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सोलर पंप से घरों में होगी जलापूर्ति
ब्यूरो/ अमर उजाला भदोही
Updated Tue, 03 May 2016 01:47 AM IST
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हैंडपंपों की खटर-पटर से जल्द ही लोगों को निजात मिल जाएगी। अब सोलर पंप से घरों में पेयजल आपूर्ति होगी। प्रथम चरण में शासन से जिले को 50 सोलर पंप मिले हैं। जल निगम की मैकेनिकल यूनिट चिन्हित स्थानों पर इसे स्थापित करेगी। सीडीओ, पीडी और अधिशासी अभियंता के स्थलीय सत्यापन के बाद हैंडपंप का ऊपरी हिस्सा हटाकर इसे लगाया जाएगा और चिन्हित घरों में पाइपलाइन से पानी को पहुंचाया जाएगा।
पेयजल इकाइयों की स्थापना के अलावा हैंडपंप स्थापित होने के बाद भी ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या कम नहीं हो रही है। व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सरकार अलग-अलग प्रयास कर रही है। सौर ऊर्जा के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाने और लोगों को सहूलियत देने के लिए शासन से जिले को 50 सोलर पंप मिले हैं। करीब छह लाख की लागत से एक सोलर पंप की स्थापना की जाएगी। 50 सोलर पंप पर तीन करोड़ खर्च होगा। सोलर पंप व्यवस्था के तहत हैंडपंप का ऊपरी हिस्सा हटाकर उसमें सोलर पंप स्थापित किया जाएगा। पंप के समीप ही छोटी टंकी स्थापित कर पाइपलाइन के माध्यम से आसपास के 15 से 20 घरों में पानी की आपूर्ति की जाएगी। अधिशासी अभियंता जल निगम एसएन तिवारी ने बताया कि शुरुआती ट्रायल के तौर पर 50 सोलर पंप शासन से मिले हैं। कारगर होने पर आगामी वर्षों में 100 से 150 सोलर पंप जिले को मिल सकते हैं। उन्होंने बताया कि जल निगम की मैकेनिकल यूनिट सोनभद्र पंप को स्थापित कराएगी। मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए और वह खुद ऐसे स्थानों का चयन करेंगेे जहां सोलर पंप लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ज्यादातर सोलर पंप ऐसे इलाकों में स्थापित होगा, जहां बिजली आपूर्ति की दशा ठीक न होने के अलावा पानी का स्तर नीचे होगा।
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पेयजल इकाइयों की स्थापना के अलावा हैंडपंप स्थापित होने के बाद भी ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या कम नहीं हो रही है। व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सरकार अलग-अलग प्रयास कर रही है। सौर ऊर्जा के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाने और लोगों को सहूलियत देने के लिए शासन से जिले को 50 सोलर पंप मिले हैं। करीब छह लाख की लागत से एक सोलर पंप की स्थापना की जाएगी। 50 सोलर पंप पर तीन करोड़ खर्च होगा। सोलर पंप व्यवस्था के तहत हैंडपंप का ऊपरी हिस्सा हटाकर उसमें सोलर पंप स्थापित किया जाएगा। पंप के समीप ही छोटी टंकी स्थापित कर पाइपलाइन के माध्यम से आसपास के 15 से 20 घरों में पानी की आपूर्ति की जाएगी। अधिशासी अभियंता जल निगम एसएन तिवारी ने बताया कि शुरुआती ट्रायल के तौर पर 50 सोलर पंप शासन से मिले हैं। कारगर होने पर आगामी वर्षों में 100 से 150 सोलर पंप जिले को मिल सकते हैं। उन्होंने बताया कि जल निगम की मैकेनिकल यूनिट सोनभद्र पंप को स्थापित कराएगी। मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए और वह खुद ऐसे स्थानों का चयन करेंगेे जहां सोलर पंप लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ज्यादातर सोलर पंप ऐसे इलाकों में स्थापित होगा, जहां बिजली आपूर्ति की दशा ठीक न होने के अलावा पानी का स्तर नीचे होगा।
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