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Bhadohi News: 15 दिन से अल्ट्रासाउंड बंद, वापस लौट रहे मरीज

Sun, 07 Apr 2024 01:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Apr 2024 01:51 AM IST
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Ultrasound stopped since 15 days, patients returning
ज्ञानपुर। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में 15 दिन से अल्ट्रासाउंड बंद है। इससे जांच कराने के लिए आने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। निजी संचालकों के यहां जांच के लिए उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है। सुधार न होने पर लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी है। अल्ट्रासाउंड बंद होने से सबसे अधिक दिक्कत प्रसव पीड़िताओं को हो रही है।
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स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के लिए सरकार गंभीर है। इसलिए महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। हर रोज पैथॉलाजी में करीब एक हजार से 1200, अल्ट्रासाउंड के लिए 50 से 60 और एक्सरे के लिए 100 के करीब लोग जांच कराने के लिए आते हैं, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण कभी अल्ट्रासाउंड तो कभी एक्सरे मशीन खराब हो जाती है। एक से दो दिनों में सुधार की बजाए 15 से 20 दिनों तक विभागीय लोग शांत बैठे रहते हैं। अब एक बार फिर 15 दिन पूर्व से अस्पताल का अल्ट्रासाउंड बंद है। जिससे आने वाले मरीजों को जांच के लिए निजी सेंटरों की तरफ रुख करना पड़ रहा है।
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जिला चिकित्सालय में सबसे अधिक अल्ट्रासाउंड प्रसव पीड़िताओं का किया जाता है। एक रेडियोलॉजिस्ट होने के कारण सप्ताह में तीन दिन अल्ट्रासाउंड किया जाता है। शनिवार को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आई ज्ञानपुर से सटे भिदिउरा की संगीता देवी ने बताया कि मशीन न चालू होने के कारण वह 600 रुपये देकर जांच कराई। भुसौला की रंजना को भी निजी अस्पताल का रुख करना पड़ा। जिला चिकित्सालय के सीएमएस डाॅ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि मशीन में तकनीकी दिक्कते होने के कारण अल्ट्रासाउंड बंद है। दो बार मैकेनिक आए उसे देखकर गए है, सोमवार को मशीन बनाने के लिए मैकेनिक पुन: आएंगे। उम्मीद है कि मंगलवार से अल्ट्रासाउंड मशीन चल जाएगी।
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इनसेट
निजी सेंटरों को फायदे के लिए होता है खेल
ज्ञानपुर। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सभी सुविधाएं निशुल्क दी जाती है। अस्पताल के एक स्वास्थ्यकर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि छोटी कमी के कारण भी कई-कई दिन तक मशीने बंद रहती हैं। निजी सेंटरों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचाने के लिए विभागीय अफसर शांत बैठे रहते हैं। जब इसका विरोध तेज होता है तो मशीनें चालू हो जाती हैं।
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