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विद्यालय में जलभराव देख उलटे पांव वापिस हो रहे बच्चें
Updated Tue, 05 Sep 2017 12:36 AM IST
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स्कूलों में भरा पानी, बच्चों के बैठने की जगह तक नहीं
अफजलगढ़। गांव भूतपुरी के प्राथमिक विद्यालय में पानी भरा हुआ है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। शिक्षक पूरे दिन स्कूल में बैठे रहते हैं, लेकिन जलभराव के कारण बच्चे नहीं आते। प्रधान ने स्कूल में भराव करने से मना कर दिया है। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की है।
सोमवार को भी स्कूल में पानी भरा देख बच्चे घर लौट गए। शिक्षकों का कहना है कि दो कमरों में बच्चों की पढ़ाई कराई जाती है। एक कमरे को ऑफिस बना है। बाकी कमरों की हालत अच्छी नहीं है। अभिभावक शकील, मजीद, नजर अहमद, शरीफ, शमीम, इमरान, रेहान, वीर सिंह, हरपाल का कहना है कि स्कूल काफी गहरे में बना है। थोड़ी ही बारिश में पानी भरकर खड़ा हो जाता है। हर साल बरसात के मौसम में उनके बच्चों को समस्या झेलनी पड़ती है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। उधर, शिक्षक शिक्षिकाओं का आरोप है कि उच्चाधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उधर, प्रधान का कहना है कि उच्चाधिकारियों ने उन्हें लिखित में कोई आदेश नहीं दिया है। पंचायत में स्कूल में भराव करने का कोई प्रावधान नहीं है। शिक्षिकाओं ने डीएम से जांच कर स्कूलों में मिट्टी भराव कराने की मांग की है।
वहीं पाहा, जिकरीवाला, अमाननगर, उदयपुर, जयसिंह जोत, सादकपुर, कासमपुरगढ़ी के स्कूलों में भी जलभराव की समस्या बनी है। उधर, प्रधानाध्यापिका विनीता राजपूत का कहना है कि उन्होंने 2010 से कई बार संबंधित विभाग व उच्चाधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत करा दिया है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उधर, सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि जलभराव वाले स्कूलों का चिह्नित कराया जा रहा है। शीघ्र आदेश जारी कर ऐसे स्कूलों में मिट्टी का भराव कराया जाएगा।
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अफजलगढ़। गांव भूतपुरी के प्राथमिक विद्यालय में पानी भरा हुआ है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। शिक्षक पूरे दिन स्कूल में बैठे रहते हैं, लेकिन जलभराव के कारण बच्चे नहीं आते। प्रधान ने स्कूल में भराव करने से मना कर दिया है। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की है।
सोमवार को भी स्कूल में पानी भरा देख बच्चे घर लौट गए। शिक्षकों का कहना है कि दो कमरों में बच्चों की पढ़ाई कराई जाती है। एक कमरे को ऑफिस बना है। बाकी कमरों की हालत अच्छी नहीं है। अभिभावक शकील, मजीद, नजर अहमद, शरीफ, शमीम, इमरान, रेहान, वीर सिंह, हरपाल का कहना है कि स्कूल काफी गहरे में बना है। थोड़ी ही बारिश में पानी भरकर खड़ा हो जाता है। हर साल बरसात के मौसम में उनके बच्चों को समस्या झेलनी पड़ती है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। उधर, शिक्षक शिक्षिकाओं का आरोप है कि उच्चाधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उधर, प्रधान का कहना है कि उच्चाधिकारियों ने उन्हें लिखित में कोई आदेश नहीं दिया है। पंचायत में स्कूल में भराव करने का कोई प्रावधान नहीं है। शिक्षिकाओं ने डीएम से जांच कर स्कूलों में मिट्टी भराव कराने की मांग की है।
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वहीं पाहा, जिकरीवाला, अमाननगर, उदयपुर, जयसिंह जोत, सादकपुर, कासमपुरगढ़ी के स्कूलों में भी जलभराव की समस्या बनी है। उधर, प्रधानाध्यापिका विनीता राजपूत का कहना है कि उन्होंने 2010 से कई बार संबंधित विभाग व उच्चाधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत करा दिया है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उधर, सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि जलभराव वाले स्कूलों का चिह्नित कराया जा रहा है। शीघ्र आदेश जारी कर ऐसे स्कूलों में मिट्टी का भराव कराया जाएगा।
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