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Bhadohi News: कसियापुर पीएचसी में नहीं हो रही सीबीसी की जांच, मरीज हो रहे परेशान
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कसियापुर (पीएचसी) में एक सप्ताह से सीबीसी (कम्प्लीट ब्लड काउंट) जांच नहीं हो रही है। सोमवार को कई मरीजों को बिना जांच के ही लौटना पड़ा है।
मशीन खराब होने और रिएजेंट न होने के कारण जांच ठप है। इसके कारण मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार को मरीज विवेक सिंह, रबी गुप्ता, सुनील तिवारी बिना जांच के ही वापस लौट गए। रबी ने सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में आकर जांच कराई। उन्होंने बताया कि कसियापुर पीएचसी पर जांच नहीं की गई। टाइफाइड, वायरल बुखार के मरीजों के लिए सीबीसी जांच सबसे जरूरी है। लेकिन पीएचसी पर आने पर उन्हें बताया जा रहा है कि मशीन खराब है। मजबूरन मरीजों को 10 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल, सौ शय्या जाना पड़ रहा है।
मरीज निजी लैब का भी रुख कर रहे हैं। जहां जांच कराने पर 300 रुपये देना पड़ा रहा है। यहां रोजाना 50 की ओपीडी होती है। 10 से 12 मरीजों को जांच लिखी जाती है। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है। तो इस संबंध में गोपीगंज अधीक्षक से बातचीत की जाएगी। जांच क्यों नहीं हो रही है, इसके बारे में भी पूछा जाएगा।
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मशीन खराब होने और रिएजेंट न होने के कारण जांच ठप है। इसके कारण मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार को मरीज विवेक सिंह, रबी गुप्ता, सुनील तिवारी बिना जांच के ही वापस लौट गए। रबी ने सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में आकर जांच कराई। उन्होंने बताया कि कसियापुर पीएचसी पर जांच नहीं की गई। टाइफाइड, वायरल बुखार के मरीजों के लिए सीबीसी जांच सबसे जरूरी है। लेकिन पीएचसी पर आने पर उन्हें बताया जा रहा है कि मशीन खराब है। मजबूरन मरीजों को 10 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल, सौ शय्या जाना पड़ रहा है।
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मरीज निजी लैब का भी रुख कर रहे हैं। जहां जांच कराने पर 300 रुपये देना पड़ा रहा है। यहां रोजाना 50 की ओपीडी होती है। 10 से 12 मरीजों को जांच लिखी जाती है। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है। तो इस संबंध में गोपीगंज अधीक्षक से बातचीत की जाएगी। जांच क्यों नहीं हो रही है, इसके बारे में भी पूछा जाएगा।
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