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दिल्ली से रेनूकोट तक श्रमिक कर रहे पैदल यात्रा

Sat, 28 Mar 2020 04:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2020 04:15 PM IST
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Workers on foot from Delhi to Renukot
भदोही के गोपीगंज में हाईवे पर कानपुर से पैदल पटना और बलिया जाते मजदूर। - फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर (भदोही)। लॉकडाउन के चौथे दिन शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 पर तीन से चौर सौ किलोमीटर की यात्रा कर दिहाड़ी मजदूर कहीं रेनूकोट, सोनभद्र, मिर्जापुर, गाजीपुर, बलिया, वाराणसी, चंदौली जाते हुए दिखे, लेकिन पश्चिमी सीमा ऊंज में मजदूरों के लिए किसी प्रकार की सहायता और जांच-पड़ताल न होने से स्थानीय लोगों में कोरोना वायरस की महामारी का अंदेशा गंभीर होती जा रही है।
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मजबूरी में मजदूर झुंड और कतारबद्ध होकर आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस प्रशासन से बचने के लिए बीच-बीच में ठहराव लेने में कमी नहीं रख रहे हैं लेकिन विषम परिस्थिति उस समय उत्पन्न हो जा रही है जब राजमार्ग के जंगीगंज, गोपीगंज, सूफीनगर, वहिदानगर, गोधना मोड़, कौलापुर, लालानगर, औराई, घोसिया, महाराजगंज, पूर्वी सीमा बाबूसराय के दायरे में बड़े वाहनों के दिखाई देने पर वह हाथ देने में कसर नहीं छोड़ते। उस दौरान वाहन चालकों की दरियादिली किसी फजीहत से कम नजर नहीं आती और मजदूर जल्दबाजी में वाहनों पर चढ़ जा रहे हैं।
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बताते हैं कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद दो दिन मिली मोहलत के बाद 25 मार्च से आगामी 14 अप्रैल तक अघोषित लॉकडाउन की घोषणा के कारण सड़कों पर सरकारी-अर्ध सरकारी वाहनों पर पूरी तरह से रोक लग गई। जबकि रेल सेवाएं भी ठप पड़ कर लोगों की परेशानी बढ़ा दी। परदेश में दो-चार दिन के बाद जब कोई रास्ता सामने नहीं दिखाई पड़ा तो मजदूर पैदल ही अपने-अपने गंतव्य को रवाना होने में भलाई समझ रहे हैं। कानपुर से पटना, बलिया, मऊ जा रहे मजदूरों ने बताया कि उनकी संख्या 16 फायर बिग्रेड कानपुर में दिहाड़ी पर काम करते थे लॉकडाउन से काम बंद हो जाने के बाद उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई और वह 270 किलोमीटर की यात्रा कर अपने घर जा रहे हैं।
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इसी तरह प्रयागराज में टाइल्स लगाने का काम कर रहे मजदूरों ने कुछ ऐसी ही आपबीती बयां की। कहा कि पैसे की तंगी के साथ-साथ जब राशन आदि खत्म हो गए तो वह साइकिल से ही घर रवाना हो गए। रास्ते में किसी की ओर से कोई सहायत नहीं मिल सकी। कुछ स्थानों पर लाई, नमकीन, बिस्कुट खरीद कर काम चलाया जा रहा है। इसी तरह नई दिल्ली से पैदल रेनूकोट लौटने वाले मजदूरों ने बताया कि वह पैदल ही चार दिनों से यात्रा कर गोपीगंज पहुंचे हैं। उधर राजमार्ग के जंगीगंज-धनतुलसी अंडरपास ब्रिज का नजारा सबको चौंकाने वाला रहा। जहां पैदल वाराणसी की ओर जा रहे मजदूरों ने नेटवर्किंग कंपनी का सामान लादकर जा रहे कंटेनर चालक ने जब वाहन को रोका तो वह दौड़कर चढ़ गए।
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