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जेल के आठ बंदी समेत 133 संक्रमित
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जेल के आठ बंदी समेत 133 संक्रमित
बिजनौर। जिले में सोमवार को कोरोना के 133 मरीज मिले हैं। सभी संक्रमित लोगों को होम आइसोलेशन में ही रखा गया है। रेपिड रेस्पांस टीम घर-घर जाकर मरीजों को दवाई दे रही हैं।
कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। जेल में बंदियों की परिजनों से मुलाकात पर कई दिन पहले रोक लगा दी गई थी। इसका मकसद था कि जेल में बंदियों तक कोरोना संक्रमण न पहुंचे। इसके बाद भी जेल में संक्रमण पहुंच रहा है। सोमवार को जिला जेल में आठ बंदियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। सोमवार को कुल 133 कोरोना संक्रमित मिले हैं। जिले में अब कोरोना के सक्रिय केस बढ़कर 1362 हो गए हैं। सोमवार को छह स्वास्थ्य कर्मचारी, तीन पुलिसकर्मी और एक बैंक कर्मचारी में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। सोमवार को कोरोना के पुराने 226 मरीजों को होम आइसोलेशन से डिस्चार्ज किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अफसर लोगों से एहतियात बरतने और जागरूक होने के साथ ही कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की अपील कर रहे हैं।
संपर्क में आए लोग ज्यादा करा रहे हैं जांच
एसीएमओ डॉ. देवीदास के अनुसार कोरोना की जांच कराने वाले वही लोग हैं, जिनका कोई परिचित संक्रमित मिल रहा है। खांसी, जुकाम व बुखार के अन्य मरीज कम ही जांच करा रहे हैं। अगर ये लोग जांच कराकर या बिना कराए ही मास्क लगाकर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें तो संक्रमण को दूसरों तक पहुंचने से रोका जा सकता है।
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कोरोना का अंदेशा होने पर कराएं जांच
एसीएमओ डॉ. देवीदास के अनुसार कोरोना का अंदेशा होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। अगर फिर भी जांच नहीं करा रहे हैं तो कुछ दिन के लिए खुद को होम आइसोलेशन में रखा जा सकता है। सभी को कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण भी कराना चाहिए।
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बिजनौर। जिले में सोमवार को कोरोना के 133 मरीज मिले हैं। सभी संक्रमित लोगों को होम आइसोलेशन में ही रखा गया है। रेपिड रेस्पांस टीम घर-घर जाकर मरीजों को दवाई दे रही हैं।
कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। जेल में बंदियों की परिजनों से मुलाकात पर कई दिन पहले रोक लगा दी गई थी। इसका मकसद था कि जेल में बंदियों तक कोरोना संक्रमण न पहुंचे। इसके बाद भी जेल में संक्रमण पहुंच रहा है। सोमवार को जिला जेल में आठ बंदियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। सोमवार को कुल 133 कोरोना संक्रमित मिले हैं। जिले में अब कोरोना के सक्रिय केस बढ़कर 1362 हो गए हैं। सोमवार को छह स्वास्थ्य कर्मचारी, तीन पुलिसकर्मी और एक बैंक कर्मचारी में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। सोमवार को कोरोना के पुराने 226 मरीजों को होम आइसोलेशन से डिस्चार्ज किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अफसर लोगों से एहतियात बरतने और जागरूक होने के साथ ही कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की अपील कर रहे हैं।
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संपर्क में आए लोग ज्यादा करा रहे हैं जांच
एसीएमओ डॉ. देवीदास के अनुसार कोरोना की जांच कराने वाले वही लोग हैं, जिनका कोई परिचित संक्रमित मिल रहा है। खांसी, जुकाम व बुखार के अन्य मरीज कम ही जांच करा रहे हैं। अगर ये लोग जांच कराकर या बिना कराए ही मास्क लगाकर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें तो संक्रमण को दूसरों तक पहुंचने से रोका जा सकता है।
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कोरोना का अंदेशा होने पर कराएं जांच
एसीएमओ डॉ. देवीदास के अनुसार कोरोना का अंदेशा होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। अगर फिर भी जांच नहीं करा रहे हैं तो कुछ दिन के लिए खुद को होम आइसोलेशन में रखा जा सकता है। सभी को कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण भी कराना चाहिए।