फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   अनुपम घोटाले में आरोपियों पर गिरी गाज

अनुपम घोटाले में आरोपियों पर गिरी गाज

Sat, 08 Sep 2018 12:28 AM IST
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
अनुपम घोटाले में आरोपियों पर गिरी गाज
सात प्रबंधकों सहित 12 को किया निलंबित
विज्ञापन

बिजनौर। अनुपम घोटाले में शामिल जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के सात बैंक प्रबंधकों समेत 12 आरोपियों पर कार्रवाई की गई है। बैंक कर्मचारियों को बोर्ड की बैठक में सस्पेंड कर दिया गया है। इन कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट पहले ही दर्ज करा दी गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ये कर्मचारी छुट्टी पर हैं।
अनुपम योजना के अंतर्गत किसानों को भैंसा बुग्गी खरीदने के लिए 20 हजार का ऋण दिया जाता था। इस ऋण पर दस हजार रुपये की सब्सिडी मिलती थी। 2009 में जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की शाखाओं से बिना ऋण बांटे ही किसानों को सब्सिडी वितरित कर दी गई। बैंक की पांच शाखाओं बास्टा, चकराजमल, स्योहारा, बूढ़नपुर और ताजपुर में यह घोटाला पकड़ में आ चुका है। इन शाखाओं पर 1738 किसानों को 1.73 करोड़ की सब्सिडी बांट दी गई। इस मामले में 18 लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इनमें से 12 कर्मचारी ही वर्तमान समय में सेवारत हैं। एक कर्मचारी की मौत हो गई जबकि बाकी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
विज्ञापन

कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बैंक बोर्ड की बैठक बुलाई गई। बोर्ड सदस्यों के सामने यह मामला रखा गया। घोटाले को बैंक की विश्वसनीयता का सवाल बताते हुए बोर्ड अधिकारियों ने एक राय होकर घोटाले में शामिल सभी आरोपियों को निलंबित कर दिया है। बैठक में बोर्ड अध्यक्ष दिनेश कुमार, सचिव अनूप कुमार, संदीप कुमार, शांति देवी, सुनीता देवी, नितिन मौर्य, सिद्धार्थ कुमार, मनोज कुमार, चमन सिंह, प्रेमपाल सिंह, अवनीश कुमार, जयवीर राठी, आंचल भारती, अभिनव कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
शाखा प्रबंधक योगेंद्रपाल सिंह, नीरज कुमार शर्मा, राज कुमार, रविराज सिंह, राजेंद्र कुमार (घोटाले के समय कैशियर), अपूर्व दीक्षित, रोहित कुमार तथा लिपिक/कैशियर अवधेश कुमार, महेंद्र सिंह, जयचंद्र, आशीष कुमार, आशुतोष कौशिक को निलंबित किया गया है। जिला सहकारी बैंक में हुआ यह घोटाला 2014 में पकड़ में आ गया था। लेकिन तब बैंक के बोर्ड ने घोटाले को दबा दिया था। कुछ महीनों पहले इसकी शिकायत लोकायुक्त से की गई थी। लोकायुक्त के आदेश के बाद ही घोटाले में जांच शुरू कर घोटाले को पकड़ा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed