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लखनऊ से पहुंची टीम ने पेयजल की जांच शुरू की

Mon, 18 Feb 2019 07:38 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Feb 2019 07:38 PM IST
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लखनऊ से पहुंची टीम ने पेयजल की जांच शुरू की
लखनऊ से पहुंची टीम ने की पेयजल की जांच
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पेयजल की प्रारंभिक जांच में कुछ तत्व गलत मिले
अमर उजाला ब्यूरो
जलीलपुर। विकास खंड जलीलपुर के गांवों में पेयजल की गुणवत्ता जांचने और ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन लखनऊ की टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर काम शुरू कर दिया। यह टीम 26 फरवरी तक विकास खंड जलीलपुर के समस्त गांवों मे जाकर पेयजल आदि की जांच करेगी।

विकास खंड जलीलपुर मुख्यालय पहुंचकर राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन, ग्राम्य विकास विभाग लखनऊ की टीम ने पेयजल एवं स्वच्छता आदि विषयों पर गोष्ठी, नुक्कड़ नाटक कर कार्यक्रम की शुरुआत की। राज्य प्रशिक्षक संजय सक्सेना ने कहा स्वच्छ पेयजल का उपयोग कर ही हम स्वस्थ रह सकते हैं। स्वच्छ जल के साथ ही हमें अपने जीवन में स्वच्छता की आदत डालनी चाहिए। जब वातावरण स्वच्छ रहेगा तभी हम स्वस्थ रहेंगे। बताया कि यह टीम नुक्कड़ नाटक, बैठक, गोष्ठी, चलचित्र आदि के साथ ही ग्रामीणों से सीधा संवाद कर स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने व स्वच्छता को अपने के लिए प्रेरित करेगी। 26 फरवरी तक विकास खंड जलीलपुर के समस्त गांवों में पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। टीम ने जलीलपुर, नाईपुरा उर्फ जुझारपुरा, रवाना, शाहपुर, गंधौर आदि गांव में पहुंचकर कार्यक्रम व जल की जांच करेगी। राज्य प्रशिक्षक संजय सक्सेना, जल जांच विशेषज्ञ धर्मेंद्र कुमार, प्रशिक्षक सतेंद्र यादव, योजना समन्वयक नूर आलम, शिवम खरे, सलोनी आदि रहे। जांच विशेषज्ञ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत में आर्सेनिक, फ्लोराइड, क्लोरिन, क्लोराइड स्टेबिलिटी हार्नेस पीएच बैक्टीरिया आयरन एवं नाइट्रेट की जांच की गई। जिसमें पानी में आर्सेनिक की मात्रा 0.010 लीटर मिली, जो कि सुरक्षित है। फ्लोराइड की मात्रा 1.0 से लेकर 0.5 तक मिली। जो कि सावधान की स्थिति में है फ्लोराइड के बचाव के लिए उपाय बताया गया एवं जल जनित बीमारियों से बचाव की जानकारी जन समुदाय को दी गई। आयरन 0.2, 0.3, 0.4, 1.0 लीटर पाया गया जो कि सावधान की स्थिति को दर्शाता है। इसके लिए जलश्रोत से ताजा पानी पीने की सलाह दी गई। और जलश्रोतों के पास गंदगी न करने का सुझाव दिया है।
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