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प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की उठाई मांग
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:05 AM IST
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फर्जी सर्टिफिकेट पर चल रही नौकरी
नजीबाबाद (बिजनौर)। अखिल भारतीय हिंदू महासभा के नगर अध्यक्ष ने फर्जी शैक्षिक अंक पत्र जारी करने वाले रैकेट का पता लगाकर कार्रवाई करने की प्रशासन से मांग की। उधर, सेवानिवृत्त शिक्षक ने एक ही अनुक्रमांक पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से दो नामों की मार्कशीट जारी होने का दावा किया।
जिलाधिकारी को भेजे पत्र में हिंदू महासभा के नगर अध्यक्ष रामकुमार तायल ने कहा कि नगर के मोहल्ला महलसराय निवासी एक युवक ने फर्जी अंकपत्रों पर धोखाधड़ी के आधार पर शिक्षामित्र पद पर नियुक्त िंपाई। सहायक अध्यापकए पद पर काम करने के बाद दोबारा वापस शिक्षामित्र पद पर कार्यरत रहते सरकारी लाभ प्राप्त किया। शिकायतकर्ता ने प्रकरण की गंभीरता से जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की।
उधर, सेवानिवृत्त शिक्षक तनवीरुल हसन ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा एक अनुक्रमांक पर दो अंकपत्र जारी होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 को अनुक्रमांक 2107450 से जारी अंकपत्र पर भिन्न-भिन्न नाम प्रकाशित हैं। साथ ही दो अलग अलग शिक्षण संस्थाओं में जन्मतिथि अलग-अलग दर्शाई गई है। तनवीरुल हसन ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचनाएं जुटाने का दावा करते हुए प्रशासन से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की।
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नजीबाबाद (बिजनौर)। अखिल भारतीय हिंदू महासभा के नगर अध्यक्ष ने फर्जी शैक्षिक अंक पत्र जारी करने वाले रैकेट का पता लगाकर कार्रवाई करने की प्रशासन से मांग की। उधर, सेवानिवृत्त शिक्षक ने एक ही अनुक्रमांक पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से दो नामों की मार्कशीट जारी होने का दावा किया।
जिलाधिकारी को भेजे पत्र में हिंदू महासभा के नगर अध्यक्ष रामकुमार तायल ने कहा कि नगर के मोहल्ला महलसराय निवासी एक युवक ने फर्जी अंकपत्रों पर धोखाधड़ी के आधार पर शिक्षामित्र पद पर नियुक्त िंपाई। सहायक अध्यापकए पद पर काम करने के बाद दोबारा वापस शिक्षामित्र पद पर कार्यरत रहते सरकारी लाभ प्राप्त किया। शिकायतकर्ता ने प्रकरण की गंभीरता से जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की।
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उधर, सेवानिवृत्त शिक्षक तनवीरुल हसन ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा एक अनुक्रमांक पर दो अंकपत्र जारी होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 को अनुक्रमांक 2107450 से जारी अंकपत्र पर भिन्न-भिन्न नाम प्रकाशित हैं। साथ ही दो अलग अलग शिक्षण संस्थाओं में जन्मतिथि अलग-अलग दर्शाई गई है। तनवीरुल हसन ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचनाएं जुटाने का दावा करते हुए प्रशासन से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की।
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