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हवा की रफ्तार से किसान परेशान
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:33 PM IST
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तेज हवा ने बढ़ाई किसानों की चिंता
बिजनौर। जिले भर में मंगलवार को 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। हवा चलने से मौसम में जल्द परिवर्तन होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर हवा ऐसे ही चली तो गेहूं की फसल की बढ़ोतरी कम होगी और वह जल्दी पक जाएगी। इससे गेहूं का उत्पादन कम हो सकता है।
जनवरी के साथ शुरू हुई ठंड जनवरी का आखिर आते आते विदा होती दिख रही है। एक जनवरी से ही कोहरे के साथ कड़कड़ाती ठंड पड़ने लगी थी। लेकिन अब जनवरी के अंत में मौसम काफी बदला हुआ लग रहा है। मंगलवार को दिन भर तेज रफ्तार से पछवा हवा चली। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार मंगलवार को पछवा हवा की अधिकतम गति 10 किलोमीटर तक रही।
हवा चलने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर आ गई है। हवा चलने से मौसम में गर्मी बढ़ने लगेगी। गेहूं के पौधे को विकास के लिए सर्द मौसम की जरूरत होती है। तापमान 15 फरवरी तक चार डिग्री के आसपास ही रहना चाहिए। लेकिन अभी से तापमान छह डिग्री से भी ऊपर आने लगा है। इससे गेहूं के पौधे का विकास कम होगा और उस पर बाली जल्दी आ जाएगी। मार्च में भी हवा चलती है, ऐसे में गेहूं की फसल पकने से पहले ही गिर जाती है। सफल के गिरने से गेहूं का दाना कमजोर रह जाता है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र के मुताबिक एक-दो दिन में हवा की गति कम हो गई तो गेहूं की फसल को नुकसान नहीं होगा।
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बिजनौर। जिले भर में मंगलवार को 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। हवा चलने से मौसम में जल्द परिवर्तन होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर हवा ऐसे ही चली तो गेहूं की फसल की बढ़ोतरी कम होगी और वह जल्दी पक जाएगी। इससे गेहूं का उत्पादन कम हो सकता है।
जनवरी के साथ शुरू हुई ठंड जनवरी का आखिर आते आते विदा होती दिख रही है। एक जनवरी से ही कोहरे के साथ कड़कड़ाती ठंड पड़ने लगी थी। लेकिन अब जनवरी के अंत में मौसम काफी बदला हुआ लग रहा है। मंगलवार को दिन भर तेज रफ्तार से पछवा हवा चली। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार मंगलवार को पछवा हवा की अधिकतम गति 10 किलोमीटर तक रही।
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हवा चलने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर आ गई है। हवा चलने से मौसम में गर्मी बढ़ने लगेगी। गेहूं के पौधे को विकास के लिए सर्द मौसम की जरूरत होती है। तापमान 15 फरवरी तक चार डिग्री के आसपास ही रहना चाहिए। लेकिन अभी से तापमान छह डिग्री से भी ऊपर आने लगा है। इससे गेहूं के पौधे का विकास कम होगा और उस पर बाली जल्दी आ जाएगी। मार्च में भी हवा चलती है, ऐसे में गेहूं की फसल पकने से पहले ही गिर जाती है। सफल के गिरने से गेहूं का दाना कमजोर रह जाता है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र के मुताबिक एक-दो दिन में हवा की गति कम हो गई तो गेहूं की फसल को नुकसान नहीं होगा।
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