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बीएचयूः डॉ. फिरोज की संस्कृति संकाय में नियुक्ति रद्द करने के लिए राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी
Fri, 06 Dec 2019 03:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 06 Dec 2019 03:40 AM IST
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बीएचयू
- फोटो : BHU
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बीएचयू के शिक्षकों ने डॉ. फिरोज खान की संस्कृत संकाय में नियुक्ति रद्द करने के लिए महामहिम राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी है। शिक्षक संस्कृत संकाय में गैर हिंदू की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं।
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गौरतलब है कि डॉ. फिरोज की संस्कृत विभाग में नियुक्ति को लेकर बीएचयू में लंबे समय से विवाद और विरोध चल रहा है। इसी बीच अब कल दिल्ली में बीएचयू कार्यकारिणी की अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में यह मुद्दा उठने वाला है।
कार्यकारिणी सदस्य एसवीडीवी के पूर्व संकाय प्रमुखों, प्रोफेसरों के उस शिकायती पत्र पर भी चर्चा कर सकते हैं जो उन्होंने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ ही कार्यकारिणी सदस्यों को पिछले दिनों भेजा था।
बीएचयू कार्यकारिणी के एक सदस्य ने बताया कि डॉ. खान के एसवीडीवी के साहित्य विभाग में नियुक्ति के विरोध में धरना-प्रदर्शन के साथ ही नियम और पारदर्शिता आदि को लेकर तरह-तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगने से विश्वविद्यालय की छवि पर असर पड़ा है। स्थानीय स्तर से लेकर देश भर में बीएचयू को लेकर खूब बयानबाजी भी हुई।
इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगना बहुत जरूरी है, इसके लिए कार्यकारिणी के सदस्य पुरजोर तरीके से इस मुद्दे पर बहस करेंगे। जहां तक इस सत्र में हुई नियुक्तियों का मामला है तो कुलपति ने 30 नवंबर तक हुए साक्षात्कार के लिफाफे खोले जाने की अनुमति कार्यकारिणी से ली थी। इसके बाद हुए साक्षात्कारों के परिणाम भी बैठक में कार्यकारिणी की मुहर लगने के बाद ही जारी होंगे।
अब सभी की निगाहें सात दिसंबर को दिल्ली में होने वाली बैठक में टिकी है। बैठक इस लिहाज से भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें कला संकाय के संस्कृत विभाग में 4 दिसंबर को हुए फिरोज खान के साक्षात्कार का लिफाफा भी खोला जाना है। साथ ही 30 के पहले जिन विभागों के लिफाफे खुल गए हैं, उन पर भी कार्यकारिणी की मुहर लगनी है।
आज दिल्ली जाएंगे विश्वविद्यालय के अधिकारी
कुलपति प्रो. राकेश भटनागर की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में बीएचयू में नियुक्तियों पर मुहर लगने के साथ ही 23 दिसंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के नाम, पदक, उपाधि आदि पर भी फैसला होना है। बैठक की तैयारियां भी लगभग अंतिम चरण में हैं। विश्वविद्यालय से अधिकारी और कर्मचारी नियुक्ति संबंधी कागजातों के साथ शुक्रवार को दिल्ली जाएंगे।
भजन-कीर्तन कर छात्रों ने किया विरोध
संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में धरने पर बैठे छात्रों ने चौथे दिन भजन-कीर्तन कर भगवान से अपनी मांगों के पूरा होने की आराधना की। ढोलक, झाल बजाकर संकाय के गेट पर छात्र भजन गाते रहे। दूसरी ओर शिक्षक-कर्मचारी अंदर आते-जाते रहे, लेकिन उनके बीच बातचीत नहीं हुई। धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि जब तक बीएचयू प्रशासन मांगें नहीं मान लेता है, तब तक वह धरने पर बैठे रहेंगे। इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में नारेबाजी कर आक्रोश भी जताया।
एलडी गेस्ट हाउस की कैमरों से ही होगी निगरानी
बीएचयू परिसर स्थित एलडी गेस्ट हाउस में अब कैमरों से निगरानी होगी। इसके लिए बृहस्पतिवार को अंदर से लेकर बाहर तक हर मंजिल पर कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे जहां आने जाने वालों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। माना जा रहा है कि इससे यहां होने वाली बैठकों, नियुक्ति संबंधी कामकाज आदि में पारदर्शिता आएगी। कुलपति आवास के बगल में बने इस गेस्ट हाउस में समय-समय पर यूजीसी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय से आने वाले अधिकारियों के साथ ही स्थानीय स्तर पर भी अधिकारी और दूर दराज से आने वाले प्रोफेसर ठहरते हैं। दोपहर में गेस्ट हाउस के इंचार्ज प्रो. राकेश सिंह ने कैमरा लगा रहे कर्मचारियों को तय समय के भीतर और सावधानी पूर्वक काम करने के निर्देश दिए।
