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शायर जुबेर रिजवी पर सेमीनार
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शायर जुबेर रिजवी पर सेमीनार
चांदपुर। सामाजिक एवं शैक्षिक संस्था हेल्पिंग ट्रस्ट एवं राष्ट्रीय उर्दू भाषा नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में शायर जुबेर रिजवी- फन ऑफ सख्सियत विषय पर राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया गया।
स्काई लाइन इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर पर आयोजित सेमीनार में मुख्य अतिथि विख्यात उर्दू लेखक अब्दुल हाई ने जुबैर रिजवी सन ऑफ सख्सियत पर शोध पत्र पढ़ा। जुबैर रिजवी पर किताब लिखने वाले प्रोफेसर महताब अमरोही ने जुबैर रिजवी को राष्ट्रीय शायर बताते हुए कहा कि उनकी सेवाएं उल्लेखनीय थी। जुबैर रिजवी के छोटे भाई प्रोफेसर आफताब रिजवी ने जुबैर रिजवी के बचपन से लेकर उनकी जिंदगी के विभिन्न कार्यो पर विस्तार से चर्चा की। बदायूं के जुबैर खान सहिदी ने कहा कि जुबैर रिजवी के शायरी की दस किताबें छपीं । उनका नाकाबिले फरामोश जहने जदीद नाम का रिसाला उनके जिंदा रहने तक निरंतर छापा। प्रोफेसर समीना खान ने कहा कि जुबैर रिजवी अमरोहा में पैदा हुए ओर उनकी शिक्षा हैदराबाद एवं दिल्ली में हुई। मुशायरों की दुनिया में बादशाह रहे बरेली की डा. शगुफ्ता गजल ने शायर रिजवी को मोहब्बतों का शायर करार दिया। इंजीनियर मोहम्मद समी ने कहा कि जब हमारे देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अमन कारवां बस लेकर लाहौर लेकर गए तो जुबैर रिजवी उनके साथ बस में सवार थे। सेमीनार के संयोजक अलतमश अंजुम ने अतिथियों को स्मृति चिह्न व सर्टिफिकेट भेंट किए। रेखा रोशनी मुंबई हाईकोर्ट की अध्यक्षता, समाजसेवी इलियास अंजुम के संचालन में चले सेमीनार में जुबैर शमशी, मीर नेहटौरी, डा. अब्दुल रशीद सैफी, डा. मुनव्वर हुसैन, मनव्वर उसमान खान, डा. काजी फरहत अली, शादाब अंजुम पूर्व पालिका अध्यक्ष, आलोक मित्तल, यूनुस अंसारी, फाइद अंजुम, यूनुस पहलवान, शाहजहां एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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चांदपुर। सामाजिक एवं शैक्षिक संस्था हेल्पिंग ट्रस्ट एवं राष्ट्रीय उर्दू भाषा नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में शायर जुबेर रिजवी- फन ऑफ सख्सियत विषय पर राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया गया।
स्काई लाइन इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर पर आयोजित सेमीनार में मुख्य अतिथि विख्यात उर्दू लेखक अब्दुल हाई ने जुबैर रिजवी सन ऑफ सख्सियत पर शोध पत्र पढ़ा। जुबैर रिजवी पर किताब लिखने वाले प्रोफेसर महताब अमरोही ने जुबैर रिजवी को राष्ट्रीय शायर बताते हुए कहा कि उनकी सेवाएं उल्लेखनीय थी। जुबैर रिजवी के छोटे भाई प्रोफेसर आफताब रिजवी ने जुबैर रिजवी के बचपन से लेकर उनकी जिंदगी के विभिन्न कार्यो पर विस्तार से चर्चा की। बदायूं के जुबैर खान सहिदी ने कहा कि जुबैर रिजवी के शायरी की दस किताबें छपीं । उनका नाकाबिले फरामोश जहने जदीद नाम का रिसाला उनके जिंदा रहने तक निरंतर छापा। प्रोफेसर समीना खान ने कहा कि जुबैर रिजवी अमरोहा में पैदा हुए ओर उनकी शिक्षा हैदराबाद एवं दिल्ली में हुई। मुशायरों की दुनिया में बादशाह रहे बरेली की डा. शगुफ्ता गजल ने शायर रिजवी को मोहब्बतों का शायर करार दिया। इंजीनियर मोहम्मद समी ने कहा कि जब हमारे देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अमन कारवां बस लेकर लाहौर लेकर गए तो जुबैर रिजवी उनके साथ बस में सवार थे। सेमीनार के संयोजक अलतमश अंजुम ने अतिथियों को स्मृति चिह्न व सर्टिफिकेट भेंट किए। रेखा रोशनी मुंबई हाईकोर्ट की अध्यक्षता, समाजसेवी इलियास अंजुम के संचालन में चले सेमीनार में जुबैर शमशी, मीर नेहटौरी, डा. अब्दुल रशीद सैफी, डा. मुनव्वर हुसैन, मनव्वर उसमान खान, डा. काजी फरहत अली, शादाब अंजुम पूर्व पालिका अध्यक्ष, आलोक मित्तल, यूनुस अंसारी, फाइद अंजुम, यूनुस पहलवान, शाहजहां एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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