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कातिल नहीं मिलने पर दरोगा के पिस्टल खोजने में जुटी पुलिस

Thu, 06 Jul 2017 12:11 AM IST
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:11 AM IST
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कातिल नहीं मिलने पर दरोगा के पिस्टल खोजने में जुटी पुलिस
बिजनौर/मंडावर। दरोगा सहजोर सिंह मलिक मर्डर में कातिलों के अब तक हाथ न लगने पर पुलिस दरोगा के पिस्टल को खोजने में जुटी है। मुरादाबाद से आई डॉग स्क्वायड के साथ एस चेक टीम ने घटना स्थल से लेकर रेलवे स्टेशन तक का सारा रास्ता खंगाल डाला, पर कहीं दरोगा का पिस्टल नहीं मिला। पुलिस को शक है कि कातिल इसी रास्ते से भागे होंगे। भागते समय वह पिस्टल रास्ते में फेंक गए होंगे।
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दरोगा सहजोर सिंह मलिक मर्डर में पांच दिन बाद भी पुलिस कातिलों तक नहीं पहुंच पाई है। पुलिस को अब तक यह नहीं मालूम कि कत्ल किसने और किस वजह से किया है। कातिलों तक पहुंचने के लिए पुलिस धूल में लाठी मारती घूम रही है। बुधवार को मुरादाबाद से डॉग स्क्वायड, एस चेक टीम घटनास्थल पर पहुंची। दोनों टीमों ने घटनास्थल से बालावाली रेलवे स्टेशन जाने वाले कच्चे मार्ग को खंगाल डाला। पर वहां कुछ नहीं मिला। टीम को शक है कि कातिल दरोगा का लूटा हुआ पिस्टल इस रास्ते से भागते हुए कहीं झाड़ी में फेंक गए होंगे या जमीन में दबा गए होंगे। कई घंटे मशक्कत करने पर भी दोनों टीमों को कोई सफलता नहीं मिली। कातिलों की तलाश में पुलिस की एक टीम उत्तराखंड राज्य में डेरा डाले हैं। उत्तराखंड के कई गांवों में पुलिस ने अपराधियों की तलाश में दबिश भी दी हैं। बुधवार को कई लोगों से दरोगा के मर्डर के बारे में पूछताछ की गई। सुबह के समय पुलिस ने बालावाली के कच्चे रास्ते पर एक दीवार के पास खड़ी झाड़ियों को ट्रैक्टर से साफ करा दिया। इसके बाद इस इलाके की भी तलाशी ली गई। वहां भी पिस्टल नहीं मिला।
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पचौरी के आते ही इलाके के अपराधी हुए फुर्र
मुरादाबाद में तैनात दरोगा सुरेंद्र पचौरी के दरोगा मर्डर में जांच शुरू करने से इलाके के कई बदमाश भाग खड़े हुए हैं। सपा सरकार के दौरान सुरेंद्र पचौरी मंडावर थाने में एसओ रहे हैं। उनके रहते इलाके के बदमाश भाग गए थे। सुरेंद्र पचौरी को दरोगा मर्डर के खुलासे में लगाया गया है। उन्होंने पाठल बेचने वाले कई दुकानदारों से बातचीत की। पाठल पर बने मार्का के बारे में जानकारी ली कि यह पाठल कहां से मिलते हैं। सुरेंद्र पचौरी ने कई अपराधियों की तलाश में दबिश भी दी। इस इलाके से सुरेंद्र पचौरी का गहरा नाता है। छोटे से लेकर बड़े अपराधी को वे जानते हैं। सुरेंद्र पचौरी ने कई बिंदुओं पर बारिकी से जांच शुरू कर दी है। गंगा पार के अपराधियों को भी खंगालना शुरू कर दिया है।
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