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BHU teachers appeal President Kovind to revoke Feroze Khan's appointment in Sanskrit faculty
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Read @ANI story | https://t.co/khOm3pJQQs pic.twitter.com/u03DnC1qaE— ANI Digital (@ani_digital) December 5, 2019
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गौरतलब है कि डॉ. फिरोज की संस्कृत विभाग में नियुक्ति को लेकर बीएचयू में लंबे समय से विवाद और विरोध चल रहा है। इसी बीच अब कल दिल्ली में बीएचयू कार्यकारिणी की अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में यह मुद्दा उठने वाला है।
कार्यकारिणी सदस्य एसवीडीवी के पूर्व संकाय प्रमुखों, प्रोफेसरों के उस शिकायती पत्र पर भी चर्चा कर सकते हैं जो उन्होंने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ ही कार्यकारिणी सदस्यों को पिछले दिनों भेजा था।
बीएचयू कार्यकारिणी के एक सदस्य ने बताया कि डॉ. खान के एसवीडीवी के साहित्य विभाग में नियुक्ति के विरोध में धरना-प्रदर्शन के साथ ही नियम और पारदर्शिता आदि को लेकर तरह-तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगने से विश्वविद्यालय की छवि पर असर पड़ा है। स्थानीय स्तर से लेकर देश भर में बीएचयू को लेकर खूब बयानबाजी भी हुई।
इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगना बहुत जरूरी है, इसके लिए कार्यकारिणी के सदस्य पुरजोर तरीके से इस मुद्दे पर बहस करेंगे। जहां तक इस सत्र में हुई नियुक्तियों का मामला है तो कुलपति ने 30 नवंबर तक हुए साक्षात्कार के लिफाफे खोले जाने की अनुमति कार्यकारिणी से ली थी। इसके बाद हुए साक्षात्कारों के परिणाम भी बैठक में कार्यकारिणी की मुहर लगने के बाद ही जारी होंगे।
अब सभी की निगाहें सात दिसंबर को दिल्ली में होने वाली बैठक में टिकी है। बैठक इस लिहाज से भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें कला संकाय के संस्कृत विभाग में 4 दिसंबर को हुए फिरोज खान के साक्षात्कार का लिफाफा भी खोला जाना है। साथ ही 30 के पहले जिन विभागों के लिफाफे खुल गए हैं, उन पर भी कार्यकारिणी की मुहर लगनी है।
आज दिल्ली जाएंगे विश्वविद्यालय के अधिकारी
कुलपति प्रो. राकेश भटनागर की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में बीएचयू में नियुक्तियों पर मुहर लगने के साथ ही 23 दिसंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के नाम, पदक, उपाधि आदि पर भी फैसला होना है। बैठक की तैयारियां भी लगभग अंतिम चरण में हैं। विश्वविद्यालय से अधिकारी और कर्मचारी नियुक्ति संबंधी कागजातों के साथ शुक्रवार को दिल्ली जाएंगे।
भजन-कीर्तन कर छात्रों ने किया विरोध
संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में धरने पर बैठे छात्रों ने चौथे दिन भजन-कीर्तन कर भगवान से अपनी मांगों के पूरा होने की आराधना की। ढोलक, झाल बजाकर संकाय के गेट पर छात्र भजन गाते रहे। दूसरी ओर शिक्षक-कर्मचारी अंदर आते-जाते रहे, लेकिन उनके बीच बातचीत नहीं हुई। धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि जब तक बीएचयू प्रशासन मांगें नहीं मान लेता है, तब तक वह धरने पर बैठे रहेंगे। इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में नारेबाजी कर आक्रोश भी जताया।
एलडी गेस्ट हाउस की कैमरों से ही होगी निगरानी
बीएचयू परिसर स्थित एलडी गेस्ट हाउस में अब कैमरों से निगरानी होगी। इसके लिए बृहस्पतिवार को अंदर से लेकर बाहर तक हर मंजिल पर कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे जहां आने जाने वालों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। माना जा रहा है कि इससे यहां होने वाली बैठकों, नियुक्ति संबंधी कामकाज आदि में पारदर्शिता आएगी। कुलपति आवास के बगल में बने इस गेस्ट हाउस में समय-समय पर यूजीसी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय से आने वाले अधिकारियों के साथ ही स्थानीय स्तर पर भी अधिकारी और दूर दराज से आने वाले प्रोफेसर ठहरते हैं। दोपहर में गेस्ट हाउस के इंचार्ज प्रो. राकेश सिंह ने कैमरा लगा रहे कर्मचारियों को तय समय के भीतर और सावधानी पूर्वक काम करने के निर्देश दिए।