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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक
Updated Wed, 01 Aug 2018 01:20 AM IST
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‘प्राइवेट अस्पतालों में न कराएं प्रसव’
बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने सीएमओ को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव प्राइवेट अस्पतालों में बिल्कुल न कराया जाए। शिकायत है कि आंगनबाड़ी गर्भवती महिलाओं का प्रसव प्राइवेट अस्पतालों में करा रही हैं।
विकास भवन में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्य प्रगति मानक के अनुरूप नहीं है, उन्हें चेतावनी पत्र जारी करें। कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव पूर्व टीकाकरण, नियमित खून की जांच, रक्तचाप तथा गर्भ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों एवं खानपान आदि से संबंधित आवश्यक जानकारियों पर आधारित सूचना अंकित कराना सुनिश्चित करें। जननी सुरक्षा योजना का संचालन पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप करें। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की विश्वसनीयता को बढ़ाया जाए, जन सामान्य का प्राइवेट अस्पतालों की ओर कम से कम रुझान हो।
उन्होंने कहा कि नवजात शिशु टीकाकरण किसी भी चिकित्साधिकारी के क्षेत्र में 75 प्रतिशत से कम हुआ तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एएनएम, आशाओं और कार्यकत्रियों की संयुक्त रूप से बैठक आयोजित करें और घर-घर सर्वे के आधार पर पात्र बच्चों की लिस्ट तैयार करें। इस लिस्ट के आधार पर टीकाकरण किया जाए। जिन आशाओं के मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, उनका भुगतान जल्द किया जाए। इस अवसर पर सीएमओ राकेश मित्तल, जिला मलेरिया अधिकारी बृजभूषण आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने सीएमओ को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव प्राइवेट अस्पतालों में बिल्कुल न कराया जाए। शिकायत है कि आंगनबाड़ी गर्भवती महिलाओं का प्रसव प्राइवेट अस्पतालों में करा रही हैं।
विकास भवन में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्य प्रगति मानक के अनुरूप नहीं है, उन्हें चेतावनी पत्र जारी करें। कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव पूर्व टीकाकरण, नियमित खून की जांच, रक्तचाप तथा गर्भ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों एवं खानपान आदि से संबंधित आवश्यक जानकारियों पर आधारित सूचना अंकित कराना सुनिश्चित करें। जननी सुरक्षा योजना का संचालन पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप करें। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की विश्वसनीयता को बढ़ाया जाए, जन सामान्य का प्राइवेट अस्पतालों की ओर कम से कम रुझान हो।
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उन्होंने कहा कि नवजात शिशु टीकाकरण किसी भी चिकित्साधिकारी के क्षेत्र में 75 प्रतिशत से कम हुआ तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एएनएम, आशाओं और कार्यकत्रियों की संयुक्त रूप से बैठक आयोजित करें और घर-घर सर्वे के आधार पर पात्र बच्चों की लिस्ट तैयार करें। इस लिस्ट के आधार पर टीकाकरण किया जाए। जिन आशाओं के मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, उनका भुगतान जल्द किया जाए। इस अवसर पर सीएमओ राकेश मित्तल, जिला मलेरिया अधिकारी बृजभूषण आदि मौजूद रहे।
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