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वनवासी मतदान से वंचित, थाने में दिया धरना
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गोपीगंज कोतवाली में धरना देते चंद्रपुरा के वनवासी। संवाद
- फोटो : BHADOHI
लालानगर। औराई ब्लॉक के चंद्रपुरा गांव निवासी वनवासी परिवारों ने बृहस्पतिवार को गोपीगंज कोतवाली में धरना दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम सदर चंद्रशेखर ने चुनाव बाद मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उन्हें धरना खत्म कराया। वनवासियों ने आरोप लगाया है कि सुबह 10 बजे लगभग दो दर्जन से अधिक परिवारों के साथ बूथ पर पहुंचे तो मतदाता सूची में उनका नाम नहीं दिखा।
इस दौरान जब एक सूची में नाम नहीं मिला तो लोगों ने दूसरी सूची में देखा लेकिन उसमें भी नाम नहीं होने से आखिरकार वह मतदान से वंचित हो गए। आरोप है कि गांव के ही एक पूर्व प्रधान ने उनके अशिक्षित होने का लाभ उठाते हुए उनका नाम मतदाता सूची से कटवा दिया है। कहा कि एक ओर शासन-प्रशासन स्तर से वनवासियों के हक-अधिकार की बात कहीं जाती है लेकिन तहसील, ब्लॉक, निर्वाचन कार्यालय में तैनात होकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अधिकारी-कर्मचारी बिचौलियों के साथ मिलीभगत कर इस तरह का कार्य कर रहे हैं। एक-दो परिवारों का नाम गायब होना गलतियों का कारण माना जाता है लेकिन पूरे कुनबे को लक्ष्य मानकर नामों को हटवाना साजिश है।
इस संबंध में एसडीएम चंद्रशेखर ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में बीएलओ, लेखपाल की कमी सामने आने पर कार्रवाई के लिए डीएम को लिखा जाएगा। धरना देने वालों में इसरी देवी, बेबी, बदामा, भगवानी, मुन्नारी, करीना, प्रदीप, सीमा, पप्पू, छल्कानी वनवासी आदि रहे।
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इस दौरान जब एक सूची में नाम नहीं मिला तो लोगों ने दूसरी सूची में देखा लेकिन उसमें भी नाम नहीं होने से आखिरकार वह मतदान से वंचित हो गए। आरोप है कि गांव के ही एक पूर्व प्रधान ने उनके अशिक्षित होने का लाभ उठाते हुए उनका नाम मतदाता सूची से कटवा दिया है। कहा कि एक ओर शासन-प्रशासन स्तर से वनवासियों के हक-अधिकार की बात कहीं जाती है लेकिन तहसील, ब्लॉक, निर्वाचन कार्यालय में तैनात होकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अधिकारी-कर्मचारी बिचौलियों के साथ मिलीभगत कर इस तरह का कार्य कर रहे हैं। एक-दो परिवारों का नाम गायब होना गलतियों का कारण माना जाता है लेकिन पूरे कुनबे को लक्ष्य मानकर नामों को हटवाना साजिश है।
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इस संबंध में एसडीएम चंद्रशेखर ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में बीएलओ, लेखपाल की कमी सामने आने पर कार्रवाई के लिए डीएम को लिखा जाएगा। धरना देने वालों में इसरी देवी, बेबी, बदामा, भगवानी, मुन्नारी, करीना, प्रदीप, सीमा, पप्पू, छल्कानी वनवासी आदि रहे।
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