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यूरिया-डीएपी ने मिलने से किसान हैरान
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अभोली। धान के सीजन में साधन सहकारी समितियों पर खाद-बीज का टोटा हो गया है। खाद के लिए जाने वाले किसान मायूस होकर समितियों से लौटने लगे हैं। उनका कहना है कि विडंबना ही है कि शराब के ठेकों पर स्टॉक हमेशा पर्याप्त रहता है, लेकिन खेतीबारी के लिए जरूरी डीएपी और अन्य खाद जरूरत के वक्त समितियों पर नहीं मिलती।
विकास खंड के शेरपुर-गोपलहां में संचालित साधन सहकारी समिति पर डीएपी और यूरिया का अभाव हो जाने से किसान नरेंद्र कुमार, वीरेंद्र सिंह, राजकुमार, विमलेंद्र आदि ने नाराजगी जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि एक ओर सहकारिता और कृषि विभाग जिले में खाद की कमी न होने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। समितियों पर जाने पर बताया जाता है कि खाद उपलब्ध नहीं है। पिछले सत्र से ही समिति पर खाद न होने का रोना किसान रो रहे हैं, जिसकी लिखित जानकारी भी जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक खाद उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। किसान खुले बाजार में औने-पौने दाम पर खाद खरीदने को विवश हैं। समितियों से सब्सिडी पर मिलने वाली खाद पर किसानों को भरोसा रहता है। फिर भी विभाग की उदासीनता समझ में नहीं आ रही। चेतावनी दी कि दो दिन में समिति पर खाद उपलब्ध कराकर किसानों में वितरित नहीं कराई गई तो किसान सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि समितियों पर खाद न होना गंभीर मसला है। इसे दिखवाया जाएगा।
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विकास खंड के शेरपुर-गोपलहां में संचालित साधन सहकारी समिति पर डीएपी और यूरिया का अभाव हो जाने से किसान नरेंद्र कुमार, वीरेंद्र सिंह, राजकुमार, विमलेंद्र आदि ने नाराजगी जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि एक ओर सहकारिता और कृषि विभाग जिले में खाद की कमी न होने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। समितियों पर जाने पर बताया जाता है कि खाद उपलब्ध नहीं है। पिछले सत्र से ही समिति पर खाद न होने का रोना किसान रो रहे हैं, जिसकी लिखित जानकारी भी जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक खाद उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। किसान खुले बाजार में औने-पौने दाम पर खाद खरीदने को विवश हैं। समितियों से सब्सिडी पर मिलने वाली खाद पर किसानों को भरोसा रहता है। फिर भी विभाग की उदासीनता समझ में नहीं आ रही। चेतावनी दी कि दो दिन में समिति पर खाद उपलब्ध कराकर किसानों में वितरित नहीं कराई गई तो किसान सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि समितियों पर खाद न होना गंभीर मसला है। इसे दिखवाया जाएगा।
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