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गंगा और सहायक नदियों को स्वच्छ रखने में करें सहयोग: डीएम
Updated Thu, 24 May 2018 12:18 AM IST
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बिजनौर। डीएम अटल कुमार राय ने जनपद बिजनौर पर्यावरण को बचाकर उसकी रक्षा करने के लिए गंगा तट और उसके किनारे रहने वाले आम नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गंगा नदी को प्रदूषण से मुक्त एवं स्वच्छ रखने के रखने के आदेश दिए हैं।
डीएम अटल कुमार राय के अनुसार दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के आधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जनपद से निकलने वाली नदी गंगा, रामगंगा, मालन नदी व अन्य महत्वपूर्ण नदियों में स्वच्छ जल बनाये रखने तथा उसे प्रदूषण मुक्तरखने के उद्देश्य से निषेधाज्ञा पारित की है। जनपद से होकर गुजरने वाली गंगा एवं उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के उद्देश्य से किसी भी सार्वजनिक उपक्रमों एवं निजी कंपनियों अथवा व्यक्तियों द्वारा प्रदूषण कारक केमिकल्स आदि के बहाव किसी भी नदी में पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में प्लास्टिक पालिथीन, थर्मोकॉल, कपड़े, सीसी, बोतल एवं अन्य किसी प्रकार का कूड़ा-कचरा डालना पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में जले एवं अधजले शवों को प्रवाहित किये जाने पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। सख्त निर्देश दिए गए हैं कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले नाला व सीवर के गंदे पानी को गंगा आदि नदियों में न डाला जाए। जनपद सीमांतर्गत गंगा नदी से रेत, बजरी व पत्थरों का खनन किया जाना पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। गंगा के तट से एक किमी तक कृषि योग्य भूमि पर जैविक विधि से खेती की जाएगी। रसायनिक खाद कीटनाशक दवाएं/इन्सेक्टिसाइड/पेस्टीसाइड आदि का प्रयोग करने की भी मनाही है। गंगा नदी के तट के जलीय जीवों को हानि पहुंचाना तथा उनका शिकार किया जाना पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा।
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डीएम अटल कुमार राय के अनुसार दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के आधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जनपद से निकलने वाली नदी गंगा, रामगंगा, मालन नदी व अन्य महत्वपूर्ण नदियों में स्वच्छ जल बनाये रखने तथा उसे प्रदूषण मुक्तरखने के उद्देश्य से निषेधाज्ञा पारित की है। जनपद से होकर गुजरने वाली गंगा एवं उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के उद्देश्य से किसी भी सार्वजनिक उपक्रमों एवं निजी कंपनियों अथवा व्यक्तियों द्वारा प्रदूषण कारक केमिकल्स आदि के बहाव किसी भी नदी में पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में प्लास्टिक पालिथीन, थर्मोकॉल, कपड़े, सीसी, बोतल एवं अन्य किसी प्रकार का कूड़ा-कचरा डालना पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में जले एवं अधजले शवों को प्रवाहित किये जाने पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। सख्त निर्देश दिए गए हैं कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले नाला व सीवर के गंदे पानी को गंगा आदि नदियों में न डाला जाए। जनपद सीमांतर्गत गंगा नदी से रेत, बजरी व पत्थरों का खनन किया जाना पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। गंगा के तट से एक किमी तक कृषि योग्य भूमि पर जैविक विधि से खेती की जाएगी। रसायनिक खाद कीटनाशक दवाएं/इन्सेक्टिसाइड/पेस्टीसाइड आदि का प्रयोग करने की भी मनाही है। गंगा नदी के तट के जलीय जीवों को हानि पहुंचाना तथा उनका शिकार किया जाना पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा।
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