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Bhadohi News: हादसे के बाद 20 मिनट होता है गोल्डन पीरियड, 25 मिनट तक एबुलेंस में धक्के खाता रहा मरीज

Mon, 05 Jan 2026 01:20 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 01:20 AM IST
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There is a 20-minute golden period after an accident; the patient was jostled in the ambulance for up to 25 minutes.
ज्ञानपुर जिला अस्पताल में रेफर मरीज की एंबुलेंस को धक्का देते लोग। दुर्गेश यादव संवाद
ज्ञानपुर। सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं कितनी मुकम्मल हैं इसकी बानगी रविवार को जिला अस्पताल ज्ञानपुर में देखने को मिली। हादसे में घायल लोगों के लिए 20 मिनट गोल्डेन पीरियड माना जाता है। यहां मरीज को एंबुलेंस में शिफ्ट करने के बाद चालू करने में ही 25 मिनट बीत गए। फिर भी जब एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई तो डॉक्टरों ने दूसरी एंबुलेंस बुलाकर घायल को वाराणसी भेजा। हालांकि, इस दौरान परिजनों और डॉक्टरों की सांसें जरूर अटकी रहीं।
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ज्ञानुपर के पीपरगांव के पास रविवार की दोपहर औराई के कुरौना निवासी विनोद उर्फ राजू माली (33) व दिलीप माली बाइक से ऊगापुर जा रहे थे। वहीं, दूसरी ओर से वैगन-आर कार चालक रामनरेश बिंद (50) निवासी दानूपुर पुरबपट्टी घर जा रहे थे। पीपरगांव के पास बाइक और कार की टक्कर हो गई। इसमें बाइक सवार और कार सवार बगल में स्थित नहर में जा गिरे। घटना में बाइक सवार विनोद और दिलीप गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, रामनरेश को मामूली चोट आई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों घायलों को जिला अस्पताल ज्ञानपुर लेकर गई। यहां विनोद और दिलीप की गंभीर स्थिति को देखते हुए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के लिए डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। इसके बाद दो एंबुलेंस बुलाई गई। एक एंबुलेंस में दिलीप को शिफ्ट करके वाराणसी भेज दिया गया। दूसरी एंबुलेंस में विनोद को शिफ्ट किया गया। वह एबुलेंस स्टार्ट ही नहीं हुई। वहां मौजूद पुलिस और स्वास्थ्यकर्मी एंबुलेंस को धक्का लगाते रहे। लगभग 25 मिनट तक 30 मीटर की दूरी तक एंबुलेंस को धक्का देकर स्टार्ट करने का प्रयास किया गया। फिर भी एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई। इसके बाद दूसरी एंबुलेंस बुलाई गई। इसके बाद घायल को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
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हर दो मिनट में तय करनी होती है एक किलोमीटर दूरी
किसी भी दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए 20 मिनट गोल्डेन पीरियड होता है। इस बीच उसे किसी तरह से अस्पताल पहुंचाना होता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एंबुलेंस मरीज को शिफ्ट करने के बाद दो मिनट में एक किलोमीटर की दूरी तय करती है। ज्ञानपुर से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है। जितने समय में मरीज वाराणसी का आधा रास्ता तय करता उतना देर तो उसे धक्के खाने में बीत गए। रविवार को पीपरगांव में हुई सड़क दुर्घटना के बाद 15 मिनट के भीतर पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल तक तो पहुंचा दिया। वहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर करने का निर्णय लिया।
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यह है एंबुलेंस सर्विस की व्यवस्था
- हर महीने एबुलेंस की सर्विस के लिए आती है वैन।
- सर्विस वैन छोटे फॉल्टों को करती है ठीक।

- प्रयागराज और वाराणसी में है वर्कशॉप।

- एंबुलेंस की सर्विस सिर्फ कोरमपूर्ति के लिए होती है।

- अधिकारी नहीं करते हैं सर्विस की मॉनिटरिंग।


घायल व्यक्ति को तत्काल दूसरी एबुलेंस से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। एबुलेंस तकनीकी समस्या आने के कारण स्टार्ट नहीं हुई। एबुलेंस की रखरखाव और मेंटीनेंस के लिए संबंधित एजेंसी से नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ।
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