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पुलिस की तीसरी आंख में हुआ मोतियाबिंद

Wed, 01 May 2019 12:11 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 01 May 2019 12:11 AM IST
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पुलिस की तीसरी आंख में हुआ मोतियाबिंद
इंतजाम बेकार, शहरभर के सीसीटीवी कैमरे खराब
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बिजनौर। शहर में अगर कोई वारदात हो जाती है तो सबसे पहले पुलिस का ध्यान सीसीटीवी की ओर जाता है। लेकिन पुलिस विभाग अपने खर्च से ही लगवाए गए सीसीटीवी का ध्यान नहीं रख पाया, जिसके चलते शहर की तीसरी आंख को मोतियाबिंद हो चुका है। अगर समय रहते इसका ऑपरेशन नहीं हुआ तो किसी दिन पुलिस को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। शहर में लगे सभी 17 सीसीटीवी कैमरों में से एक भी नहीं चल रहा है। किसी का इस ओर ध्यान नहीं है। अफसर भी इसकी सुध नहीं ले रहे। चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे शोपीस बनकर रह गए हैं।
किसी भी तरह की गतिविधियों को कैद करने के लिए जिला मुख्यालय के तमाम चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। प्रशासन को इसका फायदा भी हो रहा था। कोई भी घटना होने पर इन कैमरों की मदद से कई खुलासे हो रहे थे। इतना ही नहीं युवतियों से छेड़छाड़ की घटना पर भी लगाम लगने लगी थी। चौराहों पर लगे कैमरों के डर से कोई भी गलत काम करता डर था। अपराधी भी इन इलाकों में अपराध करने से कतराते थे। पिछले काफी समय से सभी चौराहों पर लगे 17 सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं पर किसी को इसकी परवाह नहीं है। बंद पड़े कैमरों की कोई सुध नहीं ले रहा है। चौराहों पर लगे कैमरे शोपीस बनकर रह गए हैं। कैमरों की मरम्मत तो दूर, कोई कैमरों को देखना भी गंवारा नहीं कर रहा है।
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आतंकी भी हुए थे कैमरों में कैद
सीसीटीवी कैमरे कई बड़ी घटनाओं के खुलासे में मददगार रहे हैं। बिजनौर के मोहल्ला जाटान में 12 सितंबर 2014 को एक मकान में बम बनाते समय विस्फोट होने के बाद तमाम सुरक्षा एजेंसी व पुलिस आतंकियों तक सीसीटीवी कैमरे की मदद से ही पहुंची थी। मुख्य डाकघर चौराहों पर लगे कैमरों में झुलसे आतंकी को एक चिकित्सक के यहां उपचार कराकर लाते मध्यप्रदेश की खंडवा जेल से फरार आतंकी कैद हो गए थे। तब पता चला था कि ये आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए बिजनौर में छिपकर बम बना रहे थे। कैमरों की मदद से इन आतंकियों की पहचान हो पाई थी। व्यापारी नेता रजनीश अग्रवाल को गोली मारने वाले बदमाश भी कैमरे में कैद हुए थे। इन के अलावा जब भी कोई छोटी-बड़ी घटना होती थी तो कैमरों का पुलिस सहारा लेती थी।
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कक्ष बदलने के बाद से बंद हैं सभी कैमरे
सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम सीओ सिटी कार्यालय के ऊपर बना है। पांच छह माह पूर्व इस कंट्रोल रूप का कमरा बदला गया। जिस कमरे में सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम बना था। उसे कान्फ्रेंस रूम बना दिया गया। पर कंट्रोल रूम को दोबारा से नहीं सजाया गया। उसका सामान इधर-उधर पड़ा है। पहले तो कुछ चौराहों के कैमरे खराब होने की वजह से बंद थे। अब सारे चौराहों के कैमरे बंद हो गए पर किसी ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया।
इन जगहों पर लगे हैं सीसीटीवी कैमरे
शास्त्री चौक पर चार, मुख्य डाकघर चौराहे पर दो, बैराज मार्ग स्थित मित्तल पेट्रोल पंप पर तीन, नजीबाबाद मार्ग पर सेंट मेरी चौराहेे पर चार, चांदपुर चुंगी पर चार कैमरे लगे हुए हैं।

ऐसे पता चला कैमरे हैं बंद
भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष सतीश राजपूत के पिता जगदीश प्रसाद राजपूत के साथ हुई लूटपाट के मामले में भाजपा नेताओं ने एसपी से मिलकर कैमरों की मदद से लूट करने वालों का पता लगाने को कहा तो कैमरे बंद होने का पता चला।

जल्द चालू होंगे सभी कैमरे: एसपी
एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक शहर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को चालू कराने के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है, जो कैमरे खराब हो गए उन्हें भी ठीक करा दिया जाए। सभी कैमरे जल्द चालू हो जाएंगे।
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