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Bhadohi News: डेढ़ साल से वाराणसी डिवीजन का काम ठप, चार साल में 40 फीसदी भी नहीं हुआ निर्माण

Mon, 22 Jun 2026 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:30 PM IST
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Work on the Varanasi division has stalled for a year and a half
मलेथु मोड़ के पास सड़क के पर बने गड्ढे । संवाद
चौरी। वाराणसी-मछलीशहर हाईवे 731-बी के वाराणसी डिवीजन का काम पिछले डेढ़ साल से ठप पड़ा है। वाराणसी सीमा से लेकर भदोही नगर की सीमा तक 45 किमी के दायरे में 60 से अधिक स्थानों पर गड्ढे और डिवाइडर अधूरे हैं। वर्ष 2022 में शुरू हुआ यह कार्य अब तक 40 फीसदी भी पूरा नहीं हो सका है। इससे दुर्घटनाओं और जाम की समस्या के साथ इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आगामी बारिश के मौसम में ये गड्ढे और कंक्रीट और अधिक मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।
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वाराणसी-मछलीशहर हाईवे 731-बी की लंबाई करीब 90 किलोमीटर है। इस हाईवे का लगभग 36 किमी हिस्सा भदोही जनपद से होकर गुजरता है। फोरलेन हाईवे के निर्माण कार्य को दो डिवीजन में बांटा गया है। वाराणसी से भदोही नगर सीमा तक का हिस्सा वाराणसी डिवीजन तथा नगर सीमा से मछलीशहर तक का हिस्सा जौनपुर डिवीजन के अंतर्गत है।
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वाराणसी से जौनपुर को जोड़ने वाले इस फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी द्वारा कराया जा रहा है। वर्ष 2022 में परियोजना पर तेजी से काम शुरू हुआ था, जिसे वर्ष 2024 तक पूरा किया जाना था। भदोही जिले में ही वाराणसी डिवीजन के करीब 18 किमी क्षेत्र में 22 स्थानों पर गड्ढे और अधूरे डिवाइडर छोड़ दिए गए हैं। विशेष रूप से चौरी बाजार में ध्वस्तीकरण और खुदाई के बाद हर दिन चार से पांच बार जाम की स्थिति बनती है।
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हर दिन गुजरते हैं 50 हजार से अधिक लोग
वाराणसी का प्रमुख मार्ग होने के कारण इस सड़क से प्रतिदिन 50 हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है। इसी मार्ग से लोग जौनपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज भी जाते हैं। अधूरे निर्माण कार्य के कारण चौरी बाजार का मुख्य तिराहा, चकिया तिराहा और मलेथु मोड़ पर प्रतिदिन जाम लगता है। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक तथा शाम 5 बजे से देर शाम तक यातायात प्रभावित रहता है। शादी-विवाह के मौसम में सुबह और शाम लंबा जाम लग जाता है।
डेढ़ साल में छोटी-बड़ी 26 दुर्घटनाएं, एक की मौत
हाईवे पर अधूरे डिवाइडर और निर्माण कार्य दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में छोटी-बड़ी 26 दुर्घटनाएं हुई हैं। कोल्हड़ हनुमान मंदिर के सामने अधूरे पड़े डिवाइडर से टकराकर अमवा, जगदीशपुर के बाइक सवार दो लोग घायल हो चुके हैं।
चकिया तिराहा के पास अप्रैल 2025 में बड़ागांव निवासी 23 वर्षीय बाइक सवार रेहान अहमद सड़क किनारे खोदे गए गड्ढों के कारण ट्रक के नीचे आ गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
एनएच 731-बी की प्रमुख बातें
हाईवे की लंबाई : 90 किमी
लागत : 640 करोड़ रुपये
वाराणसी और जौनपुर डिवीजन की जिम्मेदारी : 45-45 किमी
जौनपुर डिवीजन : 95 फीसदी तक काम पूरा
वाराणसी डिवीजन : 40 फीसदी भी काम पूरा नहीं
बाजार में डिवाइडर अधूरा पड़ा हुआ है। अक्सर बाइक सवार इससे टकरा जाते हैं। जाम के कारण हर दिन परेशानी उठानी पड़ रही है। - कर्मराज दुबे, चौरी
खोदी गई सड़क खतरनाक बन गई है। साइकिल सवार छात्र अक्सर गिरकर चोटिल होते हैं। सड़क से सटे चार इंटर कॉलेज, मदरसा और कंपोजिट विद्यालय भी हैं। - बृजराज दुबे, चकभुईधर
बाजार में दुकानों के सामने गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। डेढ़ साल से दुकानदारी पूरी तरह प्रभावित है। जाम के कारण ग्राहक कम आते हैं। - बाबा जायसवाल, स्टेशन रोड, चौरी
आने वाले बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो सकती है। जिम्मेदारों की लापरवाही दुर्घटनाओं और जाम का कारण बन रही है। इससे कब निजात मिलेगी। - महेन्द्र यादव, समरपुर

हाईवे निर्माण का कार्य कर रही कार्यदायी संस्था ने फिलहाल काम छोड़ दिया है। निर्धारित अनुबंधों पर सहमति बनने के बाद कार्यदायी संस्था की ओर से तकनीकी कारणों को बताते हुए काम छोड़ा गया है। अब मंत्रालय स्तर से इस मामले में निर्णय लेना है। मंत्रालय के निर्णय के बाद नई कार्यदायी संस्था चयनित होगी। उसके बाद काम होगा। - मृत्युजंय सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, एनएच।
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