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Bhadohi News: आरपीएफ की शह पर लोकल ब्रांड की पानी की 10 हजार बोतलें रोज बिक रहीं
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ज्ञानपुर स्टेशन पर दुकानों की जांच करती जीआरपी। संवाद
ज्ञानपुर। रेलवे स्टेशनों पर अवैध वेंडरों का बोलबाला है। ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर सोमवार को बनारस-प्रयागराज मेमू ट्रेन पर हुए पथराव की घटना ने रेलवे की सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। अमर उजाला की टीम मंगलवार को रेलवे स्टेशनों पर आए दिन होने वाले विवाद और हंगामे के पीछे की कहानी जानने की कोशिश की। तब मामला सामने आया कि सारा विवाद पानी के अवैध कारोबार और उससे प्राप्त हो रहे मुनाफे और उसके बंदरबांट का है। इस पूरे खेल में जीआरपी, आरपीएफ, पुलिस और रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं।
इस तरह फलफूल रहा है अवैध पानी का कारोबार
जिले में दस रेलवे स्टेशन हैं। यहां लगभग 40 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव होता है। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे प्लेटफॉर्म पर अधिकृत वेंडरों को लाइसेंस जारी करके खाद्य सामग्री की बिक्री करने की अनुमति देता है। यहीं से शुरू होता है अवैध कारोबार का खेल। रेलवे के अधिकारियों को मोटी रकम कमीशन के रूप में देकर वेंडर लाइसेंस लेते हैं। इधर, जीआरपी, आरपीएफ, पुलिस की शह पर अवैध वेंडर लोकल कंपनियों के उत्पाद सस्ते दामों में खरीद करके ब्रांडेड कंपनियों के दामों में बेचते हैं। इससे होने वाला लाभ जीआरपी, आरपीएफ, पुलिस में बंदरबांट होता है। इस समय ठंड का मौसम चल रहा है। ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो के वेंडर आशू चौबे ने बताया कि लगभग 10 स्टेशनों पर प्रतिदिन लोकल ब्रांड के पानी की 10 हजार बोतल की खपत है। लोकल ब्रांड का पानी 6 रुपये में खरीदकर अवैध वेंडर 20 रुपये में बेचते हैं। जबकि ब्रांडेड कंपनी का पानी वेंडरों को 12 रुपये में मिलता है। लोकल ब्रांड का पानी बेचने से उनको लगभग 14 रुपये का मुनाफा होता है। इस तरह प्रतिदिन उनको 1.40 लाख रुपये का मुनाफा हुआ। महीने का हिसाब जोड़े तो यह मुनाफा लगभग 42 लाख तक पहुंचता है।
जनपद के ये हैं प्रमुख स्टेशन
पूर्वाेत्तर रेलवे में माधोसिंह, कटका, जंगीगंज, अहिमनपुर और ज्ञानपुर रोड, उत्तर रेलवे में परसीपुर, भदोही, मोढ़, सुरियावां और सरायकंसराय रेलवे स्टेशन है। इसमें ज्ञानपुर रोड, भदोही और सुरियावां स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव होता है। ज्ञानपुर, भदोही और सुरियावां स्टेशन पर रेलवे ने एक-एक वेंडर को खाद्य सामग्री बेचने के लिए लाइसेंस दिया है।
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20 हजार में लिया था ठेका, पांच हजार निकालना भी मुश्किल
ज्ञानपुर रोड स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो के वेंडर आशू चौबे ने बताया कि हर महीने रेलवे को 20 हजार रुपये का भुगतान करते हैं। अवैध वेंडर लोकल ब्रांड का पानी और खाद्य सामग्री बेचते हैं। इस कारण हमारा व्यापार चौपट होता है। इस कारण पांच हजार रुपये प्रति महीने निकालना मुश्किल हो जाता है। पुलिस की उदासीनता के कारण तीन वेंडरों ने सरेंडर कर दिया है। अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई बार शिकायत किए। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है।
दो अवैध वेंडर गिरफ्तार, ट्रॉली को कब्जे में लिया
ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर सोमवार को बनारस-प्रयागराज मेमू ट्रेन पर हुए पथराव के मामले में मंगलवार को अवैध वेंडरों पर रेलवे पुलिस ने कार्रवाई की। जीआरपी चौकी इंचार्ज आनंद कुमार यादव और आरपीएफ के सत्यवान सिंह ने प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित तीन स्टॉलों और प्लेटफार्म नंबर दो पर एक स्टाॅल की जांच की। प्लेटफॉर्म नंबर दो पर अनाधिकृत रूप से खड़ी एक ट्रॉली को जीआरपी ने कब्जे में ले लिया। स्टेशन परिसर में अवैध रूप से रखे गए सैकड़ों बोतल लोकल ब्रांड के पानी को भी हटवाया। अवैध वेंडर सुदर्शन सिंह निवासी बिहार, मेराज निवासी जिगना मिर्जापुर को गिरफ्तार किया गया।
एक जनवरी 2026 को ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर जांच की गई। इसमें 40 पेटी लोकल ब्रांड का पानी बरामद हुआ था। इसको जीआरपी के सुपुर्द किया गया। समय-समय पर जांच होती है। अधिकृत वेंडर की ही जांच करने का नियम है। अवैध वेंडरों पर निगरानी करना जीआरपी और आरपीएफ का काम है। - कृष्ण गोपाल यादव, डीसीआई रेलवे।
