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निर्धारित हुआ था 15 हजार मानदेय, दिया जा रहा पांच हजार
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निर्धारित हुआ था 15 हजार मानदेय, दिया जा रहा पांच हजार
धामपुर। विद्युत मीटर रीडरों ने कंपनी द्वारा निर्धारित 15 हजार मानदेय के स्थान पर पांच हजार से भी कम मानदेय देने पर मंगलवार को निगम के एसई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी। उनका कहना था कि कंपनी की मनमानी से उनकी दिवाली फीकी हो गई है।
मीटर रीडरों ने बताया कि विगत दिनों हैदराबाद की एक कंपनी को विद्युत बिल निकालने व उपभोक्ताओ से बिलों की वसूली करने का ठेका मिला है। 14 अक्तूबर को कंपनी द्वारा मीटर रीडर के पदों के लिए मुरादाबाद में साक्षात्कार लिया गया था। इस दौरान प्रति मीटर रीडर को 15 हजार 600 रुपये मानदेय देने का भरोसा देकर 15 हजार रुपये बतौर ड्राफ्ट एडवांस जमानत राशि भी जमा कराई गई थी। कंपनी से 60 से ज्यादा युवाओं को नौकरी पर रखा था। अब कंपनी की ओर से मात्र तीन से पांच हजार रुपये का मानदेय दिया जा रहा है।
मंगलवार को मीटर रीडरों ने एसई धामपुर राजेंद्र प्रसाद को समस्या बताई। एसई ने कहा कि कंपनी का निगम से सीधा कोई वास्ता नहीं है। वे कंपनी के कर्मचारी हैं, इसलिए वे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। ज्ञापन देने वालों में अतुल कुमार, जय कुमार, पंकज, सौरभ, मोहित, अशोक, कमलेश, गौरव कुमार, निपेन्द्र कुमार, हीरा, विकास कुमार, सचिन कुमार रहे।
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उधर, कंपनी के सर्किल इंचार्ज रूपेश कुमार का कहना है कि कंपनी द्वारा प्रत्येक मीटर रीडर को 1800 बिल निकालने, शत प्रतिशत वसूली का लक्ष्य प्राप्त करने पर मानदेय के रूप में 15600 रुपये मानदेय देने की बात कही गई थी। लक्ष्य पूर्ति नहीं होने पर मानदेय कम बन रहा है।
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धामपुर। विद्युत मीटर रीडरों ने कंपनी द्वारा निर्धारित 15 हजार मानदेय के स्थान पर पांच हजार से भी कम मानदेय देने पर मंगलवार को निगम के एसई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी। उनका कहना था कि कंपनी की मनमानी से उनकी दिवाली फीकी हो गई है।
मीटर रीडरों ने बताया कि विगत दिनों हैदराबाद की एक कंपनी को विद्युत बिल निकालने व उपभोक्ताओ से बिलों की वसूली करने का ठेका मिला है। 14 अक्तूबर को कंपनी द्वारा मीटर रीडर के पदों के लिए मुरादाबाद में साक्षात्कार लिया गया था। इस दौरान प्रति मीटर रीडर को 15 हजार 600 रुपये मानदेय देने का भरोसा देकर 15 हजार रुपये बतौर ड्राफ्ट एडवांस जमानत राशि भी जमा कराई गई थी। कंपनी से 60 से ज्यादा युवाओं को नौकरी पर रखा था। अब कंपनी की ओर से मात्र तीन से पांच हजार रुपये का मानदेय दिया जा रहा है।
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मंगलवार को मीटर रीडरों ने एसई धामपुर राजेंद्र प्रसाद को समस्या बताई। एसई ने कहा कि कंपनी का निगम से सीधा कोई वास्ता नहीं है। वे कंपनी के कर्मचारी हैं, इसलिए वे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। ज्ञापन देने वालों में अतुल कुमार, जय कुमार, पंकज, सौरभ, मोहित, अशोक, कमलेश, गौरव कुमार, निपेन्द्र कुमार, हीरा, विकास कुमार, सचिन कुमार रहे।
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उधर, कंपनी के सर्किल इंचार्ज रूपेश कुमार का कहना है कि कंपनी द्वारा प्रत्येक मीटर रीडर को 1800 बिल निकालने, शत प्रतिशत वसूली का लक्ष्य प्राप्त करने पर मानदेय के रूप में 15600 रुपये मानदेय देने की बात कही गई थी। लक्ष्य पूर्ति नहीं होने पर मानदेय कम बन रहा है।