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अधिक व्यक्तियों की बारात पर प्रतिबंध लगाया
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:37 AM IST
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नींदडू़। सादात बिरादरी ने बारातियों की लगातार बढ़ रही संख्या पर अंकुश लगाते हुए इसे 100 व्यक्तियों तक सीमित करने का फैसला लिया है। इसके अलावा बारात के समय पर पहुंचने और बैठाकर खाना खिलाने पर भी सहमति बनी।
बुधवार रात सादात मस्जिद में सादात (सैयद) बिरादरी के लोगों की बैठक हुई। अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन के बैनर तले होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में बिरादरी ने कुछ दिनों पूर्व हुई शादियों में बारातियों की संख्या छह सौ से अधिक होने पर चिंता व्यक्त की और इसे कन्या पक्ष पर अधिभार मानते हुए बारात को 100 व्यक्तियों तक सीमित करने का निर्णय लिया। बिरादरी के प्रमुख अमीर अली ने बारात मेें 100 पुरुषों के अलावा आवश्यकतानुसार पांच महिलाओं के शामिल होने तथा उन्हें बारात से अलग दुल्हन के कक्ष में ठहराने, बारात पहुंचने में अनावश्यक विलंब नहीं करने तथा बारातियों को हर हालत मेें बैठाकर खाना खिलाने पर सहमति बनी। लड़की पक्ष पर अतिरिक्त बोझ कम करने की मंशा से शादी में बिरादरी की दावत पर पाबंदी लगाने तथा लड़के की शादी में वलीमे की दावत पर जोर दिया गया। उलमा ने शादी में डीजे व आतिशबाजी समाप्ति में सहयोग के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया।
मौलवी असरार अहमद के संरक्षण में मुफ्ती मो. अशरफ की अध्यक्षता व कारी मो. अरशद के संचालन में बैठक का शुभारंभ कारी तलअत महमूद द्वारा तिलावते कुरान से हुआ। मुफ्ती मो. कासिम ने नात पढ़ी। सादात बिरादरी की ओर से गुलजार प्रधान, तौफीक अहमद, हाजी अनीस तथा अंजुमन की जानिब से मुफ्ती मो. अशरफ, मुफ्ती मो. कासिम, मोलवी अबरार अहमद व कारी अरशद ने विचार व्यक्त किए।
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बुधवार रात सादात मस्जिद में सादात (सैयद) बिरादरी के लोगों की बैठक हुई। अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन के बैनर तले होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में बिरादरी ने कुछ दिनों पूर्व हुई शादियों में बारातियों की संख्या छह सौ से अधिक होने पर चिंता व्यक्त की और इसे कन्या पक्ष पर अधिभार मानते हुए बारात को 100 व्यक्तियों तक सीमित करने का निर्णय लिया। बिरादरी के प्रमुख अमीर अली ने बारात मेें 100 पुरुषों के अलावा आवश्यकतानुसार पांच महिलाओं के शामिल होने तथा उन्हें बारात से अलग दुल्हन के कक्ष में ठहराने, बारात पहुंचने में अनावश्यक विलंब नहीं करने तथा बारातियों को हर हालत मेें बैठाकर खाना खिलाने पर सहमति बनी। लड़की पक्ष पर अतिरिक्त बोझ कम करने की मंशा से शादी में बिरादरी की दावत पर पाबंदी लगाने तथा लड़के की शादी में वलीमे की दावत पर जोर दिया गया। उलमा ने शादी में डीजे व आतिशबाजी समाप्ति में सहयोग के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया।
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मौलवी असरार अहमद के संरक्षण में मुफ्ती मो. अशरफ की अध्यक्षता व कारी मो. अरशद के संचालन में बैठक का शुभारंभ कारी तलअत महमूद द्वारा तिलावते कुरान से हुआ। मुफ्ती मो. कासिम ने नात पढ़ी। सादात बिरादरी की ओर से गुलजार प्रधान, तौफीक अहमद, हाजी अनीस तथा अंजुमन की जानिब से मुफ्ती मो. अशरफ, मुफ्ती मो. कासिम, मोलवी अबरार अहमद व कारी अरशद ने विचार व्यक्त किए।
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