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खटारा बसों के सहारे हांफ रहा जिले का परिवहन विभाग
Updated Sun, 25 Mar 2018 02:55 AM IST
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अमरोहा। अमरोहा जिले की सड़के ही बदहाल नहीं है, यहां आवागमन के साधन भी बीमार पड़ गए हैं। परिवहन विभाग की ओर से चलाई जा रही कुल 63 बसों में अधिकतर बसें बीमार पड़ गई हैं। इन बसों की जर्जर सीटों पर बैठ कर लोग यात्रा करना पसंद नहीं कर रहे हैं। परिवहन विभाग के पास एक भी एसी बसे यहां के लिए नहीं हैं। एसी बसों में यात्रा करने वाले यात्री मजबूर होकर गजरौला और मुरादाबाद से बस सेवा का लाभ उठा पा रहे हैं। इन 63 बसों में 14 अनुुबंधित है।
मुरादाबाद-अमरोहा की बसों को छोड़कर लंबी दूरी की बसों का संचालन दिन में ही हो पाता है। सुबह 7 से रात 8 बजे तक ही बसों का संचालन होता है। स्थानीय मार्गों की बसों का आवागमन रात के 11 बजे तक जारी रहता है। गर्मी ने अपनी दस्तक दे दी है। लेकिन परिवहन विभाग अपने यात्रियों के लिए अभी तक बस अड्डा परिसर के अंदर रेफ्रिजरेटर व ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं कर पाया है। पानी की अधिकतर टोटियों में जंक पकड़ लिया है। जिनसे यात्री अपनी प्यास नहीं बुझा सकते हैं। परिसर के अंदर साफ-सफाई की भी व्यवस्था खस्ताहाल ही है। जगह-जगह कूड़ों का अंबार लगा हुआ है। वहीं दोनों गेट के सामने ठेले, खोमचे व पटरी दुकानदार इस तरह अतिक्रमण किए हुए हैं कि बसों के आवागमन में तो दिक्कत होती ही है यात्री भी परेशान हो रहे हैं।
लोकल रूटों में बसों की संख्या में कोई कमी नहीं है। लंबी दूरी की बसों की संख्या में थोड़ी कमी है, जिसके लिए विभाग से मांग की गई है। लंबी दूरी के लिए जो बसे संचालित होती है उन्हें यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए दिन में ही चलाई जाती है। पिछले तीन सालों से लगातार लाभ में चल रहा है। 2016-17 में विभाग को डेढ़ करोड़ का मुनाफा हुआ है।
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- नरेंद्र कुमार गंगवार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक।
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मुरादाबाद-अमरोहा की बसों को छोड़कर लंबी दूरी की बसों का संचालन दिन में ही हो पाता है। सुबह 7 से रात 8 बजे तक ही बसों का संचालन होता है। स्थानीय मार्गों की बसों का आवागमन रात के 11 बजे तक जारी रहता है। गर्मी ने अपनी दस्तक दे दी है। लेकिन परिवहन विभाग अपने यात्रियों के लिए अभी तक बस अड्डा परिसर के अंदर रेफ्रिजरेटर व ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं कर पाया है। पानी की अधिकतर टोटियों में जंक पकड़ लिया है। जिनसे यात्री अपनी प्यास नहीं बुझा सकते हैं। परिसर के अंदर साफ-सफाई की भी व्यवस्था खस्ताहाल ही है। जगह-जगह कूड़ों का अंबार लगा हुआ है। वहीं दोनों गेट के सामने ठेले, खोमचे व पटरी दुकानदार इस तरह अतिक्रमण किए हुए हैं कि बसों के आवागमन में तो दिक्कत होती ही है यात्री भी परेशान हो रहे हैं।
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लोकल रूटों में बसों की संख्या में कोई कमी नहीं है। लंबी दूरी की बसों की संख्या में थोड़ी कमी है, जिसके लिए विभाग से मांग की गई है। लंबी दूरी के लिए जो बसे संचालित होती है उन्हें यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए दिन में ही चलाई जाती है। पिछले तीन सालों से लगातार लाभ में चल रहा है। 2016-17 में विभाग को डेढ़ करोड़ का मुनाफा हुआ है।
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- नरेंद्र कुमार गंगवार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक।