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पांच दिन काम करने वाली रसोइयों ने की जांच की मांग
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:24 AM IST
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रसोइयों का चयन कर स्कूल आने से मना किया
नजीबाबाद (बिजनौर)। प्राथमिक विद्यालय प्रतापपुर में दो नई रसाइयों का चयन कर बाद में उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया। चयनित महिलाओं मानसिक शोषण का आरोप लगाते हुए प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की।
ग्रीष्म अवकाश के बाद खुले प्राथमिक विद्यालय प्रतापपुर में दो नई रसोइयों दुलारी देवी एवं संतोष देवी का चयन कर लिया गया। पांच दिन स्कूल में काम कराने के बाद अचानक दोनों रसाइयों को स्कूल में खाना बनाने न आने के लिए कह दिया गया। महिलाओं का आरोप है कि काम पर आने से रोकने की बाबत पूछने पर उन्हें बताया गया कि बीईओ को दो-दो हजार रुपये सुविधा शुल्क देना होगा। पीड़ित महिलाओं ने इसकी शिकायत एसडीएम से की। एसडीएम को सौंपे शिकायती पत्र में महिलाओं ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर मानसिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। उधर, बीईओ इशकलाल ने बताया कि स्कूल में दो महिलाएं पहले से तैनात हैं। दो रसाइयों के बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं और उनका कार्य भी ठीक है। बीईओ ने रसाइयों के लिए आए आवेदनों में दो नई रसोइयों का चयन होने की भूल स्वीकारते हुए कहा कि दोनों नई रसाइया पात्रता की श्रेणी में नहीं आती हैं, इसलिए उन्हें स्कूल पर आने से मना करते हुए पूर्व से तैनात रसोइयों को रखा गया है। बीईओ ने सुविधा शुल्क के आरोप को निराधार बताया।
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नजीबाबाद (बिजनौर)। प्राथमिक विद्यालय प्रतापपुर में दो नई रसाइयों का चयन कर बाद में उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया। चयनित महिलाओं मानसिक शोषण का आरोप लगाते हुए प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की।
ग्रीष्म अवकाश के बाद खुले प्राथमिक विद्यालय प्रतापपुर में दो नई रसोइयों दुलारी देवी एवं संतोष देवी का चयन कर लिया गया। पांच दिन स्कूल में काम कराने के बाद अचानक दोनों रसाइयों को स्कूल में खाना बनाने न आने के लिए कह दिया गया। महिलाओं का आरोप है कि काम पर आने से रोकने की बाबत पूछने पर उन्हें बताया गया कि बीईओ को दो-दो हजार रुपये सुविधा शुल्क देना होगा। पीड़ित महिलाओं ने इसकी शिकायत एसडीएम से की। एसडीएम को सौंपे शिकायती पत्र में महिलाओं ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर मानसिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। उधर, बीईओ इशकलाल ने बताया कि स्कूल में दो महिलाएं पहले से तैनात हैं। दो रसाइयों के बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं और उनका कार्य भी ठीक है। बीईओ ने रसाइयों के लिए आए आवेदनों में दो नई रसोइयों का चयन होने की भूल स्वीकारते हुए कहा कि दोनों नई रसाइया पात्रता की श्रेणी में नहीं आती हैं, इसलिए उन्हें स्कूल पर आने से मना करते हुए पूर्व से तैनात रसोइयों को रखा गया है। बीईओ ने सुविधा शुल्क के आरोप को निराधार बताया।
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