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Bhadohi News: मुफ्त अल्ट्रासाउंड का है नियम, गर्भवतियों को देने पड़ रहे पैसे

Sat, 15 Nov 2025 12:01 AM IST
वाराणसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भदोही
संवाद न्यूज एजेंसी, भदोही Updated Sat, 15 Nov 2025 12:01 AM IST
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There is a rule for free ultrasound, pregnant women have to pay money.
जौनपुर। शासन ने गर्भवतियों के लिए फ्री अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था की है। जहां अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है, वहां अनुबंधित प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्र में मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जाती है लेकिन जिले के 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में जाने वाली महिलाओं को यह सुविधा नहीं मिल रही है। उन्हें पैसे खर्च कर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही (चौथे से नौवें महीने) में गर्भवती महिलाओं को हर महीने की 1,9,16, और 24 तारीख को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त अल्ट्रासाउंड सहित गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल मिलती है।
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सरकार ने यह लाभ गर्भवती महिलाओं को फ्री में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए संबंधित प्रसूता की डिटेल्स आशा के माध्यम से ली जाती है। इसके बाद योजना का लाभ फ्री में दिया जाता है।
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जनपद के सीएचसी-पीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीन न होने के कारण तहसील स्तर पर कुल 43 प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्र से स्वास्थ्य विभाग ने समझौता किया है। जहां उन्हें प्रत्येक अल्ट्रासाउंड पर 425 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाता है। इसका लाभ हर महीने करीब तीन हजार गर्भवती महिलाओं को मिलता था।
इस समय इसका लाभ गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान समय में गर्भवती महिलाओं को अपने पास से 600-800 रुपये अल्ट्रासाउंड के नाम पर देना पड़ रहा है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड की इस सुविधा के नाम पर खेल किए जाने की भी आशंका जाहिर होती है। हालांकि ऐसी आशंका जाहिर करने वाली गर्भवती महिलाओं को जिम्मेदारी सीधे रेफर कर दे रहे हैं, जिससे मजबूरी में उन्हें भी प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्र पर ही जाकर अपनी जेब से रुपये देने पड़ रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केराकत के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार कनौजिया ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के लिए पहले अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था थी लेकिन अब वह सेवा बंद कर दी गई है।
पहले यह व्यवस्था जिला चिकित्सालय के माध्यम से लखनऊ को रिपोर्ट भेजकर की जाती थी, जहां फाइल तैयार कर गर्भवती महिलाओं का नाम, पता और अन्य विवरण दर्ज होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया होती थी। वर्तमान में यह प्रक्रिया पूरी तरह से बंद है, जिसके चलते गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। संवाद
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बहू रीता के प्रसव के दौरान सीएचसी से मुफ्त अल्ट्रासाउंड की कोई सुविधा न मिली। इसके चलते सितंबर में निजी पैथोलॉजी में ही अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा।-कमला देवी, बीरीबारी।
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जनवरी में प्रसव की तारीख दी गई है लेकिन दो बार परीक्षण उन्हें इस निजी पैथोलॉजी में ही कराना पड़ा। सीएचसी के मुफ्त परीक्षण के बजाय उन्हें आशा ने निजी पैथोलॉजी में जाने की सलाह दी।-गीता देवी, चंदवक।
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निःशुल्क सोनोग्राफी का प्रावधान विभाग की ओर से सिर्फ गर्भवती महिलाओं के लिए चल रहा था। अन्य मरीजों के लिए इस प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। धन के अभाव में दो माह से गर्भवती का निःशुल्क अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। इस सुविधा से प्रति माह लगभग 150 गर्भवती महिलाएं लाभान्वित हो रही थीं। -डॉ.अरविंद कुमार पांडेय, अधीक्षक, सीएचसी बदलापुर।
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किन्ही कारणों से पिछले दो माह से निजी पैथोलॉजी में भुगतान न होने के कारण यह सुविधा बंद है। अब सभी प्रसूताओं को अल्ट्रासाउंड के लिए जिले पर रेफर कर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के तहत प्रति दिवस 40 से 50 प्रसूताओं को यह सुविधा दी जा रही थी जो कि अब बंद हो गई है। -जितेंद्र गुप्ता, अधीक्षक सीएचसी डोभी
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एक रेडियोलाॅजिस्ट के सहारे चल रहे दो अस्पताल
शहीद उमानाथ सिंह जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। एक रेडियोलाॅजिस्ट के भरोसे दोनों अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की जिम्मेदारी है। हर रोज करीब 150 से 200 अल्ट्रासाउंड और 100 से अधिक एक्स-रे होता है। दोनों अस्पतालों में बारी-बारी से अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे करना पड़ता है। इतना ही नहीं मारपीट की घटनाओं की रिपोर्ट भी तैयार करनी पड़ती है। जरूरत पड़ने पर कोर्ट में गवाही के लिए भी पेश होना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को अल्ट्रासाउंड एक्स-रे के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।

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एक सितंबर से प्राइवेट अल्ट्रासाउंड संचालकों के भुगतान की प्रक्रिया बदल गई है। अब यह व्यवस्था एसएनए पोर्टल के माध्यम से होनी है। इस संबंध में अभी गाइड लाइन नहीं आई है। नई गाइड लाइन आते ही फिर से व्यवस्था लागू की जाएगी। सभी गर्भवती महिलाओं का जिला अस्पताल पर अल्ट्रासाउंड फ्री में कराया जा रहा है।- डाॅ. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ।
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