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अल्ट्रासाउंड सेंटर : दो सीज, दो की चल रही जांच, आठ पर लटकी तलवार
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ज्ञानपुर। स्वास्थ्य विभाग के मानकों पर खरे न उतरने वाले जिले के अल्ट्रासाउंड सेंटरों को सीज किया जायेगा। विभाग पहले ही दो अल्ट्रासाउंड सेंटर सीज कर चुका है। वहीं दो अन्य की जांच की जा रही है।
इसके अलावा आठ संचालकों ने नवीनीकरण के आवेदन किया है। अगर यहां भी मानक की अनदेखी मिलती है तो जांच के बाद कमियां मिलने पर इन्हें भी बंद कराया जाएगा।
जिले में कुल 44 अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे हैं। वहीं आठ अल्ट्रासाउंड का पंजीकरण समाप्त हो चुका है। जिसके संचालकों ने विभाग में नवीनीकरण को लेकर आवेदन किया है। विभाग के अनुसार अल्ट्रासाउंड का नवीनीकरण के पहले उसकी बकायदा जांच की जा रही है।
जांच में खरा न उतरने पर उनके लाइसेंस को निरस्त कर दिया जाता है। विभाग ने दो लाइसेंस पहले ही निरस्त कर दिये हैं। इसके अलावा गोपीगंज में अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक ने लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। इसके बाद से सेंटर बंद है।
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वहीं भदोही में जिलाधिकारी के निर्देश पर मशीन जब्त करके सेंटर बंद किया गया है। इसी तरह भदोही और कोईरौना सेंटर के प्रबंधक द्वारा बार-बार आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसे लेकर विभागीय स्तर से जांच की जा रही है।
अगर कार्यप्रणाली में सुधार नहीं आती है तो इसे भी बंद करने की कार्रवाई होगी। अल्ट्रासाउंड सेंटर को लेकर महकमा सख्त है।
जिले में कई ऐसे सेंटर है, जो एक ही व्यक्ति के नाम पर दो सेंटर संचालित हो रहे हैं। इसके प्रबंधक अलग अलग है, लेकिन सोनोलॉजिस्ट एक ही है।
सवाल यह है कि सोनोलॉजिस्ट एक ही समय कैसे दोनों सेंटरों पर मरीज का अल्ट्रासाउंड करता है। यानी किसी न किसी सेंटर पर अप्रशिक्षित मरीजों की रिपोर्ट तैयार करते हैं। ऐसे सेंटर ज्ञानपुर, गोपीगंज में संचालित हंै। जिसे लेकर महकमा अनजान बना हुआ है।
जिले में कुल 44 अल्ट्रासाउंड सेंटर क्रियाशील है। आठ सेंटर की वैधता तिथि सन 2024 में समाप्त हो गई है।
इसके अलावा आठ संचालकों ने नवीनीकरण के आवेदन किया है। अगर यहां भी मानक की अनदेखी मिलती है तो जांच के बाद कमियां मिलने पर इन्हें भी बंद कराया जाएगा।
जिले में कुल 44 अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे हैं। वहीं आठ अल्ट्रासाउंड का पंजीकरण समाप्त हो चुका है। जिसके संचालकों ने विभाग में नवीनीकरण को लेकर आवेदन किया है। विभाग के अनुसार अल्ट्रासाउंड का नवीनीकरण के पहले उसकी बकायदा जांच की जा रही है।
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जांच में खरा न उतरने पर उनके लाइसेंस को निरस्त कर दिया जाता है। विभाग ने दो लाइसेंस पहले ही निरस्त कर दिये हैं। इसके अलावा गोपीगंज में अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक ने लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। इसके बाद से सेंटर बंद है।
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वहीं भदोही में जिलाधिकारी के निर्देश पर मशीन जब्त करके सेंटर बंद किया गया है। इसी तरह भदोही और कोईरौना सेंटर के प्रबंधक द्वारा बार-बार आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसे लेकर विभागीय स्तर से जांच की जा रही है।
अगर कार्यप्रणाली में सुधार नहीं आती है तो इसे भी बंद करने की कार्रवाई होगी। अल्ट्रासाउंड सेंटर को लेकर महकमा सख्त है।
जिले में कई ऐसे सेंटर है, जो एक ही व्यक्ति के नाम पर दो सेंटर संचालित हो रहे हैं। इसके प्रबंधक अलग अलग है, लेकिन सोनोलॉजिस्ट एक ही है।
सवाल यह है कि सोनोलॉजिस्ट एक ही समय कैसे दोनों सेंटरों पर मरीज का अल्ट्रासाउंड करता है। यानी किसी न किसी सेंटर पर अप्रशिक्षित मरीजों की रिपोर्ट तैयार करते हैं। ऐसे सेंटर ज्ञानपुर, गोपीगंज में संचालित हंै। जिसे लेकर महकमा अनजान बना हुआ है।
जिले में कुल 44 अल्ट्रासाउंड सेंटर क्रियाशील है। आठ सेंटर की वैधता तिथि सन 2024 में समाप्त हो गई है।