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Bhadohi News: एसओजी प्रभारी समेत दो निलंबित
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हाईवे पर गांजा तस्करी के वाहन को छोड़ने के मामले में आखिरकार ऊंज थाना प्रभारी और एसओजी प्रभारी को शनिवार की देर शाम पुलिस अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी कात्यायन ने निलंबित कर दिया। दो दिन पूर्व पुलिस लाइन में समीक्षा बैठक के दौरान एडीजी के समक्ष शिकायत आने पर वह नाराज हो गईं। इसके बाद यह कार्रवाई की गई। उक्त कार्रवाई से पुलिस महकमें के साथ ही एसओजी टीम में खलबली मच गई।
जिले में मादक पदार्थ की तस्करी के रोकथाम का दावा तो किया जाता है, लेकिन हाईवे से लेकर अन्य ग्रामीण मार्गों से प्रतिदिन कई वाहनों से गांजा की तस्करी की जाती है। करीब 10 से 12 दिन पूर्व हाईवे पर ऊंज थाना के समीप थाना प्रभारी राजेश प्रताप सिंह और एसओजी प्रभारी शाबान खान के नेतृत्व में कई क्विंटल अवैध गांजा लेकर जा रहे वाहन को पकड़ा गया। कुछ समय बाद एक फोन आने पर उसे छोड़ दिया गया। शुक्रवार शाम को एडीजी पीयूष मोर्डिया पुलिस लाइन में बैठक ले रहे थे।
उसी दौरान पुलिस महकमें से ही कुछ प्रभारी निरीक्षकों ने शिकायत दर्ज कराई। इसे लेकर एडीजी नाराज हो गए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक के खिलाफ नाराजगी जताई और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। शनिवार देर शाम एसपी ने प्रभारी निरीक्षक ऊंज राजेश प्रताप सिंह और एसओजी प्रभारी शाबान खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रकरण में एसओजी की पूरी टीम पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
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पहले भी विवादों में रहे एसओजी प्रभारी
एसओजी टीम पहली बार चर्चा में नहीं है। कुछ को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर प्रभारियों पर दाग लगते रहे हैं। पूर्व प्रभारी विनोद दूबे पर जहां कार्रवाई की गाज गिरी, वहीं अब शबान खान नप गए। शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए पूर्व एसपी डॉ. अनिल कुमार ने शाबान खान समेत एसओजी टीम के कई पुलिसकर्मियों को पूर्व में हटा दिया था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद फिर पूरी टीम वहीं आ गई। दो से ढाई साल में शाबान को तीन बार प्रभार दिया गया। अब सवाल यह है कि जिनके दामन पहले से ही दागदार हैं उन्हें बार-बार जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई।
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जिले में मादक पदार्थ की तस्करी के रोकथाम का दावा तो किया जाता है, लेकिन हाईवे से लेकर अन्य ग्रामीण मार्गों से प्रतिदिन कई वाहनों से गांजा की तस्करी की जाती है। करीब 10 से 12 दिन पूर्व हाईवे पर ऊंज थाना के समीप थाना प्रभारी राजेश प्रताप सिंह और एसओजी प्रभारी शाबान खान के नेतृत्व में कई क्विंटल अवैध गांजा लेकर जा रहे वाहन को पकड़ा गया। कुछ समय बाद एक फोन आने पर उसे छोड़ दिया गया। शुक्रवार शाम को एडीजी पीयूष मोर्डिया पुलिस लाइन में बैठक ले रहे थे।
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उसी दौरान पुलिस महकमें से ही कुछ प्रभारी निरीक्षकों ने शिकायत दर्ज कराई। इसे लेकर एडीजी नाराज हो गए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक के खिलाफ नाराजगी जताई और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। शनिवार देर शाम एसपी ने प्रभारी निरीक्षक ऊंज राजेश प्रताप सिंह और एसओजी प्रभारी शाबान खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रकरण में एसओजी की पूरी टीम पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
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पहले भी विवादों में रहे एसओजी प्रभारी
एसओजी टीम पहली बार चर्चा में नहीं है। कुछ को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर प्रभारियों पर दाग लगते रहे हैं। पूर्व प्रभारी विनोद दूबे पर जहां कार्रवाई की गाज गिरी, वहीं अब शबान खान नप गए। शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए पूर्व एसपी डॉ. अनिल कुमार ने शाबान खान समेत एसओजी टीम के कई पुलिसकर्मियों को पूर्व में हटा दिया था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद फिर पूरी टीम वहीं आ गई। दो से ढाई साल में शाबान को तीन बार प्रभार दिया गया। अब सवाल यह है कि जिनके दामन पहले से ही दागदार हैं उन्हें बार-बार जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई।