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अफजलगढ़ ब्लाक में खैराबाद गांव का ऐसा विद्यालय , जिनमें शिक्षक चार और छात्र संख्या शून्य
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:33 AM IST
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खैराबाद विद्यालय में शिक्षक चार और छात्र शून्य
रेहड़। खैराबाद प्राथमिक विद्यालय में चार शिक्षक तैनात हैं, जबकि छात्र संख्या शून्य है। बीईओ का कहना है की प्रधानाध्यापक को बच्चों के प्रवेश कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
अफजलगढ़ ब्लाक के गांव खैराबाद में 2010 में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हुई थी। विद्यालय के प्रथम सत्र में विद्यार्थियों की कुल संख्या 18 थी। उसके बाद लगातार छात्र संख्या घटती चली गई। वर्तमान शैक्षिक सत्र में छात्रों की संख्या शून्य है। उसके बाद विद्यालय में चार शिक्षक तैनात हैं। विद्यालय में बने शौचालय की स्थिति भी बदतर है। उसके दरवाजे टूटे पड़े हैं। बताया गया है कि इस गांव के बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। प्रधानाध्यापक मूलचंद भूईयार ने बताया कि विद्यालय में दो शिक्षामित्रों, एक सहायक अध्यापिका सहित चार अध्यापकों की तैनाती है। विद्यालय स्टाफ की ओर से बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया जा रहा है। उनके द्वारा कई बार बीईओ और बीएसए को अवगत कराया जा चुका है।
उधर, खंड शिक्षा अधिकारी सुनील डबराल का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। विद्यालय में बच्चों की संख्या शून्य नहीं है, बल्कि चार बच्चे पंजीकृत हैं। जब इनके परिवार के सदस्य काम पर जाते हैं तो यह भी उनके साथ ही चले जाते हैं।
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रेहड़। खैराबाद प्राथमिक विद्यालय में चार शिक्षक तैनात हैं, जबकि छात्र संख्या शून्य है। बीईओ का कहना है की प्रधानाध्यापक को बच्चों के प्रवेश कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
अफजलगढ़ ब्लाक के गांव खैराबाद में 2010 में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हुई थी। विद्यालय के प्रथम सत्र में विद्यार्थियों की कुल संख्या 18 थी। उसके बाद लगातार छात्र संख्या घटती चली गई। वर्तमान शैक्षिक सत्र में छात्रों की संख्या शून्य है। उसके बाद विद्यालय में चार शिक्षक तैनात हैं। विद्यालय में बने शौचालय की स्थिति भी बदतर है। उसके दरवाजे टूटे पड़े हैं। बताया गया है कि इस गांव के बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। प्रधानाध्यापक मूलचंद भूईयार ने बताया कि विद्यालय में दो शिक्षामित्रों, एक सहायक अध्यापिका सहित चार अध्यापकों की तैनाती है। विद्यालय स्टाफ की ओर से बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया जा रहा है। उनके द्वारा कई बार बीईओ और बीएसए को अवगत कराया जा चुका है।
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उधर, खंड शिक्षा अधिकारी सुनील डबराल का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। विद्यालय में बच्चों की संख्या शून्य नहीं है, बल्कि चार बच्चे पंजीकृत हैं। जब इनके परिवार के सदस्य काम पर जाते हैं तो यह भी उनके साथ ही चले जाते हैं।
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