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Bhadohi News: सख्ती और सुविधाएं बढ़ीं तो दोगुना हुआ जिला अस्पताल में प्रसव का ग्राफ
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ज्ञानपुर। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में हर महीने करीब 10 प्रसव की संख्या बढ़ी है। मार्च महीने से हर महीने 20 से 22 प्रसव कराए जा रहे हैं। इसके पहले यहां प्रसव का आंकड़ा महज 10 से 12 हो पाता था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रसूताओं को दिए जा रहे सुविधाओं और सरकारी अस्पताल में प्रसव को लेकर हुई सख्ती के बाद अब तस्वीर बदलने लगी है। मार्च, अप्रैल, मई, जून में अन्य महीनों की अपेक्षा कम प्रसव होते हैं।
दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाले जिला अस्पताल में सुविधाओं व संसाधन का विस्तार हो रहा है। इसका लाभ मरीजों को मिल रहा है। यहां ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना एक हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इसमें 70-75 गर्भवती महिलाओं की ओपीडी होती है। मार्च के पहले अस्पताल में 10-12 प्रसव होते थे। मार्च से 10-12 प्रसव की संख्या हर महीने बढ़ी है। अब 20-22 प्रसव प्रति माह हो रहे हैं। जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच, दवा के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। अस्पताल में तीन महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। इमरजेंसी वार्ड के प्रथम तल पर पोषण पुनर्वाष केंद्र बनाया गया है। जहां कूपोषित बच्चों को 14 दिनों के लिए भर्ती किया जाता है।
किस महीने में हुए कितने प्रसव
जनवरी 10
फरवरी 12
मार्च 20
अप्रैल 16
मई 18
जून 24
नोट : यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिए गए हैं।
जिला अस्पताल के साथ-साथ सभी सीएचसी, पीएचसी, उप स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव का ग्राफ बढ़ा है। आशा और एएनएम सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत दिख रही है। गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नि:शुल्क किया जाता है। उसके लिए सरकारी अस्पताल से टोकन जारी किया जाता है।
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डॉ. एचके चक, सीएमओ
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दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाले जिला अस्पताल में सुविधाओं व संसाधन का विस्तार हो रहा है। इसका लाभ मरीजों को मिल रहा है। यहां ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना एक हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इसमें 70-75 गर्भवती महिलाओं की ओपीडी होती है। मार्च के पहले अस्पताल में 10-12 प्रसव होते थे। मार्च से 10-12 प्रसव की संख्या हर महीने बढ़ी है। अब 20-22 प्रसव प्रति माह हो रहे हैं। जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच, दवा के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। अस्पताल में तीन महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। इमरजेंसी वार्ड के प्रथम तल पर पोषण पुनर्वाष केंद्र बनाया गया है। जहां कूपोषित बच्चों को 14 दिनों के लिए भर्ती किया जाता है।
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किस महीने में हुए कितने प्रसव
जनवरी 10
फरवरी 12
मार्च 20
अप्रैल 16
मई 18
जून 24
नोट : यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिए गए हैं।
जिला अस्पताल के साथ-साथ सभी सीएचसी, पीएचसी, उप स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव का ग्राफ बढ़ा है। आशा और एएनएम सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत दिख रही है। गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नि:शुल्क किया जाता है। उसके लिए सरकारी अस्पताल से टोकन जारी किया जाता है।
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