, लता देवी, आलोक मित्तल, कैलाशचंद्र, एसकेवीएस तीन, विकास कुमार, एसकेवीएस छह, शिव कुमार, अफजलगढ़ के रियासतुल्ला, नूरपुर के सुशील कुमार, विजयपाल सिंह, अजहर खां, प्रमिला, दिवाकर सिंह, केएसएसएस, श्रवण कुमार, शेरकोट के धर्मेंद्र कुमार, बिजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, जहीरूल इस्लाम, शेरकोट के सहाब, नजीबाबाद के अनिल कुमार, निरूपमा शर्मा, साजिद खां, तुफैल अहमद, शैलेंद्र मिश्रा, शावेज खान, प्रदीप कुमार, धामपुर के मजाहिर हुसैन, शकुंतला देवी, शफीका बेगम, सुशील राजवंशी, बिजनौर की शबीना खान, पुरूषोत्तम कुमार, नुजहत परवीन, जलालाबाद के इरशाद अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनकी दुकान निरस्त करने के लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है।
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राशन वितरण में बड़ा खेल, पकड़े गए थे 12 हजार फर्जी उपभोक्ता
राशन लेने के लिए आधार नंबर लागू होने के बाद से करीब 12 हजार फर्जी उपभोक्ता पकड़े गए हैं। इनसे चार लाख रुपये से अधिक की वसूली की गई है। इन उपभोक्ताओं में इस समय चल रही जांच में आरोपी पाए गए उपभोक्ता शामिल नहीं हैं। राशन वितरण में लागू हुई नई व्यवस्था भी पूरी तरह से चाक चौबंद नहीं है। राशन लेने के लिए उपभोक्ता का अंगूठा लगना जरूरी भले ही हो, लेकिन उसके राशन में से कमीशन का कितना राशन रखना है, यह अब भी राशन डीलर के हाथ में ही है। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से ही इस पर रोक लगाई जा सकती है।
हर माह बंटता है 5541 मीट्रिक टन गेहूं
जिले के गांवों में हर महीने 5541 मीट्रिक टन गेहूं, 3694 मीट्रिक टन चावल बांटा जाता है, जबकि नगरों में 1573 क्विंटल गेहूं, 1049 क्विंटल चावल बंटता है।
-विभाग में घोटाले की जांच चल रही है। जो भी आरोपी हैं उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ अन्य कार्रवाई भी की जा रही है। मनीष कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
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बिजनौर। ज्यों ज्यों दवा की दर्द बढ़ता गया, ऐसी ही स्थिति राशन वितरण के मामले में हो रही है। घोटाले रोकने के लिए आधार अनिवार्य किया गया, ई पॉश मशीनों की व्यवस्था की गई, लेकिन इसमें भी राशन माफिया ने सेंध लगा दी। राशन घोटाले में बृहस्पतिवार को 47 और राशन डीलरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब तक कुल 67 रिपोर्ट इस मामले में दर्ज हो चुकी हैं।
राशन बांटने में घोटाला सामने आने के बाद पूर्ति विभाग के अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। राशन वितरण में ई पॉश मशीनों की व्यवस्था आने से लगा था कि अब राशन वितरण में कोई धांधली नहीं होगी। लेकिन राशन डीलरों ने एक ही आधार नंबर से कई कई राशन कार्ड लिंक करके राशन हड़प लिया। शासन ने पूर्ति विभाग को भेजी गई सूचना में 107 दुकानों में राशन वितरण में घोटाला होने की आशंका जताई गई है। इनमें से 70 की जांच पूरी हो चुकी है। 67 राशन की दुकानों पर घोटाला पकड़ा गया है। 20 राशन डीलरों के खिलाफ बुधवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 47 के खिलाफ बृहस्पतिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बाकी राशन डीलरों की जांच की जा रही है। जांच के बाद यह देखा जाएगा कि राशन डीलर कितने महीने से राशन की धांधली कर रहे थे। इसके बाद इनसे रिकवरी की जाएगी।
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इनके खिलाफ हुई रिपोर्ट दर्ज
चांदपुर के हर्ष अग्रवाल, कमलेश, तिलका देवी, एसकेवीएसके, शबाना परवीन, हुस्नाबानो, अकील अहमद, नरेश कुमार शर्मा, एसकेवीएस पांच, रऊफ अहमद, जीनत बी, मोहम्मद अकरम, लता देवी, आलोक मित्तल, कैलाशचंद्र, एसकेवीएस तीन, विकास कुमार, एसकेवीएस छह, शिव कुमार, अफजलगढ़ के रियासतुल्ला, नूरपुर के सुशील कुमार, विजयपाल सिंह, अजहर खां, प्रमिला, दिवाकर सिंह, केएसएसएस, श्रवण कुमार, शेरकोट के धर्मेंद्र कुमार, बिजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, जहीरूल इस्लाम, शेरकोट के सहाब, नजीबाबाद के अनिल कुमार, निरूपमा शर्मा, साजिद खां, तुफैल अहमद, शैलेंद्र मिश्रा, शावेज खान, प्रदीप कुमार, धामपुर के मजाहिर हुसैन, शकुंतला देवी, शफीका बेगम, सुशील राजवंशी, बिजनौर की शबीना खान, पुरूषोत्तम कुमार, नुजहत परवीन, जलालाबाद के इरशाद अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनकी दुकान निरस्त करने के लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है।
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राशन वितरण में बड़ा खेल, पकड़े गए थे 12 हजार फर्जी उपभोक्ता
राशन लेने के लिए आधार नंबर लागू होने के बाद से करीब 12 हजार फर्जी उपभोक्ता पकड़े गए हैं। इनसे चार लाख रुपये से अधिक की वसूली की गई है। इन उपभोक्ताओं में इस समय चल रही जांच में आरोपी पाए गए उपभोक्ता शामिल नहीं हैं। राशन वितरण में लागू हुई नई व्यवस्था भी पूरी तरह से चाक चौबंद नहीं है। राशन लेने के लिए उपभोक्ता का अंगूठा लगना जरूरी भले ही हो, लेकिन उसके राशन में से कमीशन का कितना राशन रखना है, यह अब भी राशन डीलर के हाथ में ही है। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से ही इस पर रोक लगाई जा सकती है।
हर माह बंटता है 5541 मीट्रिक टन गेहूं
जिले के गांवों में हर महीने 5541 मीट्रिक टन गेहूं, 3694 मीट्रिक टन चावल बांटा जाता है, जबकि नगरों में 1573 क्विंटल गेहूं, 1049 क्विंटल चावल बंटता है।
-विभाग में घोटाले की जांच चल रही है। जो भी आरोपी हैं उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ अन्य कार्रवाई भी की जा रही है। मनीष कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी