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Bijnor News: गैर इरादतन हत्या में 10 साल की सजा
Sat, 15 Feb 2025 12:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 15 Feb 2025 12:06 AM IST
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बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश नगीना अनुपम सिंह ने अलाउद्दीन की गैर इरादतन हत्या में दोषी मानते हुए उसके भाई सफरुद्दीन को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 26 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। मृतक की माता कनीज एवं भाई निजामुद्दीन को दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया है।
नगीना निवासी सिराजुद्दीन ने नगीना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि दिनांक 21 जनवरी को 2020 को करीब 7.30 बजे उसका बड़ा लड़का अलाउद्दीन अपनी पत्नी तमन्ना से घर की किसी बात को लेकर मारपीट कर रहा था। जिस पर उसका छोटा बेटा सफरुद्दीन छुड़ा रहा था। इस दौरान अलाउद्दीन ने सफरुद्दीन को गाली गलौच कर धक्का दे दिया।
इस पर सफरुद्दीन ने नाराज होकर गुस्से में आकर अलाउद्दीन के पेट में छुरी से वार किया। जिससे उसके गंभीर चोट आई और उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने अलाउद्दीन को मृत घोषित कर दिया। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने अभियुक्त सफरुद्दीन की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छुरी बरामद की तथा उसके विरुद्ध हत्या के आरोप में चार्जशीट दाखिल की। दौरान विचारण मृतक की मां कनीज एवं भाई निजामुद्दीन को भी हत्या के आरोप में कोर्ट द्वारा तलब किया गया।
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उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने सफरुद्दीन को अपने भाई अलाउद्दीन की गैर इरादतन हत्या का दोषी माना तथा उसे 10 वर्ष की सजा सुनाई। दोष सिद्ध नहीं होने पर मृतक की मां कनीज एवं भाई निजामुद्दीन को बरी कर दिया।
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नगीना निवासी सिराजुद्दीन ने नगीना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि दिनांक 21 जनवरी को 2020 को करीब 7.30 बजे उसका बड़ा लड़का अलाउद्दीन अपनी पत्नी तमन्ना से घर की किसी बात को लेकर मारपीट कर रहा था। जिस पर उसका छोटा बेटा सफरुद्दीन छुड़ा रहा था। इस दौरान अलाउद्दीन ने सफरुद्दीन को गाली गलौच कर धक्का दे दिया।
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इस पर सफरुद्दीन ने नाराज होकर गुस्से में आकर अलाउद्दीन के पेट में छुरी से वार किया। जिससे उसके गंभीर चोट आई और उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने अलाउद्दीन को मृत घोषित कर दिया। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने अभियुक्त सफरुद्दीन की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छुरी बरामद की तथा उसके विरुद्ध हत्या के आरोप में चार्जशीट दाखिल की। दौरान विचारण मृतक की मां कनीज एवं भाई निजामुद्दीन को भी हत्या के आरोप में कोर्ट द्वारा तलब किया गया।
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उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने सफरुद्दीन को अपने भाई अलाउद्दीन की गैर इरादतन हत्या का दोषी माना तथा उसे 10 वर्ष की सजा सुनाई। दोष सिद्ध नहीं होने पर मृतक की मां कनीज एवं भाई निजामुद्दीन को बरी कर दिया।