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बंटवारे से दूर है 103 साल की कश्मीर कौर का परिवार

Sat, 14 May 2022 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 14 May 2022 11:54 PM IST
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103 year old Kashmir Kaur's family is away from partition
बिजनौर के गांव नीलावाला में कश्मीर कौर का संयुक्त परिवार। - फोटो : BIJNOR
बिजनौर। भले ही भौतिकतावाद की चकाचौंध में परिवार छोटे छोटे होते जा रहे हैं। लेकिन 103 वर्षीय कश्मीर कौर का परिवार एकता की मिसाल बना हुआ है। भाइयों भतीजों में तीसरी पीढ़ी आने के बाद भी बंटवारा नहीं हुआ है। पूरे परिवार का खाना आज भी एक ही चूल्हे पर बनता है और सभी एक साथ बैठकर ही खाना खाते हैं। आज हम संयुक्त परिवार दिवस मना रहे हैं, ऐसे में कश्मीर कौर जैसे परिवार समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
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साल 1955 में आर्मी से रिटायर हुए सरदार हरदीप सिंह पंजाब से गांव रावली में आकर बस गए। बाद में उनका परिवार बिजनौर के निकट गांव नीलावाला में रहने लगा। वर्ष 2009 में सरदार हरदीप सिंह का निधन हो गया था। अब घर में उनकी पत्नी कश्मीर कौर सबसे ज्यादा उम्र की बुजुर्ग रह गई। कश्मीर कौर का जन्म 20 जनवरी 1919 को हुआ था। जोकि 103 वर्ष की आयु की हो गई हैं। उनके 3 पुत्र और तीन पुत्री है। सभी की शादी हो गई है । उनके सबसे बड़े पुत्र सरदार उत्तम सिंह, मझले पुत्र सुखवंत सिंह और सरदार हरवंत सिंह तीनों भाई आज भी एक ही छत के नीचे रहते हैं। जोकि संयुक्त परिवार की मिसाल बने हुए हैं।
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कश्मीर कौर के मझले पुत्र सुखवंत सिंह खेती बाड़ी का काम देखते हैं और घर गृहस्थी के कार्य को आज भी उत्तम सिंह ही चलाते हैं। जबकि सरदार हरवंत सिंह एक शिक्षक है। पूरे परिवार में आज भी किसी की हिम्मत नहीं होती कि कश्मीर कौर की बात को कोई टाल दे। उनकी तीनों बहुएं उनका बड़ा ख्याल रखती है। तीनों भाइयों को आज भी एक ही चूल्हे का खाना पसंद है । तीनों भाई शाम का खाना एक साथ ही बैठकर ज्यादा खाना पसंद करते हैं। कश्मीर कौर के बड़े पुत्र सरदार उत्तम सिंह का एक बेटा विक्रम सिंह ढिल्लों तथा पुत्रवधु नवजीत कौर ढिल्लों कनाडा में नौकरी कर रहे हैं।
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जबकि उत्तम सिंह की पुत्री व सरदार सुखवंत सिंह की दो पुत्रियों की शादी हो चुकी है। जबकि सरदार हरबंस सिंह का एक बेटा और एक बेटी कनाडा में पढ़ाई कर रहे हैं। सुखवंत सिंह का पुत्र सुखदेव सिंह भी अपने पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता है । परिवार का मुख्य पेशा खेती किसानी का है। बड़े सामाजिक रसूख वाले इस परिवार को हर कोई पसंद करता है। लोग परिवारों में एकता के लिए उनके संयुक्त परिवार की मिसाल देते हैं। श्रीमती कश्मीर कोर अपने पोत्रों सहित पर प्रपोत्रों के बारे में भी अपने पुत्रों से बात कर करती रहती है।
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