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नदी में डूबे चार किशोर तीन बचाए गए
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Sun, 02 Oct 2016 01:46 AM IST
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चौरी। जौनपुर- वाराणसी सीमा पर स्थित भद्रकाली मंदिर में दर्शन करने के लिए गया चौरी बाजार का एक किशोर शनिवार सुबह वसुही नदी में नहाते समय डूब गया। हादसे की खबर लगते ही घर में कोहराम मच गया। वाराणसी प्रशासन ने गोताखोर और एनडीआरफ की मदद ली लेकिन शाम तक किशोर का पता नहीं चल सका।
नवरात्र के पहले दिन शनिवार को चौरी बाजार से 15 की संख्या में किशोर जौनपुर- वाराणसी सीमा पर स्थित भद्रकाली दर्शन करने के लिए गए। दर्शन के दौरान कुछ किशोर मंदिर के समीप वसुही नदी में नहाने के लिए चले गए। नहाते समय गहरे पानी में जाने से चार किशोर डूबने लगे।
डूबते देख चौरी बाजार निवासी युवक तेज राजभर नदी में कूद गया और तीन डूबते किशोरों को बाहर निकाल लिया लेकिन शुभम विश्वकर्मा (14) पुत्र भाईलाल विश्वकर्मा का हाथ छूटने से वह डूब गया। उधर घटना की खबर लगते ही वहां गए सभी लोगों में हड़कंप मच गया। कई युवक उसे बचाने के लिए नदी में उतरे लेकिन तेज बहाव होने से सभी डर गए। सूचना मिलते ही सुरेरी, कपसेठी और चौरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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पुलिस ने गोताखोर को बुलाया। वाराणसी प्रशासन की ओर से मौके पर एनडीआरएफ की टीम भेजी गई। शाम तक एनडीआरएफ की टीम शुभम की तलाश करती रही लेकिन वह ढूंढ़ नहीं पायी। शुभम तीन बहनों में इकलौता था। वह स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज में 12वीं का छात्र था। बेटे के डूबने की खबर लगते ही मां रीता देवी बेहोश हो गयी।
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नवरात्र के पहले दिन शनिवार को चौरी बाजार से 15 की संख्या में किशोर जौनपुर- वाराणसी सीमा पर स्थित भद्रकाली दर्शन करने के लिए गए। दर्शन के दौरान कुछ किशोर मंदिर के समीप वसुही नदी में नहाने के लिए चले गए। नहाते समय गहरे पानी में जाने से चार किशोर डूबने लगे।
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डूबते देख चौरी बाजार निवासी युवक तेज राजभर नदी में कूद गया और तीन डूबते किशोरों को बाहर निकाल लिया लेकिन शुभम विश्वकर्मा (14) पुत्र भाईलाल विश्वकर्मा का हाथ छूटने से वह डूब गया। उधर घटना की खबर लगते ही वहां गए सभी लोगों में हड़कंप मच गया। कई युवक उसे बचाने के लिए नदी में उतरे लेकिन तेज बहाव होने से सभी डर गए। सूचना मिलते ही सुरेरी, कपसेठी और चौरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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पुलिस ने गोताखोर को बुलाया। वाराणसी प्रशासन की ओर से मौके पर एनडीआरएफ की टीम भेजी गई। शाम तक एनडीआरएफ की टीम शुभम की तलाश करती रही लेकिन वह ढूंढ़ नहीं पायी। शुभम तीन बहनों में इकलौता था। वह स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज में 12वीं का छात्र था। बेटे के डूबने की खबर लगते ही मां रीता देवी बेहोश हो गयी।