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श्रीमद् भागवत कथा में बोले कथाव्यास अंबरीश दास
Updated Sun, 19 Nov 2017 12:46 AM IST
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नजीबाबाद (बिजनौर)। श्रीमद् भागवत कथा का सुमिरन जीवन के सभी कष्टों को हर लेता है। जिसने भागवत के सार को जाना, वह भवसागर से पार हो गया।
कथाव्यास पंडित अंबरीश दास ने यह बात कही। वह आदर्शनगर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन कर रहे थे। महारास लीला, गोपी उद्घव संवाद, रुकमणि विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कथाव्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन एक आदर्श जीवन था। उन्होंने दानवों के संहार के साथ साथ संपूर्ण मानव जाति के कल्याण का मार्ग तैयार किया। रुकमणि विवाह का प्रसंग शुरू होते ही श्रीकृष्ण और राधा जी की झांकी में नन्हे मुन्ने बच्चों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। चंद्रशेखर शर्मा, नितेेश त्यागी, अतर सिंह आदि ने राधा-कृष्ण पर फूूलों की वर्षा की ओर चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
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कथाव्यास पंडित अंबरीश दास ने यह बात कही। वह आदर्शनगर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन कर रहे थे। महारास लीला, गोपी उद्घव संवाद, रुकमणि विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कथाव्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन एक आदर्श जीवन था। उन्होंने दानवों के संहार के साथ साथ संपूर्ण मानव जाति के कल्याण का मार्ग तैयार किया। रुकमणि विवाह का प्रसंग शुरू होते ही श्रीकृष्ण और राधा जी की झांकी में नन्हे मुन्ने बच्चों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। चंद्रशेखर शर्मा, नितेेश त्यागी, अतर सिंह आदि ने राधा-कृष्ण पर फूूलों की वर्षा की ओर चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।