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गेहूं खरीद : 16 केंद्रों पर नहीं हुई बोहनी
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ज्ञानपुर। करीब 17 दिन बाद 16 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की बोहनी नहीं हो सकी। विपणन, पीसीएफ और एफसीआई के आठ केंद्रों पर 281 एमटी गेहूं की खरीद हो सकी है। तहसीलों में सत्यापन न होने से बड़ी संख्या में किसानों की खरीद लटकी हुई है। राजस्व विभाग की उदासीनता से किसानों में नाराजगी है।
भरपूर मेहनत के बाद भी किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। किसान औने-पौने दाम पर बिचौलियों अथवा व्यापारियों को उत्पादन बेचने के लिए मजबूर होते हैं। शासन की ओर से एक अप्रैल से गेहूं खरीद का शुभारंभ कर प्रदेश के सभी केंद्रों पर नियमानुसार खरीद करने का सख्त हिदायत दी है। साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए शारीरिक दूरी का पालन कराते हुए खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिले में गेहूं खरीद के लिए खुले 24 क्रय केंद्रो में अब भी 16 पर सन्नाटा पसरा है। करीब 17 दिन गुजरने के बाद भी उक्त केंद्रों पर खरीद का आगाज नहीं हो सका।
आंकड़ों पर गौर करें तो विपणन के छह केंद्रों पर 64 किसानों से 234 एमटी जबकि एफसीआई और पीसीएफ के एक-एक केंद्र पर चार-चार किसानों से खरीद हुई है। खरीद के लिए पंजीकृृत तीन हजार 158 किसानों में मात्र 1800 का ही सत्यापन हो सका है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान राम अकबाल तिवारी ने कहा कि तहसीलों की उदासीनता से किसानों को परेशानी होती है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि मौसम खराब होने और तहसीलों में सत्यापन न होने से 16 केंद्रों पर खरीद शुरू नहीं हो सकी है। इसके लिए तहसीलों को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर किसानों के बैठने, सैनिटाइजर और पेयजल की व्यवस्था की गई है। प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि किसानों से बेहतर व्यवहार करें। गेहूं खरीद के दौरान कोरोना संक्रमण को लेकर भी एहतियात बरती जा रही है। क्रय केंद्रों पर साबुन-पानी का घोल बनाकर रखा गया है। इससे किसानों के हाथ धुलवाए जाएंगे। किसानों को केंद्रों पर मास्क लगाकर ही आने को कहा गया है।
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भरपूर मेहनत के बाद भी किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। किसान औने-पौने दाम पर बिचौलियों अथवा व्यापारियों को उत्पादन बेचने के लिए मजबूर होते हैं। शासन की ओर से एक अप्रैल से गेहूं खरीद का शुभारंभ कर प्रदेश के सभी केंद्रों पर नियमानुसार खरीद करने का सख्त हिदायत दी है। साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए शारीरिक दूरी का पालन कराते हुए खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिले में गेहूं खरीद के लिए खुले 24 क्रय केंद्रो में अब भी 16 पर सन्नाटा पसरा है। करीब 17 दिन गुजरने के बाद भी उक्त केंद्रों पर खरीद का आगाज नहीं हो सका।
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आंकड़ों पर गौर करें तो विपणन के छह केंद्रों पर 64 किसानों से 234 एमटी जबकि एफसीआई और पीसीएफ के एक-एक केंद्र पर चार-चार किसानों से खरीद हुई है। खरीद के लिए पंजीकृृत तीन हजार 158 किसानों में मात्र 1800 का ही सत्यापन हो सका है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान राम अकबाल तिवारी ने कहा कि तहसीलों की उदासीनता से किसानों को परेशानी होती है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि मौसम खराब होने और तहसीलों में सत्यापन न होने से 16 केंद्रों पर खरीद शुरू नहीं हो सकी है। इसके लिए तहसीलों को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर किसानों के बैठने, सैनिटाइजर और पेयजल की व्यवस्था की गई है। प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि किसानों से बेहतर व्यवहार करें। गेहूं खरीद के दौरान कोरोना संक्रमण को लेकर भी एहतियात बरती जा रही है। क्रय केंद्रों पर साबुन-पानी का घोल बनाकर रखा गया है। इससे किसानों के हाथ धुलवाए जाएंगे। किसानों को केंद्रों पर मास्क लगाकर ही आने को कहा गया है।
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