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मिलों में मरम्मत न कराई तो वेव ग्रुप की तालाबंदी की चेतावनी
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:32 PM IST
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वेब ग्रुप के औद्योगिक केंद्रों पर तालाबंदी की चेतावनी
बिजनौर। वेब इंडस्ट्रीज की बिजनौर और चांदपुर चीनी मिल चलाने के लिए भारतीय किसान यूनियन ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। यूनियन के पदाधिकारियों ने वेस्ट यूपी में वेब इंडस्ट्रीज की संपत्तियों का मौका मुआयना किया। मिलों का संचालन न करने पर किसानों ने ग्रुप के सभी औद्योगिक केंद्रों पर कब्जा कर तालाबंदी करने की चेतावनी दी है।
वेब ग्रुप ने बिजनौर और चांदपुर चीनी मिलों के काफी कर्मचारियों को निकाल दिया है। मिलों में मरम्मत शुरू कराने के लिए किसान आंदोलन की राह पर हैं। किसानों के आंदोलन को देखते हुए शासन भी सख्त हो गया है। इस संबंध में चीनी एवं गन्ना आयुक्त ने ग्रुप के अधिकारियों को पत्र लिखकर मिलों की मरम्मत शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि अगर मिलों का संचालन न किया गया तो क्षेत्र में खड़े गन्ने का भुगतान ग्रुप से लिया जाएगा। इसके बाद भी मिलों में मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने किसानों के साथ वेस्ट यूपी में वेब ग्रुप की संपत्तियों का दौरा कर कारोबार की स्थिति देखी है। उन्होंने वेब ग्रुप के अधिकारियों को मिलों के संचालन के लिए मरम्मत कार्य शुरू कराने के लिए कहा है। ऐसा न करने पर सभी औद्योगिक इकाईयों पर कब्जा करने की चेतावनी दी है।
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किसानों के अनुसार चांदपुर व बिजनौर चीनी मिल द्वारा करीब 350 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा जाता है। शासन द्वारा जितना सख्त निर्देश जारी किया गया है, इसकी कल्पना तो मिल कर्मचारियों को नहीं थी।
वेब ग्रुप के वेस्ट यूपी में बहुत से औद्योगिक केंद्र हैं। इनमें प्रमुख रूप से वेब सिटी, वेब मॉल शामिल हैं। इसके अलावा काफी संख्या में शराब की दुकान और गोदाम भी हैं। कुछ साल पहले जिले में हुए आंदोलनों के दौरान जिले की शराब की दुकानों पर किसानों ने कब्जा कर लिया था। तब मिल चलाने से आनाकानी कर रहे ग्रुप ने तुरंत मिल चलाने की हामी भर दी थी। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि दोनों मिलों को हर हाल में चलवाया जाएगा। अगर जल्दी ही मिलों में मरम्मत कार्य शुरू न कराया गया तो वेब ग्रुप की सभी इकाईयों पर ताले डाल दिए जाएंगे।
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बिजनौर। वेब इंडस्ट्रीज की बिजनौर और चांदपुर चीनी मिल चलाने के लिए भारतीय किसान यूनियन ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। यूनियन के पदाधिकारियों ने वेस्ट यूपी में वेब इंडस्ट्रीज की संपत्तियों का मौका मुआयना किया। मिलों का संचालन न करने पर किसानों ने ग्रुप के सभी औद्योगिक केंद्रों पर कब्जा कर तालाबंदी करने की चेतावनी दी है।
वेब ग्रुप ने बिजनौर और चांदपुर चीनी मिलों के काफी कर्मचारियों को निकाल दिया है। मिलों में मरम्मत शुरू कराने के लिए किसान आंदोलन की राह पर हैं। किसानों के आंदोलन को देखते हुए शासन भी सख्त हो गया है। इस संबंध में चीनी एवं गन्ना आयुक्त ने ग्रुप के अधिकारियों को पत्र लिखकर मिलों की मरम्मत शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि अगर मिलों का संचालन न किया गया तो क्षेत्र में खड़े गन्ने का भुगतान ग्रुप से लिया जाएगा। इसके बाद भी मिलों में मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है।
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वहीं, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने किसानों के साथ वेस्ट यूपी में वेब ग्रुप की संपत्तियों का दौरा कर कारोबार की स्थिति देखी है। उन्होंने वेब ग्रुप के अधिकारियों को मिलों के संचालन के लिए मरम्मत कार्य शुरू कराने के लिए कहा है। ऐसा न करने पर सभी औद्योगिक इकाईयों पर कब्जा करने की चेतावनी दी है।
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किसानों के अनुसार चांदपुर व बिजनौर चीनी मिल द्वारा करीब 350 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा जाता है। शासन द्वारा जितना सख्त निर्देश जारी किया गया है, इसकी कल्पना तो मिल कर्मचारियों को नहीं थी।
वेब ग्रुप के वेस्ट यूपी में बहुत से औद्योगिक केंद्र हैं। इनमें प्रमुख रूप से वेब सिटी, वेब मॉल शामिल हैं। इसके अलावा काफी संख्या में शराब की दुकान और गोदाम भी हैं। कुछ साल पहले जिले में हुए आंदोलनों के दौरान जिले की शराब की दुकानों पर किसानों ने कब्जा कर लिया था। तब मिल चलाने से आनाकानी कर रहे ग्रुप ने तुरंत मिल चलाने की हामी भर दी थी। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि दोनों मिलों को हर हाल में चलवाया जाएगा। अगर जल्दी ही मिलों में मरम्मत कार्य शुरू न कराया गया तो वेब ग्रुप की सभी इकाईयों पर ताले डाल दिए जाएंगे।