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साढ़े तीन घंटे की इमरजेंसी रोस्टिंग से बिलबिलाए शहरवासी
Updated Thu, 14 Sep 2017 02:08 AM IST
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शाम चार से साढ़े सात बजे तक गुल रही सप्लाई, बेचैन रहे नागरिक
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा। सीएम कहें या फिर एमडी, बिजली आपूर्ति का ढर्रा बदलने वाला नहीं है। फाल्ट तो कभी ओवरलोडिंग बताकर नागरिकों के हक पर डाका डाला जा रहा है। बुधवार की देर शाम इमरजेंसी बताकर रोस्टिंग कर दी गई जिससे शहरवासी बेचैन हो गए और अधिकारियों को कोसने लगे। साढ़े सात बजे सप्लाई बहाल होने के बाद ही उन्होंने राहत की सांस ली।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुर्सी संभालते ही शहरी क्षेत्रों को 24 घंटे व ग्रामीणों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने का आदेश जारी किया था। इस पर कुछ दिन तो जबरदस्त तरीके से अमल किया गया, लेकिन रात गई और बात गई वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए बिजली विभाग फिर से अपने पुराने ढर्रे पर आ गतया। अघोषित कटौती की जाने लगी। पूछने पर अधिकारी ओवरलोडिंग बढ़ने तो कहीं लाइन में ब्रेक डाउन होने का बहाना करने लगे।
आज तो हद हो गई। शाम चार बजे शहर की बिजली आपूर्ति इमरजेंसी रोस्टिंग बताकर बंद कर दी गई। बगैर बिजली के नागरिकों में हा-हाकार मच गया। सभी अधिकारियों के फोन बजने लगे। किसी ने रिसीव किया तो किसी ने बंद रखना ही मुनासिब समझा। अवर अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि साढ़े तीन घंटे की रोस्टिंग कंट्रोल ने इमरजेंसी में कराई थी। साढ़े सात बजे सप्लाई बहाल की गई। इसके बाद किसी तरह की कटौती नहीं हुई है। निर्बाध आपूर्ति चल रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा। सीएम कहें या फिर एमडी, बिजली आपूर्ति का ढर्रा बदलने वाला नहीं है। फाल्ट तो कभी ओवरलोडिंग बताकर नागरिकों के हक पर डाका डाला जा रहा है। बुधवार की देर शाम इमरजेंसी बताकर रोस्टिंग कर दी गई जिससे शहरवासी बेचैन हो गए और अधिकारियों को कोसने लगे। साढ़े सात बजे सप्लाई बहाल होने के बाद ही उन्होंने राहत की सांस ली।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुर्सी संभालते ही शहरी क्षेत्रों को 24 घंटे व ग्रामीणों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने का आदेश जारी किया था। इस पर कुछ दिन तो जबरदस्त तरीके से अमल किया गया, लेकिन रात गई और बात गई वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए बिजली विभाग फिर से अपने पुराने ढर्रे पर आ गतया। अघोषित कटौती की जाने लगी। पूछने पर अधिकारी ओवरलोडिंग बढ़ने तो कहीं लाइन में ब्रेक डाउन होने का बहाना करने लगे।
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आज तो हद हो गई। शाम चार बजे शहर की बिजली आपूर्ति इमरजेंसी रोस्टिंग बताकर बंद कर दी गई। बगैर बिजली के नागरिकों में हा-हाकार मच गया। सभी अधिकारियों के फोन बजने लगे। किसी ने रिसीव किया तो किसी ने बंद रखना ही मुनासिब समझा। अवर अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि साढ़े तीन घंटे की रोस्टिंग कंट्रोल ने इमरजेंसी में कराई थी। साढ़े सात बजे सप्लाई बहाल की गई। इसके बाद किसी तरह की कटौती नहीं हुई है। निर्बाध आपूर्ति चल रही है।
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