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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय कटेगा
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:26 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर । मानदेय सहित अनेक मांगों को लेकर धरने पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं पर शासन ने नजरें टेढ़ी कर ली हैं। काम नहीं तो मानदेय के आधार पर इनका मानदेय रोका जाएगा। इसके लिए शासन ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
खुद को शासकीय कर्मचारी घोषित करने व मानदेय वृद्धि सहित अनेक मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका आंदोलन कर रही हैं। इन्होंने हड़ताल भी कर रखी है। कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले पड़े हैं। इससे शासन की योजनाओं को पलीता लग रहा है। इसे देखते हुए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक राजेंद्र कुमार सिंह ने सभी जिलों की कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। जो भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका हड़ताल पर हैं, उनके नाम व खाता संख्या मांगे गए हैं। हड़ताल पर बैठी इन कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का हड़ताल के दिन की गिनती के आधार पर मानदेय रोका जाएगा। जिले में 3,236 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक-एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका हैं।
यह हैं प्रमुख मांगे:
-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को राजकीय कर्मचारी घोषित किया जाए।
- आंगनबाड़ियों को 18 हजार और सहायिका को दस हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की ड्यूटी केंद्र से अलग कार्यों में न लगाई जाए।
- आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी ग्रीष्मकालीन व शीत कालीन अवकाश घोषित हो।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार हड़ताल पर बैठी कार्यकर्ता व सहायिका की सूची तैयार कर शासन को भेजी जा रही है।
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बिजनौर । मानदेय सहित अनेक मांगों को लेकर धरने पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं पर शासन ने नजरें टेढ़ी कर ली हैं। काम नहीं तो मानदेय के आधार पर इनका मानदेय रोका जाएगा। इसके लिए शासन ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
खुद को शासकीय कर्मचारी घोषित करने व मानदेय वृद्धि सहित अनेक मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका आंदोलन कर रही हैं। इन्होंने हड़ताल भी कर रखी है। कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले पड़े हैं। इससे शासन की योजनाओं को पलीता लग रहा है। इसे देखते हुए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक राजेंद्र कुमार सिंह ने सभी जिलों की कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। जो भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका हड़ताल पर हैं, उनके नाम व खाता संख्या मांगे गए हैं। हड़ताल पर बैठी इन कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का हड़ताल के दिन की गिनती के आधार पर मानदेय रोका जाएगा। जिले में 3,236 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक-एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका हैं।
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यह हैं प्रमुख मांगे:
-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को राजकीय कर्मचारी घोषित किया जाए।
- आंगनबाड़ियों को 18 हजार और सहायिका को दस हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की ड्यूटी केंद्र से अलग कार्यों में न लगाई जाए।
- आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी ग्रीष्मकालीन व शीत कालीन अवकाश घोषित हो।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार हड़ताल पर बैठी कार्यकर्ता व सहायिका की सूची तैयार कर शासन को भेजी जा रही है।