{"_id":"5a5ba2174f1c1b60268b46c9","slug":"131515954711-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालाब को प्रशासन ने कराया कब्जामुक्त, खुदाई का काम शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तालाब को प्रशासन ने कराया कब्जामुक्त, खुदाई का काम शुरू
Updated Mon, 15 Jan 2018 12:01 AM IST
विज्ञापन
प्रशासन ने तालाब से कब्जा हटाया, खुदाई शुरू
बिजनौर। प्रशासन ने गांव नांगलजट में पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए तालाब में खड़ी फसल कटवाकर रविवार से तालाब की खुदाई शुरू करा दी। सोमवार को अवैध रूप से कब्जाए गए अन्य तालाबों को कब्जामुक्त कराने का अभियान चलेगा। राजस्व अधिकारियों ने पूर्व प्रधान के द्वारा तालाब के स्वामित्व को लेकर दी सभी दलीलों को खारिज कर दिया। पूर्व प्रधान की राजस्व टीम से नोकझोंक भी हुई।
तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार के अनुसार हल्दौर ब्लाक के गांव नांगलजट में लोगों ने तालाबों पर अवैध कब्जा करके फसल बो रखी है। इसकी लगातार शिकायत मिल रही थी। शनिवार को प्रशासन ने तालाबों को चिह्नित करके उन्हें कब्जामुक्त कराने का अभियान चलाया। पूर्व प्रधान ब्रह्मपाल सिंह ने तालाब की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके गन्ने की फसल बो रखी थी। पूर्व प्रधान समर्थकों के साथ मौके पर आया और कहा कि जिस जमीन पर फसल खड़ी है, उस जमीन का उनके नाम पर पट्टा है।
पूर्व प्रधान के दावे को खारिज करते हुए तहसीलदार ने कहा कि कब्जाई गई जमीन के कुछ अंश का आसामी पट्टा था। शासन ने वर्ष 2007 में ऐसे सभी पट्टों को निरस्त कर दिया है। राजस्व विभाग की खसरा खतौनी में उक्त जमीन में तालाब दर्ज है। रविवार को तालाब की खुदाई का काम शुरू हो गया है। सोमवार से गांव में अवैध रूप से कब्जाएं गए चिह्नित एक दर्जन से अधिक तालाबों को कब्जामुक्त कराने का अभियान युद्ध स्तर पर शुरू होगा। तहसीलदार के मुताबिक गांव झाल में तीन तालाबों को कब्जामुक्त कराकर खुदाई शुरू करा दी गई है। कुम्हारपुरा गांव में लंबे समय से कब्जाई हुई छह चकरोडों को भी खाली कराकर उनका निर्माण करा दिया है। सोमवार को तालाबों को कब्जामुक्त कराने के लिए राजस्व विभाग की टीम के साथ पुलिसबल भी मौजूद रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। प्रशासन ने गांव नांगलजट में पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए तालाब में खड़ी फसल कटवाकर रविवार से तालाब की खुदाई शुरू करा दी। सोमवार को अवैध रूप से कब्जाए गए अन्य तालाबों को कब्जामुक्त कराने का अभियान चलेगा। राजस्व अधिकारियों ने पूर्व प्रधान के द्वारा तालाब के स्वामित्व को लेकर दी सभी दलीलों को खारिज कर दिया। पूर्व प्रधान की राजस्व टीम से नोकझोंक भी हुई।
तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार के अनुसार हल्दौर ब्लाक के गांव नांगलजट में लोगों ने तालाबों पर अवैध कब्जा करके फसल बो रखी है। इसकी लगातार शिकायत मिल रही थी। शनिवार को प्रशासन ने तालाबों को चिह्नित करके उन्हें कब्जामुक्त कराने का अभियान चलाया। पूर्व प्रधान ब्रह्मपाल सिंह ने तालाब की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके गन्ने की फसल बो रखी थी। पूर्व प्रधान समर्थकों के साथ मौके पर आया और कहा कि जिस जमीन पर फसल खड़ी है, उस जमीन का उनके नाम पर पट्टा है।
विज्ञापन
पूर्व प्रधान के दावे को खारिज करते हुए तहसीलदार ने कहा कि कब्जाई गई जमीन के कुछ अंश का आसामी पट्टा था। शासन ने वर्ष 2007 में ऐसे सभी पट्टों को निरस्त कर दिया है। राजस्व विभाग की खसरा खतौनी में उक्त जमीन में तालाब दर्ज है। रविवार को तालाब की खुदाई का काम शुरू हो गया है। सोमवार से गांव में अवैध रूप से कब्जाएं गए चिह्नित एक दर्जन से अधिक तालाबों को कब्जामुक्त कराने का अभियान युद्ध स्तर पर शुरू होगा। तहसीलदार के मुताबिक गांव झाल में तीन तालाबों को कब्जामुक्त कराकर खुदाई शुरू करा दी गई है। कुम्हारपुरा गांव में लंबे समय से कब्जाई हुई छह चकरोडों को भी खाली कराकर उनका निर्माण करा दिया है। सोमवार को तालाबों को कब्जामुक्त कराने के लिए राजस्व विभाग की टीम के साथ पुलिसबल भी मौजूद रहेगा।
विज्ञापन