अवैध वेंडरो के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ज्ञानपुर रोड स्टेशन से दो अवैध वेंडरों को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
- दयाशंकर यादव, आरपीएफ प्रभारी, रामबाग।
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इस तरह फलफूल रहा है अवैध पानी का कारोबार
जिले में दस रेलवे स्टेशन हैं। यहां लगभग 40 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव होता है। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे प्लेटफॉर्म पर अधिकृत वेंडरों को लाइसेंस जारी करके खाद्य सामग्री की बिक्री करने की अनुमति देता है। यहीं से शुरू होता है अवैध कारोबार का खेल। रेलवे के अधिकारियों को मोटी रकम कमीशन के रूप में देकर वेंडर लाइसेंस लेते हैं। इधर, जीआरपी, आरपीएफ, पुलिस की शह पर अवैध वेंडर लोकल कंपनियों के उत्पाद सस्ते दामों में खरीद करके ब्रांडेड कंपनियों के दामों में बेचते हैं। इससे होने वाला लाभ जीआरपी, आरपीएफ, पुलिस में बंदरबांट होता है। इस समय ठंड का मौसम चल रहा है। ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो के वेंडर आशू चौबे ने बताया कि लगभग 10 स्टेशनों पर प्रतिदिन लोकल ब्रांड के पानी की 10 हजार बोतल की खपत है। लोकल ब्रांड का पानी 6 रुपये में खरीदकर अवैध वेंडर 20 रुपये में बेचते हैं। जबकि ब्रांडेड कंपनी का पानी वेंडरों को 12 रुपये में मिलता है। लोकल ब्रांड का पानी बेचने से उनको लगभग 14 रुपये का मुनाफा होता है। इस तरह प्रतिदिन उनको 1.40 लाख रुपये का मुनाफा हुआ। महीने का हिसाब जोड़े तो यह मुनाफा लगभग 42 लाख तक पहुंचता है।
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जनपद के ये हैं प्रमुख स्टेशन
पूर्वाेत्तर रेलवे में माधोसिंह, कटका, जंगीगंज, अहिमनपुर और ज्ञानपुर रोड, उत्तर रेलवे में परसीपुर, भदोही, मोढ़, सुरियावां और सरायकंसराय रेलवे स्टेशन है। इसमें ज्ञानपुर रोड, भदोही और सुरियावां स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव होता है। ज्ञानपुर, भदोही और सुरियावां स्टेशन पर रेलवे ने एक-एक वेंडर को खाद्य सामग्री बेचने के लिए लाइसेंस दिया है।
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20 हजार में लिया था ठेका, पांच हजार निकालना भी मुश्किल
ज्ञानपुर रोड स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो के वेंडर आशू चौबे ने बताया कि हर महीने रेलवे को 20 हजार रुपये का भुगतान करते हैं। अवैध वेंडर लोकल ब्रांड का पानी और खाद्य सामग्री बेचते हैं। इस कारण हमारा व्यापार चौपट होता है। इस कारण पांच हजार रुपये प्रति महीने निकालना मुश्किल हो जाता है। पुलिस की उदासीनता के कारण तीन वेंडरों ने सरेंडर कर दिया है। अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई बार शिकायत किए। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है।
दो अवैध वेंडर गिरफ्तार, ट्रॉली को कब्जे में लिया
ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर सोमवार को बनारस-प्रयागराज मेमू ट्रेन पर हुए पथराव के मामले में मंगलवार को अवैध वेंडरों पर रेलवे पुलिस ने कार्रवाई की। जीआरपी चौकी इंचार्ज आनंद कुमार यादव और आरपीएफ के सत्यवान सिंह ने प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित तीन स्टॉलों और प्लेटफार्म नंबर दो पर एक स्टाॅल की जांच की। प्लेटफॉर्म नंबर दो पर अनाधिकृत रूप से खड़ी एक ट्रॉली को जीआरपी ने कब्जे में ले लिया। स्टेशन परिसर में अवैध रूप से रखे गए सैकड़ों बोतल लोकल ब्रांड के पानी को भी हटवाया। अवैध वेंडर सुदर्शन सिंह निवासी बिहार, मेराज निवासी जिगना मिर्जापुर को गिरफ्तार किया गया।
एक जनवरी 2026 को ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर जांच की गई। इसमें 40 पेटी लोकल ब्रांड का पानी बरामद हुआ था। इसको जीआरपी के सुपुर्द किया गया। समय-समय पर जांच होती है। अधिकृत वेंडर की ही जांच करने का नियम है। अवैध वेंडरों पर निगरानी करना जीआरपी और आरपीएफ का काम है। - कृष्ण गोपाल यादव, डीसीआई रेलवे।
अवैध वेंडरो के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ज्ञानपुर रोड स्टेशन से दो अवैध वेंडरों को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
- दयाशंकर यादव, आरपीएफ प्रभारी, रामबाग।