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बिना अनुमोदन के चिकित्साधिकारियों का स्थानंतरण
Updated Thu, 14 Sep 2017 12:31 AM IST
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नहटौर। सीएमओ के तीन चिकित्साधिकारियों के स्थानांतरण करने पर सवाल उठने लगे है। नियमावली में 30 जून 2017 तक विभागीय मंत्री के अनुमोदन और उसके बाद मुख्यमंत्री के अनुमोदन पर स्थानांतरण करने को कहा गया है। चिकित्सक कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में लग गए है।
सीएमओ बिजनौर ने नहटौर चिकित्साधिकारी जीबी कटारिया का स्थानांतरण भागूवाला और भागूवाला के चिकित्साधिकारी राजकुमार का कासमपुर गढ़ी, कासमपुर गढ़ी से गुरुचरण को नहटौर स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए है। आरोप है कि 15 जून 2017 के प्रमुख सचिव के आदेशों का उल्लंघन कर स्थानांतरण कर दिए गए है। आदेश में कहा गया कि प्रशासनिक और जनहित के अलावा निजी अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण प्रक्रिया में 30 जून 2017 तक किसी भी प्रकार के स्थानांतरण विभागीय मंत्री के अनुमोदन पर किए जाएंगे। 30 जून के बाद मुख्यमंत्री के अनुमोदन पर स्थानांतरण करने को कहा गया। जिले में तीन चिकित्साधिकारियों के स्थानांतरण में शासन के अनुमोदन का कोई जिक्र नहीं किया गया है। इसमें इतना जरूर लिखा गया है कि नहटौर चिकित्साधिकारी जीबी कटारिया और संविदा कर्मचारियों के बीच विवाद चल रहा था। इसकी शिकायत की गई थी। उनके स्थानांतरण करने के लिए कई चिकित्साधिकारियों को इधर से उधर करना पड़ा। हालांकि विभागीय सूत्र इसे राजनैतिक दबाव में स्थानांतरण करना बता रहे है।
उधर, सीएमओ राकेश मित्तल का कहना है कि नहटौर चिकित्साधिकारी का शिकायतों के आधार पर स्थानांतरण किया गया है। जिले के भीतर बिना अनुमोदन के स्थानांतरण कर सकते है।
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सीएमओ बिजनौर ने नहटौर चिकित्साधिकारी जीबी कटारिया का स्थानांतरण भागूवाला और भागूवाला के चिकित्साधिकारी राजकुमार का कासमपुर गढ़ी, कासमपुर गढ़ी से गुरुचरण को नहटौर स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए है। आरोप है कि 15 जून 2017 के प्रमुख सचिव के आदेशों का उल्लंघन कर स्थानांतरण कर दिए गए है। आदेश में कहा गया कि प्रशासनिक और जनहित के अलावा निजी अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण प्रक्रिया में 30 जून 2017 तक किसी भी प्रकार के स्थानांतरण विभागीय मंत्री के अनुमोदन पर किए जाएंगे। 30 जून के बाद मुख्यमंत्री के अनुमोदन पर स्थानांतरण करने को कहा गया। जिले में तीन चिकित्साधिकारियों के स्थानांतरण में शासन के अनुमोदन का कोई जिक्र नहीं किया गया है। इसमें इतना जरूर लिखा गया है कि नहटौर चिकित्साधिकारी जीबी कटारिया और संविदा कर्मचारियों के बीच विवाद चल रहा था। इसकी शिकायत की गई थी। उनके स्थानांतरण करने के लिए कई चिकित्साधिकारियों को इधर से उधर करना पड़ा। हालांकि विभागीय सूत्र इसे राजनैतिक दबाव में स्थानांतरण करना बता रहे है।
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उधर, सीएमओ राकेश मित्तल का कहना है कि नहटौर चिकित्साधिकारी का शिकायतों के आधार पर स्थानांतरण किया गया है। जिले के भीतर बिना अनुमोदन के स्थानांतरण कर सकते है।
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