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जिले के युवकों के लिए फलदायक रहे वर्ष 2018 के कदम
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:32 AM IST
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बिजनौर। प्रशासन द्वारा शुरू किए गए कोचिंग सेंटर ने छह माह के शैशव काल में जिले के आठ युवकों की झोली खुशियों से भर दी। इन युवकों ने पीसीएस प्री समेत केंद्र व राज्य की कई प्रतियोगी परीक्षा की पहली सीढ़ी को पार कर लिया है। शनिवार को जिले के इन प्रतिभाशाली युवकों का बिजनौर पुस्तकालय व सांस्कृतिक केंद्र में डीएम ने सम्मान किया है।
जिले में आए प्रशिक्षु आईएएस इंद्रजीत सिंह की सोच जिले के युवकों की तकदीर परिवर्तक साबित हुई। युवाओं को सकारात्मक सोच वाले डीएम जगतराज का साथ मिला। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने साथ चलने की आवाज देकर युवाओं के हौसलों को बुलंद किया। इसके बाद करीब छह माह पहले जिले में प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए कलक्ट्रेट में निशुल्क कोचिंग सेंटर की नींव रखी गई। चार-पांच युवकों से शुरू इस कोचिंग सेंटर में आज एक सौ के करीब छात्र-छात्राएं कोचिंग ले रहे हैं। कोचिंग संस्थान की स्थापना के मात्र छह माह बाद ही इसका सुखद परिणाम सामने आ गया है। कोचिंग संस्थान में पढ़ रहे अरविंद कुमार, प्रज्ज्वल कुमार, स्वाति व अलका विकारा ने पीसीएस प्री की परीक्षा में कामयाबी हासिल कर ली है। सोनम कश्यप, यश तोमर, ऋषभ त्यागी तथा मोहित कुमार का केंद्र व राज्य सेवाओं में चयन हुआ है। चयनित युवाओं ने सम्मान कार्यक्रम में अपने अनुभवों को शेयर किया।
हर दिन को समझें टर्निंग प्वाइंट
डीएम जगतराज ने शनिवार को चयनित व परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों का सम्मान किया। डीएम ने कोचिंग ले रहे युवकों को सलाह दी कि सादा जीवन उच्च विचार का आदर्श अपनाएं। जीवन के हर दिन को टर्निंग प्वाइंट समझें। सीखने की प्रवृत्ति रखें। कोचिंग सेंटर की नींव का पत्थर बने प्रशिक्षु आईएएस इंद्रजीत सिंह ने कहा कि जिले के बच्चे में टैलेंट की कमी नहीं है। इस मौके पर समिति के सचिव सुरेंद्र विश्नोई, अनु सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रवीर सिंह गहलोत, नवीन किशोर, केडी सिंह, प्रवीण देशवाल, मयंक आदि लोग मौजूद रहे।
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कोचिंग सेंटर होगा बिजनौर पुस्तकालय का पार्ट
डीएम जगतराज के अनुसार डीएम पदेन बिजनौर पुस्तकालय व वाचनालय का अध्यक्ष होता है। प्रशासनिक समिति की बैठक में कोचिंग सेंटर को पुस्तकालय से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। अब कोचिंग सेंटर पुस्तकालय का पार्ट होगा। डीएम ने अपनी ओर से कोचिंग सेंटर को किताबों के लिए पचास हजार रुपये देने की घोषणा की है।
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जिले में आए प्रशिक्षु आईएएस इंद्रजीत सिंह की सोच जिले के युवकों की तकदीर परिवर्तक साबित हुई। युवाओं को सकारात्मक सोच वाले डीएम जगतराज का साथ मिला। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने साथ चलने की आवाज देकर युवाओं के हौसलों को बुलंद किया। इसके बाद करीब छह माह पहले जिले में प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए कलक्ट्रेट में निशुल्क कोचिंग सेंटर की नींव रखी गई। चार-पांच युवकों से शुरू इस कोचिंग सेंटर में आज एक सौ के करीब छात्र-छात्राएं कोचिंग ले रहे हैं। कोचिंग संस्थान की स्थापना के मात्र छह माह बाद ही इसका सुखद परिणाम सामने आ गया है। कोचिंग संस्थान में पढ़ रहे अरविंद कुमार, प्रज्ज्वल कुमार, स्वाति व अलका विकारा ने पीसीएस प्री की परीक्षा में कामयाबी हासिल कर ली है। सोनम कश्यप, यश तोमर, ऋषभ त्यागी तथा मोहित कुमार का केंद्र व राज्य सेवाओं में चयन हुआ है। चयनित युवाओं ने सम्मान कार्यक्रम में अपने अनुभवों को शेयर किया।
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हर दिन को समझें टर्निंग प्वाइंट
डीएम जगतराज ने शनिवार को चयनित व परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों का सम्मान किया। डीएम ने कोचिंग ले रहे युवकों को सलाह दी कि सादा जीवन उच्च विचार का आदर्श अपनाएं। जीवन के हर दिन को टर्निंग प्वाइंट समझें। सीखने की प्रवृत्ति रखें। कोचिंग सेंटर की नींव का पत्थर बने प्रशिक्षु आईएएस इंद्रजीत सिंह ने कहा कि जिले के बच्चे में टैलेंट की कमी नहीं है। इस मौके पर समिति के सचिव सुरेंद्र विश्नोई, अनु सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रवीर सिंह गहलोत, नवीन किशोर, केडी सिंह, प्रवीण देशवाल, मयंक आदि लोग मौजूद रहे।
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कोचिंग सेंटर होगा बिजनौर पुस्तकालय का पार्ट
डीएम जगतराज के अनुसार डीएम पदेन बिजनौर पुस्तकालय व वाचनालय का अध्यक्ष होता है। प्रशासनिक समिति की बैठक में कोचिंग सेंटर को पुस्तकालय से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। अब कोचिंग सेंटर पुस्तकालय का पार्ट होगा। डीएम ने अपनी ओर से कोचिंग सेंटर को किताबों के लिए पचास हजार रुपये देने की घोषणा की है।