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आभास महासंघ ने एक नवंबर को मनाया काला दिवस के रुप में
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:39 AM IST
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आभास महासंघ ने मनाया काला दिवस
बिजनौर। आभास महासंघ मिशन 24 कैरेट ने एक नवंबर को काला दिवस मनाया। संगठन की बैठक में जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने कहा कि एक नवंबर वर्ष 1984 में सिखों का नरसंहार किया गया था। लेकिन 33 साल बीत जाने के बाद भी उनको न्याय नहीं मिला है। वर्तमान सरकार से लेकर पूर्व में रही सरकारों ने सिखों को कोई खास लाभ नहीं पहुंचाया है। वक्ताओं ने कहा कि कुछ लोगों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हत्या कर दी थी, तो उनको फांसी की सजा दी गई थी। लेकिन जिन लोगों ने निर्दोष सिखों की हत्या की थी, अभी तक उनको सजा नहीं दी गई। मंडल अध्यक्ष रविदास सिंह ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 में भारतीय नागरिकों को सभा करने व संघ बनाने समेत छह मूल अधिकार है, लेकिन भारत सरकार उनको अधिकारों का हनन कर रही है। बैठक मेें रोहित कुमार, हितेश कुमार, संदीप कुमार, अरविंद कुमार, सुरेश चंद्र भारती आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता सुरेश चंद्र भारती, संचालन कपिल कुमार ने किया।
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बिजनौर। आभास महासंघ मिशन 24 कैरेट ने एक नवंबर को काला दिवस मनाया। संगठन की बैठक में जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने कहा कि एक नवंबर वर्ष 1984 में सिखों का नरसंहार किया गया था। लेकिन 33 साल बीत जाने के बाद भी उनको न्याय नहीं मिला है। वर्तमान सरकार से लेकर पूर्व में रही सरकारों ने सिखों को कोई खास लाभ नहीं पहुंचाया है। वक्ताओं ने कहा कि कुछ लोगों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हत्या कर दी थी, तो उनको फांसी की सजा दी गई थी। लेकिन जिन लोगों ने निर्दोष सिखों की हत्या की थी, अभी तक उनको सजा नहीं दी गई। मंडल अध्यक्ष रविदास सिंह ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 में भारतीय नागरिकों को सभा करने व संघ बनाने समेत छह मूल अधिकार है, लेकिन भारत सरकार उनको अधिकारों का हनन कर रही है। बैठक मेें रोहित कुमार, हितेश कुमार, संदीप कुमार, अरविंद कुमार, सुरेश चंद्र भारती आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता सुरेश चंद्र भारती, संचालन कपिल कुमार ने किया।